आरक्षण विरोधी विचारधारा पर ओबीसी संगठन एकजुट, 13 को बंद का आह्वान

Bhilai News - छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रदेश के ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देकर उन्हें उनका संवैधानिक अधिकार देने का निर्णय...

Nov 11, 2019, 06:40 AM IST
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रदेश के ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देकर उन्हें उनका संवैधानिक अधिकार देने का निर्णय लिया गया, जिसके विरुद्ध कुछ संगठनों व व्यक्तियों द्वारा उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई है। इसे लेकर ओबीसी और एससी-एसटी के संगठनों ने आरक्षण विरोधी विचारधारा के खिलाफ लड़ाई लड़ने निर्णय लिया है और इसी कड़ी मे 13 नवंबर को छत्तीसगढ़ बंद का आह्वान संयुक्त मोर्चा द्वारा किया गया है।

इसे सफल बनाने एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के संगठनों के प्रमुखों की बैठक सतनाम भवन सेक्टर-6 में साहू समाज के प्रदेश अध्यक्ष अर्जुन हिरवानी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में आरक्षण के जनक छत्रपति साहूजी महाराज और डाॅ. बाबा साहेब अंबेडकर को नमन कर उनके बताए संघर्ष पथ पर चलने का संकल्प लिया गया। बैठक को गिरधर मढ़रिया, भगत सोनी, केके वर्मा, रामकृष्ण जांगडे, एसके केशकर, हरेंद्र नेताम, एफएस ठाकुर, एमएल मंडावी, भोजराम डड़सेना, बीएल चन्द्राकर, मन्नू लाल परगनिहा, एमएन यादव ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि हमें अपने हक के लिए एकजुट होकर संघर्ष करना होगा और 13 नवंबर के बंद को एतिहासिक तरीके से सफल बनाना होगा। अजाक्स के कार्य. प्रांताध्यक्ष अनिल मेश्राम ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 340 में ओबीसी, 341 में एससी और 342 मे एसटी को आरक्षण के लिए अधिसूचित किया गया है। छत्तीसगढ़ मे निवासरत ओबीसी को उसका संवैधानिक हक देर से ही सही लेकिन मिलना जरूर चाहिए। बैठक में जेएल राय, एमएन यादव, केके वर्मा, तेज बहादुर बंछोर, अश्विन वासनिक, बीके निरापुरे, बी आर कठाने, अभिषेक बोरकर, मुकुंद बंसोड, राकेश ठाकुर सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित थे।

सतनाम भवन, से. 6 में एससी, एसटी, ओबीसी संगठनों की बैठक हुई।

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