महाप्रभु ने भक्तों को स्वर्ण वेश में दिए दर्शन, कल श्रीमंदिर में प्रवेश

Durg Bhilai News - बाहुड़ा यात्रा के साथ भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ श्रीमंदिर लौट चुके हैं। लेकिन माता लक्ष्मी ने...

Bhaskar News Network

Jul 14, 2019, 06:45 AM IST
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बाहुड़ा यात्रा के साथ भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ श्रीमंदिर लौट चुके हैं। लेकिन माता लक्ष्मी ने मंदिर का द्वार अभी नहीं खोला है। इसलिए महाप्रभु को रथ में ही रात बितानी पड़ी। 15 जुलाई को निलाद्री विजय पर्व के साथ महाप्रभु जगन्नाथ को रथ से उतारकर श्रीमंदिर में भक्ति भाव से प्रवेश कराया जाएगा।

इससे पहले शनिवार को भगवान का स्वर्ण वेश में शृंगार किया गया। उत्कल सांस्कृतिक परिषद के जगन्नाथ मंदिर सेक्टर-6 के तत्वावधान में महाप्रभु जगन्नाथ के गुंडिचा मंडप से वापस श्रीमंदिर प्रांगण में आने के दूसरे दिन (गरुड़ शयन) दिवादशी पालन रथ पर किया गया। सुबह भगवान को नित्य कर्म सोदशा उपचार पूजन, बाल भोग, भक्तों को दर्शन, मध्याह्न भोग के बाद दोपहर के समय रथ का पट बंद किया गया। संध्या आरती पुजारी तुषार कांत महापात्र ने कराई। इस दिन भगवान के विग्रह का नया शृंगार किया गया। दिन भर भजन-कीर्तन के साथ पूजा-पाठ चलता रहा। महाप्रभु जगन्नाथ का सोना वेश का दर्शन भक्तों ने किया। स्वर्ण वेश पर्व पर जगन्नाथ भगवान सिर से पांव तक सोने के जेवरों से लदे होते हैं। शुक्रवार को बाहुडा़ यात्रा के बाद शनिवार को सोना वेश अतिमहत्वपूर्ण दिन माना जाता है। महाप्रभु के साथ ही देवी सुभद्रा और बलभद्र के भी सोना वेश में दर्शन किए गए। मंगला आरती व मैलमा-तडपा, लागी परंपरा का का पालन किया गया। सोना वेश से पूर्व संध्या आरती की गई। महाप्रभु ने स्वर्ण युक्त श्रीहस्त, श्रीपयार, श्रीमुक्ता, श्रीमयूर चंदिका, श्रीचोलापाटी, श्रीकुंडल, श्रीराहुरेखा, श्रीमाला, पद्ममाला, सेवती माला, अगस्ती माला, कदंबमाला, कंटेमाला, मयूरमाला, चंपामाला, श्रीचिता, श्रीचक्र आदि धारण किया था। दर्शन के लिए सैकड़ों भक्त पहुंचे।

भजन-कीर्तन: दर्शन करने पहुंचे भक्त

प्रभु जगन्नाथ, भाई बलभद्र व बहन सुभद्रा का स्वर्ण वेश में शृंगार हुआ।

कल निलाद्री विजय पर्व मनाया जाएगा

जगन्नाथ समिति सेक्टर-4 के तत्वावधान में भगवान जगन्नाथ की वापसी रथयात्रा, सेक्टर-10 के गुंडिचा मंडप से निकलकर से.-4 मंदिर लौट आई है। लेकिन मां लक्ष्मी ने श्रीमंदिर का पट नहीं खोला। महाप्रभु ने रथ पर रात बिताई। शनिवार को उन्होंने रथ पर स्वर्ण वेश में दर्शन दिए। महाप्रभु 15 जुलाई को शाम 7 बजे श्रीमंदिर प्रवेश करेंगे, तब तक भगवान रथ पर विराजमान रहेंगे। से. 6 में सोमवार को निलाद्री विजय संध्या 5 बजे बड़े मनाया जाएगा।

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