शिक्षा विभाग ने 6 साल से 600 शिक्षाकर्मियों का 80 लाख रुपए अशंदान नहीं कराया जमा

Bhilaidurg News - विभागीय लापरवाही की वजह से पिछले छह साल से करीब 600 शिक्षाकर्मियों का 80 लाख रुपए अशंदान पेंशन के पैसे जमा नहीं हुए...

Bhaskar News Network

Oct 13, 2019, 06:51 AM IST
Durg News - chhattisgarh news education department did not deposit rs 80 lakh of 600 education workers for 6 years
विभागीय लापरवाही की वजह से पिछले छह साल से करीब 600 शिक्षाकर्मियों का 80 लाख रुपए अशंदान पेंशन के पैसे जमा नहीं हुए हैं। प्रभावित शिक्षाकर्मी अपने काटे गए पैसे के लिए परेशान चक्कर काट रहे हैं। उसके बाद भी यह मामला सुलझ नहीं रहा। जिम्मेदार अफसरों का इस प्रकरण में गोल-मोल जवाब चल रहा है।

दुर्ग जिले में वर्ष 2012-13 में शिक्षाकर्मियों के वेतन से अंशदान पेंशन कटौती शुरू हुई। इसमें प्रत्येक शिक्षाकर्मी के वेतन के बेसिक से 10 प्रतिशत राशि काटकर एनएसडीएल में ट्रांसफर करने का नियम था। राज्य शासन से सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत नियुक्त शिक्षाकर्मियों का वेतन ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय और जिला पंचायत द्वारा नियुक्त शिक्षाकर्मियों का वेतन जिला पंचायत में आवंटन आता रहा। इस राशि से शिक्षाकर्मियों के वेतन के हिस्से से बाकायदा दस प्रतिशत अंशदान पेंशन की राशि हर महीने की काटी गई। लेकिन इसे जमा नहीं कराया जा रहा है।

गड़बड़ी को आप ऐसे समझें : अलग-अलग तरह से दिक्कतें

प्रान नंबर है तो जमा पैसे कम है: प्रभािवत परमानंद देवांगन का प्रान नंबर तो सही है लेकिन उनके वेतन से अप्रैल 2012 से 2019 तक कुल 74 महीने का कटौती के पैसे जमा दिख रहा है जबकि काटी गई राशि के हिसाब से 85 महीने के पैसे जमा होना चाहिए था। इसी तरह तामेश्वर प्रसाद से 87 महीने के पैसे कटौती की गई और 14 महीने का पैसा गायब है। जिसके लिए वे परेशान है।

प्रान नंबर जनरेट करने में गड़बड़ी का नतीजा भुगत रहे

प्रत्येक शिक्षाकर्मी की पेंशन राशि जमा करने एनएसडीएल के द्वारा प्रान नंबर जनरेट किया जाता है। यह प्रान नंबर ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा जनरेट कर एनएसडीएल में भेजा गया। एनएसडीएल द्वारा जब जनरेट प्रान नंबर के हिसाब से अधिकृत एक्सिस बैंक खाते में राशि भेजी गई तो प्रान नंबर संबंधित शिक्षाकर्मी के नाम से मिलान नहीं हो पाया। इसलिए शिक्षाकर्मियों के वेतन से की गई कटौती उनके खाते में ट्रांसफर ही नहीं हुए।

कटौती पूरी की पर पैसे नहीं जमा: उपेन्द्र कुुमार कटेन्द्र को जून 2014 से लेकर दिसंबर 2015 तक प्रति महीने अंशदान कटौती की गई। उनका स्वयं का अंशदान प्रति महीने 1476 और नियोक्ता का अंशदान 1476 कुल कटौती 2952 रुपये के हिसाब से काटा गया। दोनों का अंशदान 25 हजार 72 खाते में जमा नहीं की गई है। राजेश चंद्राकर का भी 14760 रुपये जमा नहीं हुए।

अंशदायी पेंशन कटौती के पैसे से ब्याज खा रहा है शिक्षा विभाग

अंशदान पेंशन के रूप में शिक्षाकर्मियों के वेतन से बीईओ कार्यालय और जिला पंचायत द्वारा काटे गए लाखों रुपये इन दोनों विभागों के खाते में हैं। प्रभावितों के मुताबिक करीब 80 लाख रुपये दोनों विभाग के पास अंशदान पेंशन कटौती के जमा हैं। जमा राशि पर बैंक औसतन हर साल 6 प्रतिशत ब्याज देती है। इस हिसाब से विभाग को शिक्षाकर्मियों के करीब 5 लाख रुपये बतौर ब्याज के रूप में मिल रहा है।

बढ़े वेतनमान पर कटौती नहीं : शासन ने पुनरीक्षित वेतनमान मई 2013 से लागू िकया। पुष्पांजलि का बेसिक पहले 5 हजार 130 रुपये था। वेतनमान बढ़ने के बाद भी कटौती दस प्रतिशत के हिसाब से प्रति महीने 513 रुपये कट रहा था उसे ही काटा जा रहा है। जबकि नए वेतनमान के हिसाब से प्रति महीने 963 रुपये कटना चाहिए। हर महीने 1926 रुपये का नुकसान हो रहा।

प्रभावित शिक्षाकर्मियों को तीन तरह से नुकसान

विभागीय लापरवाही की वजह से प्रभावितों को तीन तरह से नुकसान उठाना पड़ रहा है। पहला कि वेतन से दस प्रतिशत राशि खुद के कटे लेकिन जमा नहीं हुए। दूसरा नियोक्ता का अशंदान इतने ही प्रतिशत शिक्षाकर्मियों को मिलता इसका लाभ नहीं मिला। तीसरा जमा पैसे पर ब्याज नहीं मिल रहा।

प्रान नंबर गलत जनरेट हुआ, मैनें सूचना दी है

प्रान नंबर गलत जनरेट होने की वजह से उनके खाते में काटी गई रकम यहां से ट्रांसफर नहीं हो पा रहा है। हमारे पास भी शिकायतें आई हैं। लगातार एनएसडीएल को अवगत करा चुके। आश्वासन के बाद भी कोई सुधार नहीं हो पाया है। डॉ. केवी राव, बीईओ दुर्ग

प्रभावित शिक्षाकर्मी कितने है देख रहे

िकतने प्रभावित शिक्षाकर्मियों के पैसे जमा है इसे दिखवाता हूूं। शासन से मार्गदर्शन मांगेगे। -बीके मिश्रा, नोडल अधिकारी शिक्षा, जिला पंचायत

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