भिलाई बन रहा मेडिकल हब, एम्स में सफल छात्रों की संख्या बढ़ी

Bhilaidurg News - ट्विनसिटी इंजीनियरिंग के साथ अब मेडिकल हब भी बन रहा है। दिल्ली एम्स में प्रवेश लेना जो कभी सपना रहा है, वहां भी अब...

Bhaskar News Network

Jun 14, 2019, 06:45 AM IST
Bhilai News - chhattisgarh news number of successful students in bhilai becoming medical hub aiims increased
ट्विनसिटी इंजीनियरिंग के साथ अब मेडिकल हब भी बन रहा है। दिल्ली एम्स में प्रवेश लेना जो कभी सपना रहा है, वहां भी अब भिलाई के बच्चे एडमिशन लेने में सफल हो रहे हैं। रिसाली के गगन दलाल ने एम्स प्रवेश परीक्षा में आल इंडिया लेबल पर 7वां और अवधेश चंदेल ने ओबीसी वर्ग में 28वां। दो साल पहले मृणाल देवांगन ने आल इंडिया लेबल पर 26वां और भास्कर साहू ने 30वां स्थान बनाया है। इस बार परीक्षा में शामिल कुल परीक्षार्थियों में से करीब 20 फीसदी छात्र सफल हुए और कई छात्रों को एम्स प्रवेश परीक्षा में सफलता मिली है।

टॉपर गगन दलाल अपने माता-पिता और अपने गुरू के साथ।

पैरेंट्स और टीचर्स का मिला मार्गदर्शन, तब ये संभव

टॉपर गगन ने कहा, शुरू से ही पैरेंट्स और स्कूल-कोचिंग टीचर का सपोर्ट मिला। टॉप करने के बाद गगन ने पिता डॉ. अतुल दलाल, मां डॉ. पूर्वी दलाल, गुरु आशुतोष माहेश्वरी व विनय सिंह के साथ खुशियां बांटी। गगन ने कहा कि, रोजाना 7 से 8 घंटे पढ़ाई की। रिवीजन महत्वपूर्ण था। पुराने पेपर्स को सॉल्व किया। जिसकी वजह से ये सब संभव हो पाया।

मेडिकल की पढ़ाई व तैयारी के लिए भिलाई उपर्युक्त जगह

नीट के बाद एम्स में भी छात्रों ने इसे साबित किया

भिलाई में लगातार नीट और एम्स की कोचिंग की अच्छी व्यवस्था बनते जा रही है। यही कारण है कि नीट और एम्स प्रवेश परीक्षा में छात्रों को सफलता मिल रही है। नीट का रिजल्ट हर साल बहुत बढ़िया आ रहा है। परीक्षा में शामिल होने वाले 3200 बच्चों में से 30 फीसदी से ज्यादा बच्चे मेडिकल कॉलेजों के लिए चयनित हो रहे हैं। एम्स में ट्विनसिटी के चयनित छात्रों की संख्या में करीब 20 फीसदी वृद्धि हुई है।

गगन दलाल का जिप्मर में भी आया 92वां रैंक

रिसाली के गगन दलाल ने नीट और एम्स में स्टेट टॉपर होने का गौरव हासिल किया ही, इसके साथ ही उन्होंने पांडिचेरी स्थित देश के दूसरे नंबर के मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के लिए हुई परीक्षा में 92वां रैंक हासिल किया। पूरे देश से सिर्फ 200 बच्चों का ही चयन होता है। इस बार जिप्मर जैसी कठिन परीक्षा में ट्विनसिटी के छात्रों ने सफलता पाई है। गगन के मातापिता दोनों डॉक्टर हैं। बड़ा भाई अमन नागपुर मेडिकल कॉलेज में पढ़ रहा है।

अब नहीं जाना पड़ेगा कोटा भिलाई में बेहतर माहौल

एक्सपर्ट कहते हैं, अभी तक मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश की तैयारी के लिए अधिकांश छात्रों और उनके अभिभावकों का रूख कोटा राजस्थान होता था, लेकिन यहां की कोचिंग संस्थाएं और योग्य टीचर की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। यही कारण है कि भिलाई के बच्चे अब मेडिकल के क्षेत्र में भी शहर का नाम रोशन कर रहे हैं। प्रदेश में अन्य शहरों की अपेक्षा भिलाई में पढ़ाई का माहौल बेहतर है।

X
Bhilai News - chhattisgarh news number of successful students in bhilai becoming medical hub aiims increased
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना