• Hindi News
  • Local
  • Chhattisgarh
  • Bhilai
  • Bhilai News chhattisgarh news in the city39s largest hospital more than 100 illegal private attendant management kept a blind eye on everything not even their record

शहर के सबसे बड़े अस्पताल में 100 से ज्यादा अवैध निजी अटेंडर प्रबंधन को सब पता पर आंखें मूंद रखी, इनका रिकॉर्ड तक नहीं

Bhilai News - सेक्टर-9 अस्पताल में 100 से ज्यादा प्राइवेट अटेंडर सेवाएं दे रहे हैं। बुधवार को अस्पताल में भर्ती मरीजों से पूछताछ...

Oct 17, 2019, 06:45 AM IST
सेक्टर-9 अस्पताल में 100 से ज्यादा प्राइवेट अटेंडर सेवाएं दे रहे हैं। बुधवार को अस्पताल में भर्ती मरीजों से पूछताछ करने पर इसकी पोल खुली है। हर वार्ड में औसतन दो या उससे अधिक मेल और फीमेल प्राइवेट अटेंडर मिले हैं।

मरीजों की सेवा के लिए सबने 500 रुपए से 700 रुपए में 24 घंटे सेवाएं देना स्वीकार किया है। जिन मेल मरीजों के घर पर अस्पताल में 24 घंटा रहने के लिए कोई मेल पर्सन नहीं है, उन्होंने अपनी सेवा के लिए मेल या फीमेल प्राइवेट अटेंडर रखा है। ये हर वार्ड में स्वयं द्वारा तय रेट पर सेवाएं दे रहे हैं। जबकि किसी को भी अस्पताल प्रशासन ने मौखिक या लिखित परमिशन नहीं दी है। यह बात अलग कि इसकी जानकारी अस्पताल प्रशासन से लेकर सेल प्रबंधन तक को है। हैरानी की बात तो ये है कि सेक्टर-9 में सेवा देने वाले इन प्राइवेट अटेंडर का एक भी रिकॉर्ड से-9 प्रबंधन और पुलिस प्रशासन के पास मौजूद नहीं है।

ये है हाल : 24 घंटे सेवा देते हैं.. 500 से 700 रु. है इनका चार्ज

अस्पताल स्टॉफ खुद देते हैं अटेंडर का फोन नंबर

जानिए मरीजों से कैसे हो जाता है इन अटेंडरों का संपर्क: दरअसल सबने हर वार्ड में अपने संपर्क नंबर दे दिए हैं। वार्ड में जैसे ही कोई नया मरीज पहुंचता है। उसके पास जाकर अपनी सेवा व चार्ज के बारे में बताते हैं। परिजन राजी हो जाए तो उनके अटेंडर कार्ड पर सेवाएं देने लगते हैं। परिजनों के पूछने पर अस्पताल स्टॉफ भी इनका नंबर मरीज के घर वालों को दे देते हैं। ऐसे इनका काम चलता रहता है। जबकि ऐसा करना अस्पताल प्रबंधन के प्रोटोकॉल में उल्लेखित नहीं है।

नियम है कि अटेंडेंट या फूड पास के बिना प्रवेश की इजाजत नहीं, लेकिन इनके लिए पूरी छूट

अस्पताल प्रबंधन के नियम को देखे तो अस्पताल के वार्डों में अथराइज पास के बिना प्रवेश करने की इजाजत नहीं है। निर्धारित समय पर गार्ड उन्हें ही अंदर जाने देते हैं, जिनके पास फूड या अटेंडर पास होता है। किसी भी मरीज के भर्ती के समय इन दोनों प्रकार कम्प्यूटराइज्ड पास मरीज के अटेंडर को दिए जाते हैं।

अनपढ़ से लेकर 10वीं पास युवा भी कर रहे अटेंडर का काम: सेक्टर-9 अस्पताल में अटेंडर की सेवाएं देने वाले अनपढ़ से लेकर 10वीं पास हैं। पड़ोसी की अच्छी इनकम देख कोई इस काम में आ गया है, तो किसी का रिश्तेदार इसमें अच्छी कमाई बताकर लगा दिया है। अटेंडरों की ही माने तो सेवा के इस कार्य से सबकी हर माह औसतन 10 हजार तक इनकम हो जाती है। ये हर मरीज से अलग-अलग सौदा करते हैं। और चार्ज वसूलते हैं।

भास्कर जब अस्पताल पहुंचा तो वहां फीमेल अटेंडर मिले। इनके पास परमिशन लेटर या पास नहीं मिला।

चोरी, फीमेल डॉक्टर से मिस बिहेव.. शिकायत हुई पर ध्यान नहीं दिया

पड़ताल में पता चला कि मोबाइल चोरी, पर्स चोरी, फिमेल स्टॉफ से मिस बिहेव होने जैसे कई घटनाओं की जानकारी सेल प्रबंधन को दे दी गई थी, पर वहां से कोई एक्शन नहीं हुआ। अधिकारी प्राइवेट अटेंडर को लीगल करने या उसका कोई विकल्प तैयार करने को रोज कल पर टालते रहे। दुष्कर्म के प्रयास में जिस प्राइवेट अटेंडर को जेल भेजा गया, कुछ अटेंडरों ने भी उसकी मौखिक शिकायत की थी।

  फग्गन सिंह कुलस्ते, केंद्रीय इस्पात राज्य मंत्री

इस पर मैं तत्काल एक्शन लेने वाला हूं..



अटेंडेंट के लिए विकल्पों पर विचार


दिव्यांग को घुमाने के बहाने मंदिर ले गया, अंधेरा होने पर किया दुष्कर्म

क्राइम रिपोर्टर | दुर्ग

दिव्यांग युवती के साथ स्कूल के कमरे में बंधक बनाकर दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। स्कूल का चौकीदार बहला फुसला कर उसे अपने साथ मंदिर घुमाने ले गया। अंधेरा होते ही उसे स्कूल के कमरे में ले गया। यहां उसके साथ शारीरिक संबंध बना लिए। दिव्यांग को तलाश रहे परिजन ने दोनों को देख लिया। इस पर आरोपी दिव्यांग को छोड़कर मौके से भाग गया। पीड़िता ने घर में परिजन को पूरा वाकया बताया।

पदभनाभपुर पुलिस चौकी ने आरोपी सूर्यकांत (24) पिता तेजराम निवासी इंदिरा कॉलोनी को गिरफ्तार किया है। एएसआई शैल शर्मा ने बताया कि घटना सोमवार शाम करीब 5 बजे की है। किशोरी घर के पास नल में पानी भर रही थी। इसी दौरान आरोपी पहुंचा और मानसिक स्थिति का फायदा उठाया।

X

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना