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एक महीने में 60 लोग विदेश से ट्विनसिटी लौटे सिर्फ 44 को ही कर पाए ट्रेस, 16 का पता नहीं

एक वर्ष पहले
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चीन समेत अलग-अलग देशों में कोरोना वायरस फैलने के बाद ट्विनसिटी से विदेशों में नौकरी करने गए लोग अब लौटने लगे हैं। पिछले तीन दिन में ही 12 लोग यहां लौटे हैं। जिनमें 8 लोग विदेशों में नौकरी करने वाले हैं। सभी लोगों को उनके घर पर ही होम आइसोलेशन में रखा गया है। हैरत की बात यह है कि अब तक 60 लोग विदेश से शहर में लौटे हैं लेकिन 44 लोगों को ही स्वास्थ्य विभाग ट्रेस कर पाया है। 16 लोगों की पतासाजी की जा रही है।

भिलाई-दुर्ग से विदेशों में नौकरी करने वाले इस बीमारी के खतरे को देखते हुए यहां लौट रहे। लोगों ने विदेश में पढ़ने भेजे अपने बच्चों को भी बुलाने लगे हैं। दो छात्र अब तक यहां लौट चुके हैं। विभागीय रिकॉर्ड के मुताबिक, इन दिनों वियतनाम, इंडोनिशया, मलेशिया, थाइलैंड, और सिंगापुर से तीन दिनों में 12 लोग वापस आए।

2 हजार से ज्यादा की ड्यूटी: स्वास्थ्य विभाग ने गुरूवार को जिलेभर के एनएमए और फील्ड सुपरवाइजरों को विदेश से लौटे लोगों को पता लगाने का जिम्मा सौंपा है। जिले में 2 हजार से ज्यादा एनएमए और फील्ड सुपरवाइजर हैं। ये जिले में सर्वे करेंगे।

विदेश से लौटे 60% लोग टाउनशिप के हैं

विदेश से लौटे लोगों में सबसे ज्यादा टाउनशिप के रहने वाले लाेग हैं। कुल 44 विदेश रिटर्न ट्रेस हुए हैं उनमें 26 लोग टाउनशिप के रहवासी हैं। 18 लोग शहर के पाश कालोनी में रहने वाले हैं। स्मृतिनगर, नेहरूनगर, दुर्ग सहित अन्य कालोनियों में रहते हैं। इनका होम आइसोलेशन हो रहा है।

विभाग को एक की रिपोर्ट का है इंतजार

विदेश से आने वाले लोगों को स्वास्थ्य विभाग ने होम आइसोलेशन में रखा है। इसमें से पहले के 9 लोगों में सर्दी, खांसी , बुखार और श्वांस लेने में तकलीफ होने की वजह से ब्लड, श्वांब थ्रोट सेंपल लिए गए। सेंपल जांच के लिए एम्स रायपुर भेजा गया। रिपोर्ट 8 लोगों की आई है जो निगेटिव हैं। एक की रिपोर्ट नहीं आई है।

असर: बीएसपी में बॉयोमीट्रिक सिस्टम एक महीने के लिए बंद

इधर कोरोना के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए बीएसपी प्रबंधन ने अटेंडेंस के बॉयोमीट्रिक सिस्टम पर एक महीने के लिए रोक लगा दी है। इस दौरान अटेंडेंस मैन्युअल होगा। यानि कार्मिकों को रजिस्टर में हस्ताक्षर अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी। इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट पहले ही आदेश जारी कर चुका है। इसके बाद इंटक, सीटू सहित अन्य यूनियनों ने भी बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली को निलंबित करने की मांग की थी।

राउरकेला और इस्को प्रबंधन बॉयोमीट्रिक सिस्टम पर महीने भर के लिए रोक लगाने का आदेश पहले ही जारी कर चुके हैं। ईडी पीएंडए सुरेश कुमार दुबे के बाहर होने के की वजह से बीएसपी में इस संबंध में निर्णय गुरुवार को लाया गया। अब कर्मी 31 मार्च तक बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली से हाजिरी भेजने वाले सभी कर्मी पुराने पद्धति के अनुसार रजिस्टर पर दस्तखत करेंगे। बीएसपी प्रबंधन ने जारी सर्कुलर में बताया कि कोरोना वायरस एक संक्रामक बीमारी है। जिसमें इस वायरस से प्रभावित वस्तु का स्पर्श भी शामिल ह। इससे बचने के लिए व कर्मियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बॉयोमीट्रिक सिस्टम में उपस्थिति में पंच करना होता है उसे तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक के लिए निलंबित किया जाता है। सर्कुलर में बताया गया कि इस अवधि में कर्मी अपनी उपस्थिति प्रवेश व छुट्टी के समय केवल अपने कार्ड से उपस्थिति दर्ज करेंगे। इस फैसले पर यूनियनों की ओर से आभार जताया गया।

सरकारी इंतजाम पर ताला: जिला अस्पताल में बनाया गया है कोरोना वायरस वार्ड मगर वहां कोई डॉक्टर नहीं

जिले के 1105 व सरकारी व 620 स्कूल बंद रहेंगे

कोरोना की वजह से डीपीआई संचालक जितेंद्र शुक्ला ने आदेश में कहा है कि 31 मार्च तक शासकीय और निजी स्कूलों को बंद रखें। जिले के 1105 शासकीय और 620 निजी स्कूल प्रभावित होंगे। स्कूल बंद रखने का आदेश जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास सिंह बघेल ने भी जारी कर दिया है। इस दौरान बोर्ड कक्षाओं 10वीं और 12वीं की निर्धारित तिथियों में परीक्षाएं होती रहेंगी। आने वाले दिनों में होने वाली 9वीं और 11वीं की परीक्षाएं भी निर्धारित समय के अनुसार होंगी।

ट्रेस किया जा रहा है...


एअरपोर्ट से लौटने वालों को सर्च कर रहा विभाग

कोरोना वायरस को लेकर दुर्ग सहित प्रदेशभर में एहतियात बरती जा रही है लेकिन विभाग एक नई समस्या से जूझ रहा है। लोग सीधे एयरपोर्ट से स्क्रीनिंग के बाद घर चले जाते हैं। जब सूची आती है और दूसरे दिन विभाग उनके नाम-पते ठिकाने में पहुंचता है तो नहीं मिलते। ऐसे की तलाश विभाग को है। डॉक्टरों के मुताबिक ये बड़े खतरे हो सकते हैं इसलिए कि ये दूसरों को भी फैला सकते हैं।

होम आइसोलेशन में किसी को एंट्री भी नहीं

हाेम आइसोलेशन में ऐसे लोगों को विभाग ने उनके परिवार से अलग रखा है। जिस कमरे में हैं वहां कोई दूसरा व्यक्ति 14 दिनों तक नहीं जा पाएगा। खाने-पीने सहित जरूरत के समान दरवाजे पर ही रखवा रहे। स्वास्थ्य विभाग मोबाइल पर हर दिन ऐसे लोगों से बात कर यह पता कर रहा है उसे सर्दी, खांसी, बुखार या फिर श्वांस लेने में दिक्कतें तो नहीं आ रही।

जिला अस्पताल में कोरोना वायरस के मरीजों को रखने अलग वार्ड बनाया है। यहां ताला बंद मिला। कोई डॉक्टर भी यहां नहीं दिखा।
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