टाउनशिप में 25 करोड़ से बने 35 गार्डन को रोशन करने बिजली चोरी, निगम को नोटिस
टाउनशिप में नगर निगम ने 25 करोड़ खर्च कर अलग-अलग सेक्टर्स में 35 गार्डन बनाए लेकिन इन्हें रौशन करने के लिए बिजली कनेक्शन नहीं लिया। कटिया डालकर इन बागों को रौशन किया जा रहा है। करीब चार साल बाद बीएसपी के नगर सेवाएं विभाग ने बिजली कनेक्शन लेने के लिए निगम को नोटिस जारी किया है।
निगम प्रशासन ने चार साल पूर्व अलग-अलग मदों से बीएसपी के टाउनशिप में विभिन्न सेक्टर्स में गार्डन तैयार किए हैं। इसके लिए जमीन बीएसपी की ओर से उपलब्ध कराई गई। निर्माण पूर्व निगम प्रशासन ने बीएसपी से एनओसी ली। छोटे और मंझोले आकार के 35 गार्डन बनकर तैयार हो चुके हैं, जिन गार्डन की लागत 3 करोड़ से अधिक है, उनका निर्माण कार्य फिलहाल जारी है। लेकिन जो गार्डन बन चुके हैं, वहां बीते चार साल से विधिवत बिजली कनेक्शन नहीं लिया गया है। लिहाजा गार्डन को रौशन करने के लिए कटिया डालकर अवैध कनेक्शन लिया गया है। बीएसपी को नुकसान हो रहा।
विवाद के बाद सीईओ का फरमान भी हुआ बेअसर
निगम के गार्डन में अवैध बिजली कनेक्शन लिए जाने को लेकर निगम व बीएसपी प्रबंधन के बीच विवाद भी हो चुका है। तीन साल पूर्व निगम निर्मित बगीचों में अवैध कनेक्शन होने की जानकारी उस वक्त के सीईओ को मिलने पर उन्होंने तत्काल प्रभाव से सारे गार्डन के अवैध कनेक्शन को काटने के निर्देश दिए थे। नगर सेवाएं विभाग ने कार्रवाई भी की पर स्थिति जस की तस हो गई।
विधानसभा में बिजली बिल में छूट का मुद्दा भी उठा
इधर वर्तमान विधानसभा सत्र में टाउनशिप में उपभोक्ताओं को राज्य शासन की ओर से निर्धारित यूनिट तक बिजली खपत करने पर दी जाने वाली छूट का मुद्दा उठा। जिस पर प्रबंधन ने पक्ष रखते हुए सदन को बताया है कि बीएसपी द्वारा टाउनशिप के उपभोक्ताओं से राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा निर्धारित दरों से ही शुल्क वसूला जाता है। सिस्टम हैंडओवर करने की प्रक्रिया अभी चल रही है।
आगे क्या: निगम को बिजली कनेक्शन वैध करवाना होगा
गार्डनों में बिजली के लिए बीएसपी से कनेक्शन नहीं लिया गया है।
कई गार्डन कबाड़ में हो रहे तब्दील
जिन वार्डों के पार्षद अपेक्षाकृत प्रभावशाली नहीं है, वहां बीएसपी की कार्रवाई थोड़ा बहुत प्रभावी दिख रही है। नतीजा कुछ गार्डन ऐसे भी हैं जहां बिजली कनेक्शन नहीं होने की वजह से लोगों ने जाना बंद कर दिया। इसके कारण गार्डन में लगे उपकरण जंग लगकर कबाड़ में तब्दील हो रहे हैं। कहीं झूला टूट चुका तो कहीं फिसल पट्टी खराब हो चुकी है लेकिन उनका मेंटनेंस नहीं किया जा रहा।
हर महीने लाखों रु. का नुकसान हो रहा
अब तक खुर्सीपार इलाके में बीएसपी के मकानों में कब्जेधारियों द्वारा बिजली चोरी किए जाने से बीएसपी प्रबंधन परेशान था। यहां उसे बिजली चोरी के कारण हर साल करीब तीन करोड़ का नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं निगम के नए गार्डन उसके लिए एक और समस्या बनती जा रही हैं। इन गार्डन में चोरी की बिजली जलाने से उसका हर महीने लाखों का नुकसान हो रहा है।
बीएसपी की कार्रवाई के बाद भी सुधरी नहीं स्थिति
निगम के बगीचों में चोरी की बिजली रोकने के लिए नगर सेवाएं विभाग के बिजली सेक्शन की ओर से समय-समय पर कार्रवाई करते हुए कटिया हटाया गया लेकिन जिन वार्डों के पार्षद रसूखदार हैं, उनके यहां गार्डन में दो-चार दिनों के बाद दोबारा कटिया डालकर बिजली सप्लाई शुरू कर दी जाती है। वहीं कुछ गार्डन ऐसे भी हैं, जहां बिजली नहीं होने की वजह से रात होते ही वहां असामाजिक तत्व जमना शुरू हो जाते हैं।