एमबीबीएस फाइनल का रिजल्ट जारी31 तक इंटर्नशिप ज्वाइन करनी होगी

Bhilai News - पं. दीनदयाल उपाध्याय अायुष विवि ने एमबीबीएस फाइनल ईयर पार्ट दो का रिजल्ट जारी कर दिया है। पास छात्रों को 31 मार्च...

Mar 27, 2020, 06:50 AM IST

पं. दीनदयाल उपाध्याय अायुष विवि ने एमबीबीएस फाइनल ईयर पार्ट दो का रिजल्ट जारी कर दिया है। पास छात्रों को 31 मार्च तक इंटर्नशिप ज्वाइन करना होगा। ऐसा नहीं करने पर वे अगले साल प्री पीजी टेस्ट नहीं दे पाएंगे। दरअसल चिंता इस बात की है कि छात्र परीक्षा के पास अपने-अपने घर चले गए हैं। लाॅकडाउन के कारण वे कॉलेज भी नहीं आ पाएंगे। कॉलेज प्रबंधन भी उहापोह में है कि आखिर छात्रों का इंटर्नशिप कैसे शुरू हो। दूसरी ओर पिछले साल से ज्वाइन किए छात्रों का इंटर्नशिप शनिवार तक खत्म हो जाएगा। एमबीबीएस फाइनल ईयर पार्ट दो का रिजल्ट 83 फीसदी रहा। परीक्षा में 541 छात्रों मेें 450 पास हुए हैं। ये परीक्षा नेहरू मेडिकल कॉलेज रायपुर के अलावा सिम्स बिलासपुर, रायगढ़, राजनांदगांव व जगदलपुर मेडिकल कॉलेजों में हुई। परीक्षा पिछले माह हुई। ऑब्स एंड गायनी में ऑब्स का पेपर खुल गया था। हालांकि यह परचा अगले ही दिन करवा लिया गया था। इसलिए न परीक्षा प्रभावित हुई और न रिजल्ट में देरी हुई। अब रिजल्ट के बाद कॉलेज प्रबंधनों के पास उहापोह की स्थिति है कि पास स्टूडेंट को इंटर्नशिप के लिए कैसे बुलाएं। लॉकडाउन के कारण एक शहर से दूसरे शहर सफर नहीं कर सकते। आल इंडिया कोटे वाले स्टूडेंट दूसरे राज्य चले गए हैं। फ्लाइट व ट्रेन बंद है। इस कारण वे रायपुर नहीं आ पाएंगे। नेहरू कॉलेज प्रबंधन की योजना है कि छात्रों से ऑनलाइन इंटर्नशिप ज्वाइन कराया जाए, जिससे देरी न हो। इसके लिए एमसीआई से मार्गदर्शन भी मांगा जाएगा। वर्तमान में 14 अप्रैल तक न क्लास शुरू होगी और न लॉकडाउन खत्म होगा। अगर स्टूडेंट 14 अप्रैल तक ज्वाइन नहीं करेंगे तो इंटर्नशिप करने में देरी होगी। वे प्री पीजी टेस्ट भी नहीं दे पाएंगे, जो उनके लिए काफी महत्वपूर्ण होता है।

दुर्ग स्थित निजी मेडिकल कॉलेज की परीक्षा रद्द : दुर्ग स्थित चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज ने एमबीबीएस फाइनल ईयर परीक्षा कराने से इनकार कर दिया था। वहां फेल हुए केवल 10 स्टूडेंट थे। कॉलेज के इनकार के बाद आयुष विवि ने वहां की परीक्षा निरस्त कर दी। अब ये छात्र आगामी परीक्षा में शामिल होंगे।

इंटर्नशिप के क्या मायने : इंटर्नशिप इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि एमबीबीएस के छात्र की यह आखिरी पड़ाव होता है। कॉलेज में पढ़ाई के बाद ही संबद्ध अस्पताल में एक साल की ट्रेनिंग होती है।

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