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विजिलेंस में गड़बड़ी की शिकायत पर कार्रवाई नहीं, ठेकेदार ने फिर किया कम भुगतान, धरना

Bhaskar News Network

Apr 17, 2019, 06:45 AM IST

Durg Bhilai News - वाटर मैनेजमेंट के मरोदा टैंक में काम कर रहे ठेका श्रमिकों के वेतन भुगतान में गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद...

Bhilai News - chhattisgarh news vigilance does not take action on the complaint of disturbances the contractor again made less payment
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वाटर मैनेजमेंट के मरोदा टैंक में काम कर रहे ठेका श्रमिकों के वेतन भुगतान में गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद विजिलेंस से शिकायत की गई। विभागीय कार्रवाई नहीं होने से नाराज ठेका श्रमिक मंगलवार को धरने पर बैठ गए। पुलिस के हस्तक्षेप बाद ठेका श्रमिकों ने धरना समाप्त किया। अब बुधवार को पुलिस की मध्यस्थता में ठेकेदार और प्रबंधन की बैठक में मामले का निराकरण किया जाएगा।

कुछ दिन पहले वाटर मेनेजमेंट के मरोदा टैंक में कार्यरत एचएसएलटी मजदूरों के वेतन में गंभीर धांधली का मामला सामने आया था। हिन्दुस्तान इस्पात ठेका श्रमिक यूनियन सीटू भिलाई ने जीएम विजिलेंस के पास दस्तावेजों के साथ मामले की थी। जिसमें दस्तावेज के अलावा कर्मियों के वेतन पर्ची, पासबुक की फोटो कॉपी भी संलग्न की गई थी। दस्तावेज गंभीर अनियमिततता दर्शाते हैं। शिकायत की प्रतिलिपि उच्च प्रबंधन को भी दी गई थी। कार्रवाई नहीं हुई।

बैठक : पुलिस की मध्यस्थता में निराकरण का प्रयास आज

ठेकेदार की मनमानी से आक्रोशित श्रमिकों ने वॉटर मैनेजमेंट डिपार्टमेंट के सामने मंगलवार को धरना दिया।

नहीं बनी सहमति तो मजदूर करा सकते हैं एफआईआर, बैठक के बाद होगा तय

सीटू की ठेका श्रमिक विंग को धरने की सूचना दी गई। यूनियन ने प्रबंधन को हल निकालने कहा। पर नतीजा कुछ नहीं निकला। मामले की शिकायत पर नेवई थाना प्रभारी ने सभी पक्षों को बिठाकर चर्चा की। जिसके बाद यह तय किया गया कि सभी पक्ष कल सुबह बैठक कर चर्चा कर हल निकालेंगे। यदि हल नहीं निकलता है तो ठेकेदार और अफसरों के खिलाफ श्रमिकों की तरफ से एफआईआर कराई जा सकती है।

लगातार मिल रही थी शिकायतें, फर्जी बैंक स्टेटमेंट से हुआ धांधली का खुलासा

ठेकेदारों के वेतन भुगतान में गड़बड़ी की शिकायतें मिल रही थीं। जिसके बाद बैंक से वेतन भुगतान का नियम बनाया गया। जब इसमें भी गड़बड़ी होने लगी तो बैंक ट्रांसफर स्टेटमेंट कि कॉपी लगाना अनिवार्य कर दिया गया। इसमें फर्जीवाड़े का एक मामला जल शोधन संयंत्र टंकी मरौदा में सामने आया। जिसमंे ठेकेदार द्वारा प्रबंधन के पास जमा स्टेटमेंट में लिखी रकम अलग है और श्रमिकों के पासबुक में अलग।

वेतन पर्ची और हाजिरी कार्ड देना भी बंद किया

जल शोधन संयंत्र टंकी मरौदा में वर्षों से कार्यरत एचएसएलटी के 14 श्रमिक जो कि स्थाई ठेका श्रमिक की श्रेणी में आते हैं वे सुधांशु ब्रदर के अधीन थे। ठेकेदार द्वारा फरवरी 2018 से वेतन पर्ची, हाजरी कार्ड देना बंद कर दिया गया था। समय पर वेतन नहीं दिया जा रहा था। वास्तविक वेतन से लगभग 3 हजार से 32 सौ रुपए कम भुगतान किया जा रहा था।

शिकायत के बावजूद नहीं हुआ कोई निराकरण

ठेका श्रमिकों द्वारा अफसरों से शिकायत के बावजूद निराकरण नहीं होने हिन्दुस्तान इस्पात ठेका श्रमिक यूनियन के पदाधिकारियों से लिखित में शिकायत की गई। जिसके बाद यूनियन द्वारा हस्तक्षेप किया गया। जल प्रबंधन विभाग के एचओडी मलोदिय ने ठेका प्रकोष्ठ के प्रबंधक प्रसाद को भी चर्चा एवं निराकरण के लिए बुलाया। लेकिन मसले का निराकरण नहीं हुआ।

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