बिना परमिशन क्लीनिक चला रहे डॉक्टर ने चढ़ाया ड्रिप, शरीर में बढ़ी ग्लूकोज की मात्रा, हो गई मौत

Bhilaidurg News - 9 तारीख की सुबह-सुबह चार दस्त होने के बाद गौतम नगर निवासी मो. अनवर अपने बेटे मिन्हाज को पड़ोस के मेडिकल/क्लीनिक...

Bhaskar News Network

Oct 13, 2019, 06:40 AM IST
Bhilai News - chhattisgarh news doctors running without permission clinics offer drip increased glucose levels death
9 तारीख की सुबह-सुबह चार दस्त होने के बाद गौतम नगर निवासी मो. अनवर अपने बेटे मिन्हाज को पड़ोस के मेडिकल/क्लीनिक संचालक के डॉ. कृष्णा के पास क्या चले गए उसकी जान पर आ गई। त्वरित इलाज के चक्कर में सुबह से शाम तक उसने 2 साल 4 महीने के बच्चे को क्रमवार इतना ड्रिप लगा दिया कि फ्लूड ओवर लोड (ज्यादा पानी हो जाना) के कारण बच्चे की हालत सुधरने की जगह बिगड़ना शुरू हो गई। आनन-फानन में परिजनों ने उसे सेक्टर-9 अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया। दो दिनों के उपचार के बाद भी बच्चे की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ।

पानी ज्यादा होने के कारण लाख कोशिशों के बाद भी अंदरूनी अंग ठीक तरह से काम करना शुरू नहीं किए। शनिवार की सुबह करीब 3 बजे उसकी मौत हो गई। मौत के बाद आरोपी डॉक्टर विरुद्ध लोगों ने कार्रवाई की मांग शुरू कर दी। ऐसे में डॉ. अपनी क्लीनिक/मेडिकल बंद करके फरार हो गए।

खुर्सीपार गौतमनगर इलाके का मामला, आक्रोशित परिजन और मोहल्ले वालों ने की कार्रवाई की मांग

सही उपचार में देरी : गलती का एहसास हुआ तो क्लीनिक बंद कर डॉक्टर भागा

मिन्हाज

पिता ने कहा- चार बार दस्त हुआ, शाम तक डॉ. कृष्णा ने पांच बॉटल चढ़ा दिया

मिन्हाज के पिता मो. अनवर ने बताया कि बेटे को चार बार दस्त हुआ तो पड़ोस के मेडिकल/क्लीनिक संचालक डॉ. कृष्णा के उसे क्रमवार पांच बॉटल पानी चढ़ा दिया। रात में करीब 9 बजे उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई और हम लोग सेक्टर-9 ले गए। वहां बताया कि ज्यादा पानी चढ़ा दिया गया है।

आईएमए प्रेसिडेंट बोले- इस नाम को कोई डॉक्टर ही नहीं

आईएमए भिलाई प्रेसिडेंट डाॅ. ताबीज अख्तर ने कहा कि, डॉक्टर कृष्णा नाम का कोई भी डॉक्टर संगठन में नहीं है। एक डॉक्टर थी जो सरकारी अस्पताल में पदस्थ थी। खुर्सीपार की घटना के संबंध में जानकारी प्राप्त हुई है। नॉन एमबीबीएस को हम मेंबरशिप भी नहीं देते हैं।

चिंताजनक: गौतम नगर खुर्सीपार में डॉक्टरों की लापरवाही से तीसरी मौत

गौतम नगर में रहने वालों के मुताबिक उनके आसपास बैठने वाले डॉक्टरों की वजह शनिवार को तीसरी मौत हुई। 4 साल पहले गली नं-4 के सामने बैठने वाले पटेल डॉक्टर के इंजेक्शन लगाने के बाद निसार की बेटी ने दम तोड़ दिया था। एक बच्चे की मौत भी मोहल्ले के डॉक्टर के कारण हुई।

जितनी मात्रा में ड्रिप चढ़ाते हैं, उतना या कम यूरीन मरीज को आना चाहिए, नहीं तो खतरा

फीजिशियन डॉ. गोवर्धन के मुताबिक डायरिया या अन्य किसी भी बीमारी में मरीज की क्लीनिकल स्थिति के अनुसार ही ड्रिप दिया जाता है। जितनी मात्रा में ड्रिप चढ़ाते हैं, उतना या थोड़ा कम यूरीन मरीज को आना चाहिए। अगर यूरीन नहीं आ रहा और ड्रिप चढ़ाया जाता रहा तो फ्लूड ओवर लोड कि स्थिति बन जाती है। शरीर में ज्यादा पानी हो जाता है, हार्ट फेल होने की संभावना बन जाती है। त्वरित योग्य डॉक्टर से इलाज नहीं मिले तो मरीज को बचाना मुश्किल होता है।

नान एमबीबीएस को परमिशन नहीं दी है...


पूरे प्रकरण की जांच होगी, कार्रवाई भी तय


Bhilai News - chhattisgarh news doctors running without permission clinics offer drip increased glucose levels death
X
Bhilai News - chhattisgarh news doctors running without permission clinics offer drip increased glucose levels death
Bhilai News - chhattisgarh news doctors running without permission clinics offer drip increased glucose levels death
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना