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103 स्कूलों के 52 हजार बच्चों को ट्रैफिक के जवान बताएंगे नियम

Dainik Bhaskar

Jan 14, 2019, 02:20 AM IST

Durg Bhilai News - यातायात विभाग अब शहर के ग्रामीणों को ट्रैफिक एजुकेशन देगी। गांव के बच्चों को यातायात का पाठ पढ़ाने के लिए...

Bhilai News - chhattisgarh news rules to tell traffic jawans to 52 thousand children of 103 schools
यातायात विभाग अब शहर के ग्रामीणों को ट्रैफिक एजुकेशन देगी। गांव के बच्चों को यातायात का पाठ पढ़ाने के लिए सामुदायिक पुलिसिंग हमर दुआर हमर रखवार कार्यक्रम चलाया जाएगा। इसके तहत एक दिवसीय यातायात जागरूकता कार्यक्रम सुरक्षा संस्कार का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान धमधा और पाटन ब्लॉक के 50 स्कूलों में स्कूली बच्चों को ट्रैफिक एजुकेशन की सीख दी जाएगी। 16 जनवरी से होने वाले आयोजन में जिले के 103 शहरी एवं ग्रामीण शैक्षणिक संस्था के लगभग 52000 विद्यार्थियों को यातायात नियम के संबंध में जानकारी दी जाएगी। यह कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क दुर्घटनाओं में हुई बढ़ोत्तरी के बाद चलाया जाएगा। शहर से ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में हो रही है। इसके चलते यातायात विभाग ने ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रैफिक एजुकेशन देने का निर्णय लिया।

ट्रैफिक एजुकेशन : गांव में सड़क दुर्घटनाओं में इजाफा होने पर यातायात नियमों की जानकारी देने का पुलिस ने लिया निर्णय

सुरक्षा संस्कार के तहत शहर में वाहन चालकों को ट्रैफिक नियमों का पालन करने की समझाइश दी जा रही है।

एक नजर जिले में हुए हादसों में मौत पर

263 मौतें हुई थी साल 2016 में

251 मौतें हुई थी साल 2017 में

227 मौतें हुई थी साल 2018 में

सुरक्षा संस्कार द्वारा बच्चों के माध्यम से उनके परिजन तक पहुंचाया जाएगा संदेश

एडिशनल एसपी ट्रैफिक बलराम हिरवानी ने बताया कि आयोजन का मुख्य उद्देश्य आने वाली युवा पीढ़ी को यातायात नियम को लेकर जागरूक करना है। ताकि बच्चे अपने-अपने घर में परिजनों को भी यातायात नियमों का पालन न करने के दुष्परिणामों को बता सकेे। इसमें सुरक्षा संस्कार कार्यक्रम के तहत यातायात नियम से संबंधित जैसे सड़क पर पैदल कैसे चलना है, दो पहिया वाहन चलाते समय किन बातों का ध्यान रखना है , सुरक्षित वाहन चालन, यातायात संकेत के संबंध में जानकारी आदि की जानकारी दी जाएगी।

16 जनवरी को गांव के स्कूलों में शुरू होगा अभियान, छात्रों को बताएंगे ट्रैफिक रूल्स

16 जनवरी से यातायात विभाग द्वारा गांवों के स्कूलों में अभियान की शुरुआत की जाएगी। इस दौरान स्कूलों में जाकर ट्रैफिक पुलिस के जवान बच्चों को यातायात नियमों का पाठ पढ़ाएंगे। इस दौरान वरिष्ठ अधिकारी भी अभियान में हिस्सा लेंगे। बच्चों को बताया जाएगा कि ट्रैफिक रूल्स तोड़ने से किस प्रकार की जन हानि होने की संभावनाएं रहती हैं। यातायात विभाग द्वारा पहली बार इस तरह की पहल की गई है।

स्टेट हाइवे पर हादसे बढ़े, लेकिन घायल और मौतों के आंकड़े घटे

रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ के विभिन्न स्टेट हाईवे भी कम खतरनाक नहीं है। इनमें भी यात्रा के दौरान जान जोखिम में ले कर चलना पड़ता है। यह आंकड़ों से भी साबित होता है जो यह बताते हैं कि 2015 की तुलना में 2016 में दुर्घटनाओं का आंकड़ा बढ़ा। हालांकि बीते साल में साल 2017 के मुकाबले मौत व घायलों की संख्या कम हुई है। जहां वर्ष 2015 में हाईवे में 263 लोग मौत के शिकार हुए। वहीं 2016 में 265 में लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। साल 2017 में 251 सड़क हादसे का शिकार हुए। फोरलेन पर भी हादसे बढ़े हैं।

शहर से ज्यादा ग्रामीण क्षेत्रों में हो रही दुर्घटनाएं

यातायात विभाग के अफसरों के मुताबिक शहरी क्षेत्र से ज्यादा ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क दुर्घटनाओं में इजाफा हुआ है। इसका कारण ग्रामीणों को ट्रैफिक रूल्स की जानकारी नहीं होना सामने आया है। सुरक्षा संस्कार कार्यक्रम के तहत ग्रामीणों काे इसीलिए यातायात नियमों का पाठ पढ़ाया जाएगा ताकि वह वाहन चलाते समय इनका पूरी तरह पालन करें और दूसरों को भी इसकी जानकारी दें।

स्कूलों में बताएंगे रूल्स


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