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जिपं अध्यक्ष को लेकर रात में बिगड़ा समीकरण सुबह वन-टू-वन बात की, फिर सहमति बनी

Bhilaidurg News - दुर्ग जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद को लेकर गुरूवार की रात कोलिहापुरी रिसोर्ट में हालात बिगड़ गए।...

Feb 15, 2020, 07:01 AM IST
Durg News - chhattisgarh news talked one to one in the morning about the disturbed equation in the night with the chairman of jp then agreed

दुर्ग जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद को लेकर गुरूवार की रात कोलिहापुरी रिसोर्ट में हालात बिगड़ गए। पर्यवेक्षक कोे सुबह सभी सदस्यों से अलग-अलग बुलाकर बात करनी पड़ी। गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू को भी मोर्चा संभालना पड़ा। उसके बाद हाईकमान का हवाला देते हुए तय नामों पर वोटिंग करने व्हिप जारी हुआ। निर्वाचन के बाद भी एक सदस्य के पति द्वारा आत्महत्या करने की धमकी की खबर चर्चा में रही।

दुर्ग से दूर कोलिहापुरी के एक रिसोर्ट में कांग्रेस ने सातों सदस्यों को गुरूवार रखा। यहां आने के बाद महिला सदस्यों और उनके पतियों के साथ अन्य सदस्यों के बीच पद को लेकर खींचतान शुरू हो गई। सूत्र बताते हैं कि अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद को लेकर विवाद होने लगा। इस बात की भनक गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू को लगी तो उन्होंने सुबह से ही मोर्चा संभाला।

दावेदारों में सामंजस्य बनाना हो गया था मुश्किल

जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए तीन की दावेदारी शुरू से चल रही थी। शालिनी यादव, योगिता चंद्राकर और पुष्पा यादव की दावेदारी में पुरूषों की भूमिका ज्यादा दिखाई दी।

सीएम सहित चार मंत्रियों की प्रतिष्ठा भी दांव पर

दुर्ग जिला पंचायत अध्यक्ष पद कांग्रेस पार्टी के लिए प्रतिष्ठा का विषय बना हुआ था। इसलिए कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ साथ सरकार के तीन मंत्री इस जिले के हैं। गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, कृषि मंत्री रवीन्द्र चौबे और केबिनेट मंत्री रुद्रकुमार गुरु के क्षेत्रों से सदस्य जीतकर आए थे। कुल 12 सदस्यों में कांग्रेस केवल एक सदस्य ज्यादा है। पिछली बार दोनों दल के छह-छह सदस्य जीते थे लेकिन आखिर वक्त में कांग्रेस की माया बेलचंदन भाजपा में शामिल होकर खेल बिगाड़ दिया था और भाजपा सत्ता हासिल करने में सफल हो गई थी।

इस बार भाजपा के मंसूबे इस तरह हो गए फेल

जिला पंचायत अध्यक्ष पद हासिल करने में भाजपा केवल दो सदस्यों के फासले पर खड़ी थी। पिछली हार से सबक लेते हुए कांग्रेस पार्टी ने पांच उन सदस्यों को अज्ञातवास में भेज दिया जो दावेदारी के साथ ही ऐन वक्त पर गणित बिगाड़ सकते थे। केवल एक सदस्य ही अज्ञातवास में पारिवारिक कारणों से नहीं गए। उनकी वजह को टटोला और सही पाने के बाद उन्हें यहां रहने दिया गया। छह दिन तक पांच सदस्यों और महिला सदस्यों के पतियों को अज्ञातवास में रखा गया। गुरूवार रात अज्ञातवास से लौटते ही छूटे सदस्य काे शामिल किया गया। तब से लेकर परिणाम आने तक सातों सदस्यों को वाहनों में साथ लाते और ले जाते रहे।

कांग्रेस को व्हिप तक जारी करना पड़ गया

बिगड़े हालात तब संभले जब सुबह पीडब्ल्यूडी के रेस्ट हाउस में सदस्यों से पर्यवेक्षक धनेंद्र साहू ने राय ली। एक सदस्यों को अलग-अलग बुलाकर उनकी मंशा जानी। सदस्य शालिनी यादव , योगिता चंद्राकर, पुष्पा यादव, दुर्गा नेताम , अशोक, आकाश और शमशीर से बात की। आखिर में गृहमंत्री ताम्रध्वज के साथ मशविरा कर पार्टी के हिसाब से नाम तय किए।

शालिनी को विरासत में मिली है राजनीति, जानिए...

नवनिर्वाचित अध्यक्ष शालिनी यादव को विरासत में राजनीति मिली है। वर्ष 2010 से 2015 तक शालिनी बोरई ग्राम पंचायत की सरपंच रही। उनके पति रिवेंद्र यादव दो बार सरपंच रहे। उसके पहले रिवेंद्र के पिता दो बार सरपंची की। उपाध्यक्ष अशोक साहू पिछले जिला पंचायत उपचुनाव में सदस्य बने। इस बार दोबारा सदस्य बने हैं।

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भाजपा व कांग्रेस समर्थकों ने जमकर की नारेबाजी

सुबह से ही जिला पंचायत परिसर में भाजपा और कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी पहुंच गए थे। जिला पंचायत के ऊपरी मंजिल के सभागार में मतदान शुरू हुआ तो इसी समय गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, महामंत्री राजेन्द्र साहू, अध्यक्ष ग्रामीण तुलसी साहू, बंटी केशव हरमुख सहित कई नेता गेट से जाने लगे तो भाजपाइयों ने विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी। उसके बाद आचार संहिता का हवाला देते हुए इन नेताओं को बाहर ही रोक दिया गया। इस बीच दोनों दलों के लोग एक दूसरे के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। प्रदेश की नजर दुर्ग जिला पंचायत को लेकर थी। दोपहर में ही परिणाम आ गए थे।

जिला पंचायत में छठवीं अध्यक्ष बनी शालिनी

जिला पंचायत के इतिहास पर नजर डाले तो पंचायती राज शुरू होने के बाद पहला अध्यक्ष कांग्रेस समर्थित महिला ही अध्यक्ष बनी। कमला बघेल पहली अध्यक्ष थी। उसके बाद भाजपा समर्थित धनुष जायसवाल अध्यक्ष बने। तीसरी अध्यक्ष भाजपा समर्थित झमिता साहू बनी। चौथे अध्यक्ष कांग्रेस समर्थित जीवन वर्मा बने। पांचवे अध्यक्ष भाजपा समर्थित माया बेलचंदन बनी।

जिपं अध्यक्ष बनने के बाद शालिनी यादव। उनके साथ में कांग्रेस नेता।

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