सिंहदेव अफसरों से बोले- दफ्तर से निकलकर योजनाएं संचालित करें
अब प्रदेश के दूरस्थ इलाकों में सरकार की पेंशन योजनाएं बैंक सखी के जरिए चलाईं जाएंगी। शुक्रवार को पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए।। उन्होंने मनरेगा में अच्छा काम करने के लिए अमले की पीठ थपथपाई तो वहीं ग्रामीण विकास की योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों को गांवों का नियमित भ्रमण करने की भी जिम्मेदारी दी। उन्होंने कहा कि दफ्तर से निकलकर गांवों में योजनाएं लागू करें। इस मौके पर अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू और सचिव टी.सी. महावर के साथ सभी जिला पंचायतों के सीईओ भी मौजूद थे।
सिंहदेव ने कहा कि मनरेगा में छत्तीसगढ़ में लगातार हो रहे अच्छे कार्यों से प्रेरणा लेकर शीर्षस्थ राज्यों में स्थान बरकरार रखने की जरुरत है। सिंहदेव ने कहा कि गौठानों के सफल संचालन के लिए हरे और सूखे चारे की पर्याप्त उपलब्धता जरुरी है। इसके लिए चारागाह विकास के कार्यों को भी प्राथमिकता में शामिल करना होगा। पहले चरण में प्रदेश में एक हजार 757 गौठानों का निर्माण किया गया है। वहीं दूसरे चरण में दो हजार 602 गौठानें निर्माणाधीन हैं। पहले चरण में निर्मित एक हजार 104 चारागाहों में मवेशियों के लिए हरा चारा का उत्पादन किया जा रहा है। वहीं दूसरे चरण में स्वीकृत 469 चारागाहों में से 278 का काम प्रारंभ हो गया है।
उन्होंने स्वसहायता समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों की बिक्री के लिए ऐसे विभागों से जो इन उत्पादों का उपयोग करते हैं, उनसे समन्वय कर इनकी खरीदी को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि मनरेगा में 13 करोड़ के लेबर बजट के विरूद्ध अब तक 12 करोड़ 20 लाख मानव दिवस रोजगार का सृजन किया जा चुका है। यह लक्ष्य का 94 प्रतिशत है। वर्तमान में संचालित विभिन्न मनरेगा कार्यों में 13 लाख चार हजार श्रमिक कार्य कर रहे हैं।
सरगुजा जिले में बड़ा काम कर रहीं बैंक सखियां
सरगुजा जिले के 402 ग्राम पंचायतों के लिए नियुक्त 69 बैंक सखियों के द्वारा अब तक 21 हजार 897 पेंशन हितग्राहियों को 3 करोड़ 17 लाख रूपए की पेंशन राशि का घर-घर जाकर भुगतान कर बुजुर्गो, दिव्यांगों एवं बीमार पेंशनरों को राहत पहुंचाया गया है। महिला स्व-सहायता समूहों की पढ़ी-लिखी सदस्यों को विभिन्न बैंकों में प्रशिक्षण के माध्यम से बैंकिंग प्रक्रिया की जानकारी दी जाती है। इन्हें कार्य करने के लिए लेपटाप एवं थम्ब मशीन मुहैया कराया जाता है, जिसमें वह बैंकिंग सेवाएं जैसे नगद निकालना, अकाउंट खुलवाती हैं।
ननि रिसाली एक अप्रैल से स्वतंत्र : मंत्री डॉ. डहरिया ने किया सात करोड़ रूपए मंजूर
अगामी एक अप्रैल से नगर निगम रिसाली प्रदेश के 14 वें निगम के रुप में स्वतंत्र रुप से काम करने लगेगा। इसे लेकर नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू तथा विधायक एवं महापौर देवेन्द्र यादव की उपस्थिति में आज बैठक में नगर निगम भिलाई एवं रिसाली के बीच सम्पत्ति एवं दायित्वों का विभाजन की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है।
बैठक में नगर निगम रिसाली कार्यालय भवन का निर्माण संचित निधि से करने का निर्णय लिया गया। इस दौरान नगरीय प्रशासन मंत्री ने तात्कालीक कार्य और स्थापना व्यय के लिए 7 करोड़ रूपए की स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में नगर निगमों के बीच अस्तियों एवं दायित्वों के विभाजन के साथ-साथ अधिकारियों-कर्मचारियों के विभाजन के लिए भी मापदण्ड तय किया गया।