अब टोकन से 25 फीसदी ज्यादा धान नहीं बेच पाएंगे किसान, शासन से आदेश जारी

Bhilai News - मंगलवार को उतई धान खरीदी केंद्र का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर। धान खरीदी की स्थिति जिलेवार जिला किसान...

Dec 04, 2019, 07:57 AM IST
मंगलवार को उतई धान खरीदी केंद्र का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर।

धान खरीदी की स्थिति जिलेवार

जिला किसान संख्या खरीदी क्विं. में

दुर्ग 2738 120819.20

बालोद 5289 198085

बेमेतरा 2660 2743.64

जिले के 3 लाख 30 हजार किसानों के लिए नई समस्या आ गई

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अंतर्गत तीन जिले के 3 लाख 30 हजार 247 किसानों ने धान बेचने के लिए पंजीयन करवाया है। इनमें से 80 प्रतिशत किसान इस नए आदेश से प्रभावित हो सकते हैं। सूत्र बताते है कि दुर्ग, बालोद, बेमेतरा के इन किसान कई साल से टोकन लिमिट से 25 प्रतिशत ज्यादा की व्यवस्था में ही धान बेचते आ रहे हैं। टोकन लेने के बाद अचानक इस नए आदेश से नई समस्या आ गई। किसानों का कहना है कि सभी किसान अपने पूरे धान की मिंजाई नहीं कर सके हैं इसलिए जितनी मिंजाई हुई है उतने के हिसाब से पहले टोकन कटवाएं है।

नए आदेश के अनुसार ही बुधवार से सहकारी समितियों में धान की खरीदी की जाएगी।

खरीदी केंद्रों से बिना वेरीफिकेशन नहीं होगा धान का परिवहन

प्रशासन खरीदी केंद्रों से धान का परिवहन तभी करवाएगी जब मिलों का वेरीफिकेशन होगा। पिछली बार धान परिवहन के लिए एसोसिएशन के माध्यम से पंजीयन किया गया था। इसलिए मिलों का सत्यापन नहीं किया गया। नतीजा कि बंद मिलें और बिना बिजली कनेक्शन वाले मिलरों को भी धान की मिलिंग करने के लिए दे दिया गया था। इसकी वजह से पिछले साल का चावल ऐसे मिलर्स ने नवंबर तक जमा नहीं कर पाए। इसलिए कि धान की मिलिंग उन्होंने अपने मिल की बजाय दूसरे मिलों से करवाई और समय लगा दिए।

इस तरह सरकार ने कर दी लिमिट व्यवस्था खत्म

सालों से यह व्यवस्था थी कि एक किसान के पास दो एकड़ खेत है तो वह 29 क्विंटल 60 किलो धान बेच सकता है। यानी 74 बोरा धान बेचेगा। किसान इसी हिसाब से पंजीयन के दौरान अपना रकबा सॉफ्टवेयर में दर्ज करवाया। जब टोकन वितरण हुआ तो उसकी फसल की मिंजाई चल रही इसलिए उसने टोकन 50 बोरा धान बेचने का लिया। बाकी धान अपने खाने के लिए रखा। इस टोकन लेने के बाद किसान को 62 बोरा धान बेच सकता था।

सॉफ्टवेयर में पुराने सिस्टम को शाम से कर दिया बंद

सरकार ने किसानों से धान बेचने का पंजीयन के दौरान सॉफ्टवेयर में उनका रकबा दर्ज किया है। यानी एक किसान का रकबा 3 एकड़ है और उसने धान तय लिमिट के हिसाब से कम बेचा। उसके बाद भी किसानों का धान ज्यादा नहीं खरीदना है। नया आदेश के बाद सॉफ्टवेयर में पुराने सिस्टम को शाम से बंद कर दिया ।

उतई धान खरीदी केंद्र पहुंचकर लिया जायजा

कलेक्टर अंकित आनंद मंगलवार को धान खरीदी केंद्र पहुंचे। उतई धान खरीदी केंद्र में उन्होंने किसानों से चर्चा की और समस्याओं को पूछा। यहां की रजिस्टर की जांच की और समिति प्रबंधक गिरधर सोनी से ब्योरा जुटाया। कलेक्टर ने कहा कि अवैध धान कोचिए न बेंच पाए इसके लिए किसानों की ऋण पुस्तिका की बारीकी से जांच हो।

25 फीसदी ज्यादा खरीदी लिमिट हो गई समाप्त


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