एप व फर्जी आईडी से 300 रु. में थर्ड एसी तो 200 रु. में दे रहे स्लीपर की कन्फर्म टिकट

Bhilai News - टिकट दलाल यात्रियों को किराए की राशि से 300 रुपए ज्यादा लेकर थर्ड एसी का और 200 रुपए अधिक लेकर स्लीपर का कन्फर्म टिकट...

Apr 19, 2019, 06:46 AM IST
टिकट दलाल यात्रियों को किराए की राशि से 300 रुपए ज्यादा लेकर थर्ड एसी का और 200 रुपए अधिक लेकर स्लीपर का कन्फर्म टिकट लेकर बेच रहे हैं। इसके लिए उन्होंने रेलवे की ऑनलाइन टिकट वितरण सिस्टम की इंटरनेट स्पीड को ब्रेक कर रखा है या फिर एक ऐसा एप बना रखा है, जिसमें वांछित जानकारियों को रात में ही फिलअप कर लेते हैं और सुबह 10 बजे तत्काल का काउंटर खुलते ही उसे फीड कर देते हैं। जैसे- वाट्सएप में हम पहले से कापी किए हुए कंटेंट या फोटो को कॉपी कर फारवर्ड कर देते हैं, ठीक उसी तरह तत्काल या फिर प्रीमियम टिकट के काउंटर में वह जानकारी फारवर्ड कर रहे हैं।

इसका खुलासा आरपीएफ की जांच में हुआ है। आरपीएफ ने लगातार पिछले दिनों फर्जी आईडी से टिकट बनाने वाले दलालों को पकड़ा। जिनसे सख्ती से पूछताछ की और जांच में इस बात की पुष्टि हो रही है।

जानकारी के मुताबिक, आम यात्रियों को काउंटर खुलने के बाद अपनी आईडी से सारी जानकारियां फीड करनी होती है। जब तक कार्रवाई पूरी होती है, तब तक टिकट दलाल टिकट ले चुका होता है। इससे सिस्टम की पोल खुल गई है।

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अलग एप बनाया, एक बार में ले लेते हैं 10 टिकट: जांच में आरपीएफ को पता चला है कि दलाल एक अलग एप बना रखे हैं। ट्रेन शुरू होने के 24 से 4 घंटे तक की पूरी जानकारी फीड करके रखे हैं। कहां से कहां तक जाना है, दुर्ग, पावर हाउस का कोटा? इससे टिकट कन्फर्म कर रहे हैं।

सस्ती दरों की टिकट पर इसलिए फोकस

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केस -1: टिकट के लिए बना रखा था 18 फेक आईडी : उतई के वार्ड 14 में अजय वर्मा 18 फेक आईडी बनाकर टिकट बेच रहा था। एसी थर्ड प्रति टिकट 300 और स्लीपर 200 रुपए ले रहा था। बकायदा ओटीपी भी जनरेट करता था।

इंटरनेट की स्पीड 0. 3 सेकंड करते हैं कम: टिकट दलाल रेलवे के इंटरनेट की स्पीड से अधिक गति से काम करने वाला सॉफ्टवेयर का उपयोग कर रहे हैं। जो 0.3 सेकंड अधिक तेजी से चलता है। उन्हें सामान्य यात्रियों की तुलना में जल्दी और कन्फर्म टिकट मिल जाता है।

टिकट दलालों को आईआरसीटीसी की नियमित वेबसाइट से टिकट की दलाली में प्रति टिकट 30 से 40 रुपए ही मिलते हैं। इसके स्थान पर फेक आईडी से टिकट लेने पर उन्हें यात्रियों प्रति व्यक्ति एसी थर्ड के लिए 300 रुपए और स्लीपर टिकट के लिए 200 रुपए मिल रहा है। तत्काल व प्रीमियम में मुनाफा ज्यादा है।

केस-2: सॉफ्टवेयर से एक साथ ले रहा था 10 टिकट : सेक्टर-7 भिलाई में आरपीएफ ने अभिषेक अजीते को पकड़ा। सॉफ्टवेयर बना रखा था, एक साथ 10 टिकट ले रहा था। 48 तत्काल टिकट, कंप्यूटर सेट मिला था।

नियमित ट्रेनों को छोड़ स्पेशल ट्रेनों पर नजर: सामान्य यात्रियों को सीजन में चलने वाली स्पेशल ट्रेनों, द्वि या त्रि साप्ताहिक ट्रेनों की जानकारी नहीं होती। फायदा भी दलाल उठाते हैं। नियमित ट्रेनों को छोड़ स्पेशल ट्रेनों और सप्ताह में दो बार या फिर एक सप्ताह में एक बार चलने वाली ट्रेनों पर नजर है।

केस-3: बेच रहा था तत्काल के साथ प्रीमियम टिकट : भिलाई-3 शांति पारा में संजीव चौधरी को पकड़ा गया। एक सप्ताह तक उसका निरीक्षण किया गया। उसके पास से 32 तत्काल और प्रीमियम टिकट, 22 आईडी मिला था।

  अनुराग मीणा, कमांडेंट आरपीएफ रायपुर मंडल

जांच में कई खुलासे हुए हैं, होती रहेगी कार्रवाई...




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