फसल नुकसान का मुआवजा मिला नहीं, अब 1.40 लाख एकड़ की खड़ी फसल पर पड़े ओले
16 दिन पहले रबी फसल की तबाही से किसान उबर नहीं पाए थे कि शुक्रवार की रात बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि हो गई। किसानों को अब दोहरी मार झेलनी पड़ेगी। पहले की हुई क्षति का मुआवजा मिलना शुरू नहीं हुआ और अब नया संकट सामने खड़ा हो गया। प्रशासन 56 हजार 565 एकड़ फसल बर्बाद होने पर 26 करोड़ 27 लाख 39 हजार रुपये क्षतिपूर्ति राशि देने जा रही है। जिले में 1 लाख 40 हजार 110 एकड़ की फसल बची रही जिसे अब फिर से क्षति पहुंची है।
जिले में 25 फरवरी को भारी बारिश और ओलावृष्टि हुई थी। इसका सर्वे सरकार करवा चुकी है और क्षतिपूर्ति देने जा रही है। हाल यह है कि क्षतिपूर्ति के रूप में किसानों को आज-कल में मुआवजा बांटने की तैयारी चल ही रही है कि शुक्रवार रात अचानक तेज बारिश और ओलावृष्टि हो गई। इससे खेतों में बची-खुची फसलों को भारी क्षति हुई है। खासकर गेंहू, मक्का,सूर्यमुखी, मंसूर, चना, सरसों, सब्जियों में टमाटर, प्याज, केले की फसलें खराब हो गई। इन फसलों को पहले ही क्षति पहुंची थी।
1 लाख 40 हजार 110 एकड़ में तैयार फसलें
जिले में रबी फसल इस बार 1 लाख 96 हजार 875 एकड़ क्षेत्रफल में ली गई थी। 25 फरवरी की बारिश और ओलावृष्टि के बाद सर्वे रिपोर्ट के हिसाब से अब तक 27 हजार 533 किसानों की 56 हजार 565 एकड़ रबी फसल को क्षति पहुंची। इस क्षति का मुआवजा के रूप में किसानों को सरकार 26 करोड़ 27 लाख 39 हजार देगी। अब बचत 1 लाख 40 हजार 110 एकड़ पर फसलें तैयार थी।
किसानों की बात } ढाई एकड़ प्याज की फसल नष्ट, चना और धनिया भी बर्बाद
दुर्ग ब्लॉक के कुथरैल गांव के किसान जागेश्वर प्रसाद बतातें हैं कि गेंहूं की फसल 3 एकड़ पूरी खराब हो गई। किसान अजय ने बताया कि केले के पेड़ पूरी तरह लोट गए। ढाई एकड़ प्याज की फसल नष्ट हो गई। पाटन खर्रा के किसान कुलदीपधर दीवान ने बताया कि एक एकड़ में चना व एक एकड़ में धनिया था। वह पूरी तरह नुकसान हो गया है। ग्राम अटारी के किसान कमल किशोर वर्मा का तो सभी फसल खराब हो गया।वर्मा ने 5 एकड़ में तिवरा और 2 एकड़ में धनिया और इतने ही एकड़ चने की फसल ली है।ग्राम तुलसी के किसान बबला ठाकुर 2 एकड़ में मक्का की फसल ली है जिसे क्षति हुई। धमधा क्षेत्र में जाताघर्रा के किसान देवी प्रसाद वर्मा, सुखराम पटेल, धर्मपाल वर्मा,देवदत्त वर्मा ,विक्कू पटेल ,प्रदीप वर्मा ने चना टमाटर, गेहूं ,पपीता लगाए हैं। बताया कि चना तो पहले ही बर्बाद हो चुका है थोड़ा बहुत बचा था उसे इस पानी ने बर्बाद कर दिया।
बड़ा सवाल ? बची फसलों के क्षति पर मिलेगा मुआवजा
प्रशासन ने 25 फरवरी को हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि से फसल क्षति की पूरी रिपोर्ट तैयार कर ली है। किस-िकस किसानों को कितना नुकसान हुआ है और कितना मुआवजा देंगे यह सूची भी बना ली है। अब फिर से शुक्रवार को बारिश और ओलावृष्टि से किसानों को क्षति पहुंची है। ऐसे में यह सवाल किसानों के जेहन में है कि क्या उनकी इस क्षति का मुआवजा प्रशासन देगा।
दोहरी मार: 27 हजार 533 किसानों की 56 हजार 565 एकड़ रबी फसल हुई खराब
इस बार दुर्ग के किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान
एक दिन पहले हुई बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान दुर्ग ब्लॉक के किसानों को हुआ है। इसलिए कि प्रशासन द्वारा 16 दिन पहले जो सर्वे करवाई गई है उसमें धमधा क्षेत्र के 50 हजार 958 एकड़ का फसल क्षति को शामिल किया गया है। यानी यहां बोई गई 95 फीसदी रकबा को क्षति में लिया गया है। दुर्ग ब्लॉक में सबसे कम 1940 एकड़ की फसल बर्बाद हुई।
कुथरेल गांव के किसान के खेत में गेंहूं के फसल को हुआ नुकसान।