अब वेज रिवीजन की तैयारी में जुटा प्रबंधन एनजेसीएस की बैठक से शुरू होगी प्रक्रिया

Durg Bhilai News - लोकसभा चुनाव के मद्देनजर एक मार्च को होने वाली एनजेसीएस बैठक में वेज रिवीजन पर चर्चा शुरू करने की तैयारी है। इस...

Bhaskar News Network

Feb 14, 2019, 02:16 AM IST
Bhilai News - chhattisgarh news now the management of the preparation of the vege revision will start from the njcs meeting
लोकसभा चुनाव के मद्देनजर एक मार्च को होने वाली एनजेसीएस बैठक में वेज रिवीजन पर चर्चा शुरू करने की तैयारी है। इस बार प्रबंधन ने वेज रिवीजन 5 वर्ष की बजाए अफसरों की तरह 10 वर्ष के लिए करने के संकेत भी दिए हैं।

एक मार्च को एनजेसीएस की बैठक होनी है। इसी माह लोकसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लागू किए जाने की संभावना है। आचार संहिता लागू हो गई तो प्रबंधन कर्मियों के हितों से जुड़े किसी भी मुद्दे पर चर्चा शुरू नहीं कर सकता। ऐेसे में प्रबंधन की तैयारी एनजेसीएस की बैठक में वेज रिवीजन पर चर्चा शुरू करते हुए उसे प्रक्रिया में लाने की है। ताकि बाद में आचार संहिता लागू भी हो गया तो उस पर किसी तरह का प्रभाव ना पड़े। वैसे भी तीन साल बाद कंपनी मामूली ही क्यों ना सही प्रॉफिट में तो आ ही गई है। पेंशन स्कीम को मंजूरी देने के बाद वेज रिवीजन की प्रक्रिया भी शुरू करने की संभावना बढ़ गई है।

जानिए : इसलिए शुरू होगी लोकसभा चुनाव पूर्व प्रक्रिया

1. सेल में करीब सवा लाख अधिकारी और कर्मचारी हैं। वे दो से साल वेज रिवीजन का इंतजार कर रहे हैं लेकिन अब तक चर्चा तक शुरू नहीं हो पाई है। इसका असर लोकसभा चुनाव में दिख सकता है। सत्तापक्ष के लिए कर्मियों की नाराजगी भारी पड़ सकती है। लिहाजा आचार संहिता पूर्व वेज रिवीजन की प्रक्रिया शुरू कर प्रबंधन कर्मियों के आक्रोश को शांत कर सकता है।

10 साल के लिए वेतन निर्धारण के संकेत

कर्मियों का वेज रिवीजन अफसरों की तरह 10 वर्ष के लिए हो सकता है। इसके संकेत सेल चेयरमैन अनिल चौधरी दे चुके हैं। सूत्रों की माने तो ऐसा कर प्रबंधन एक तीर से दो निशाने साध रहा है। पहला कि कमजोर माली हालत का हवाला देकर अपनी शर्तों पर वेज रिवीजन कराएगा। वहीं समझौता 10 साल के लिए लागू होने से 5 साल बाद फिर वेज रिवीजन करने का दबाव नहीं रहेगा।

2. सेल तीन साल बाद प्रॉफिट में पहुंचा है। वर्तमान वित्तीय वर्ष के पहले दो तिमाही में ही वह करीब साढ़े 11 सौ करोड़ का प्रॉफिट कर चुका था। तीसरी तिमाही में यह आंकड़ा करीब 1700 करोड़ में पहुंच चुका है। मार्केट सेल के उत्पाद की बढ़ती डिमांड को देखते हुए प्रबंधन को उम्मीद है कि चौथे तिमाही में प्रॉफिट का आंकड़ा 2500 करोड़ तक पहुंच सकता है उसे भी पार कर सकता है।

डीपीई को भी वेज रिवीजन से आपत्ति नहीं

कर्मियों का वेज रिवीजन 10 साल के लिए किया जाता है तो उससे डायरेक्टोरेट ऑफ पब्लिक इंटरप्राइजेस को भी आपत्ति नहीं होगी। वह पहले ही गाइड लाइन जारी कर चुका है। इसमें स्पष्ट है कि 10 साल के लिए वेतन समझौता करने की स्थिति में कंपनी औसत को पार ना करे। यानि 5-5 साल में होने वाले वेतन समझौते में जिस औसत को आधार बनाता रहा है, 10 साल के लिए समझौता होने पर उस औसत से अधिक ना हो।

3. सेल भले ही तीन साल बाद प्रॉफिट में है लेकिन वह इतनी बड़ी नहीं है जिससे कंपनी अपने पहले के घाटों को पाट सके। लिहाजा प्रबंधन इसे हथियार के रूप में इस्तेमाल करते हुए एनजेसीएस सदस्य यूनियनों पर दबाव बनाने के लिए कर सकती है। सदस्य यूनियनें भी कंपनी की माली हालत को देखते हुए पूर्व के वेज रिवीजन की तरह दबाव बना पाएंगे, इसे लेकर संदेह है।

प्रावधान के बाद हटा ली थी राशि

वेज रिवीजन एक जनवरी 2017 से लंबित है। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2017-18 में बजट प्रावधान किया था। पहले तीन तिमाही तक तो प्रबंधन वेज रिवीजन के लिए लगने वाली राशि का बजट प्रावधान करता रहा, ताकि वेज रिवीजन के लागू होने पर एरियर का भुगतान किया जा सके। लेकिन प्रबंधन ने एेन वक्त पर चौथी तिमाही में उस प्रावधान को हटा लिया था। उसी समय तय हो गया था कि वेज रिवीजन के लिए कर्मियों को इंतजार करना पड़ सकता है। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2018-19 के पहले तीन तिमाही में कंपनी के प्रॉफिट में आने के बाद चौथी तिमाही में एक बार फिर वेज रिवीजन के लिए बजट प्रावधान की संभावना जताई जा रही है।

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