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लीजधारकों को जारी हुआ मालिकाना हक

एक वर्ष पहले
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पुराने लीजधारकों को अब काबिज जगह पर मालिकाना हक दिए जाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। गुरुवार को शनिचरी बाजार क्षेत्र में अंकित गुप्ता को मालिकाना हक पत्रक जारी किया गया। शासन के निर्देश पर जारी किए जाने की यह शहर में पहली कार्रवाई है। इधर अब तक आए आवेदनों के सत्यापन व अन्य प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जा रही है। डेढ़ महीने पहले शनिचरी बाजार में श्याम सेनेटरी के संचालक अंकित गुप्ता ने अपने पट्टे में भूमिस्वामी हक के लिए आवेदन किया था। उनके आवेदन पर उन्हें मालिकाना हक जारी किया गया।

दुर्ग जिले में हैं इस समय 1.25 लाख लीजधारक
जिले में इस पर करीब 1.25 लाख लीजधारक हैं। वर्ष 1979 से अब तक 1.25 लाख से अधिक पट्टे अलग-अलग प्रयोजन के लिए जारी किए गए हैं। इसमें पहले पंचायतों को आबादी पट्टा जारी करने का अधिकार दिया गया। इसके बाद कलेक्टर को टोकन दरों पर संस्थाओं को नजूल जमीन के पट्टे जारी करने का अधिकार दिया गया। कृषि प्रयोजन के लिए भी जमीन दी गई। वर्ष 1980, वर्ष 1982, वर्ष 1984, वर्ष 1998, वर्ष 2000 में अस्थाई लीज जारी की गई।


सरकारी भूमि का भी हो सकेगा आवंटन

नई व्यवस्था के तहत अब सरकारी जमीनों को भी लीज पर जारी किया जा सकेगा। निकाय क्षेत्रों में 7500 वर्गफीट तक 30 वर्षीय पट्टे पर इसे कलेक्टर द्वारा जारी किया जा सकेगा। इससे अधिक की जमीन के मामले में निर्णय केबिनेट करेगी। अतिक्रमित शासकीय भूमि के व्यवस्थापन का अधिकार कलेक्टर को सौंपा गया है। इसको लेकर शासन स्तर पर प्लानिंग की गई थी।

लीज को लेकर शासन ने जारी की है गाइड लाइन

शासन ने गाइड लाइन जारी की है। इसमें गैर रियायती दरों पर आवंटित भूमि को गाइडलाइन की दर की कीमत के दो प्रतिशत, रियायती दर पर आवंटित भूमि को गाइडलाइन दर की कीमत की 102 प्रतिशत राशि एवं अतिक्रमित भूमि को गाइडलाइन की दर की कीमत से 152 प्रतिशत राशि जमा करने पर भूमिस्वामी हक परिवर्तित किया जा सकेगा। इससे नवीनीकरण करने की आवश्यकता नहीं होगी। नगर तथा ग्राम निवेश के भूमि प्रयोजन के अनुसार व्यावसायिक प्रयोजन पर परिवर्तित किया जा सकेगा।
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