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- Durg News Chhattisgarh News The Hail Fell With 81 Mm Of Rain In 48 Hours The 36 Year Record Was Broken The Entire Rabi Crop Was Also Destroyed
48 घंटे में 81 मिमी बारिश के साथ गिरे ओले, 36 साल का रिकाॅर्ड टूटा, रबी की पूरी फसल भी बर्बाद
शुक्रवार रात हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि ने 36 साल पुराना रिकार्ड तोड़ दिया है। दो दिन में 81 मिमी बारिश हुई है। जबकि 1984 में पूरे मार्च महीने में 143 मिमी बारिश हुई थी। दो दिन के मुकाबले यह रिकॉर्डतोड़ वर्षा है। इस आसमानी आफत ने जिले में चना, गेंहू, मसूर सहित रबी फसलों को तबाह कर दिया है। हालात को देखते हुए प्रशासन फिर से सर्वे करवाने जा रहा है और सरकार से 7 करोड़ रुपए अतिरिक्त मांगे हैं।
शुक्रवार की रात करीब 1.30 बजे तेज बारिश के साथ ओले गिरे। इसके एक दिन पहले गुरूवार को इसी तरह बारिश और ओलावृष्टि हुई। पिछले दो दिनों में जिले के किसानों के रबी की फसल बर्बाद हो गई। खुर्सीडीह, दमोदा, अंजाेरा, भेंडसर, रवेलीडीह और पाटन ब्लॉक के अवरी, खुरमुड़ा, घुघवा, जमराव और केसरा गांव में ज्यादा रबी फसल ली गई है। इन गांवों में पूरी फसल बर्बाद हो गई है।
खरीदी केंद्रों में 1 लाख क्विंटल धान डंप
जिले के 80 खरीदी केंद्रों में से 60 खरीदी केंद्रों में एक लाख क्विंटल धान डंप हैं। यहां दो दिनों की बारिश की वजह से पानी जमा हो गया है। इसलिए धान का उठाव रोक दिया गया। ठेंगाभाठ केंद्र में 9 हजार 200 क्विंटल, बहरहापुर केंद्र में 7 हजार 200 क्विंटल धान का उठाव नहीं हुआ। कन्हारपुरी में 6 हजार 800 क्विंटल,नवागांव व पेड्रावन में 6-6हजार क्विंटल धान के खराब होने का खतरा है।
मुआवजा के लिए 35 करोड़ रुपए की मांग...
अंिकत आंनद, कलेक्टर, दुर्ग
रिकॉल: एक नजर बारिश के इतिहास पर
81 मिमी बारिश 13-14 मार्च 2020 को हुई जिले में।
143 मिमी बारिश 1984 के पूरे मार्च माह में हुई थी जिले में।
ग्राउंड रिपोर्ट : पुराना मुआवजा मिला नहीं, इसलिए अब सर्वे नहीं गिरदावरी रिपोर्ट के आधार पर मुआवजा चाहते हैं जिले के किसान
दुर्ग ब्लॉक के रवेलीडीह के खेत में देर रात बारिश के साथ ओले भी गिरे। यहां की पूरी फसल खराब हो गई है।
केस-3: ओले से टूटकर ठूंठ में तब्दील हो गए गेहूं के पौधे
रवेलीडीह के किसान प्रशांत दाऊ ने 60 एकड़ गेहू, 30 एकड़ मटर और 20 एकड़ में चना फसल ली थी। ढाई फीट के गेंहूं ओले से टूटकर 10 इंच के ठूंठ में तब्दील हो चुके। मटर पानी में गिरकर सड़ गए है कि दिखते ही नहीं। चने के दाने खत्म हो गए हैं। फसल पानी में खपतवार बन रहे।
केस-2: 8 एकड़ की चना और 6 एकड़ में गेहूं की फसल हो गई तबाह
खुर्सीडीह के किसान धनुषराम के छह एकड़ गेंहूं और 8 एकड़ चना फसल पूरी तरह खराब हो गई। 25 फरवरी की ओलावृष्टि व बारिश से 50 फीसदी फसल खराब हो चुकी थी। अब दाने तक नहीं बचे। इसी तरह बहुर सिन्हा के 3 एकड़ धान की फसल में पानी भर गया है और लोट गया है।
केस-1: घर ले जाने के लिए रखा था बारिश से खेत में सड़ गया तिवरा
दमोदा के किसान तोरण साहू ने दो एकड़ में तिवरा का तैयार फसल घर ले जाने एकत्र कर रखा था वह अब सड़ गया। बोरई के दीपक यादव का 7 एकड़ में टमाटर और 10 एकड़ में चना पूरी तरह बर्बाद हो गया है। खुर्सीडीह के देवशरण साहू ने 5 एकड़ में चना और 4 एकड़ गेंहूं की फसल पूरी नष्ट मिली।