जहां कभी कचरा डंप होता था, अब वहां कलरफुल पॉट्स पर लगे हैं पौधे
दुर्ग में रेलवे स्टेशन के पास आपको रंगों की एक अलग दुनिया दिखेगी। रेलवे स्टेशन परिसर के पास करीब 45 ऐसे कलरफुल मुखौटे फाइबर के तैयार किए गए हैं, जो इन दिनों आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। इस जगह पर अलग-अलग रंगों के मुखौटेनुमा पॉट्स बनाए गए हैं। इसमें पौधरोपण किए गए हैं। साथ ही दीवारों पर स्वच्छता का संदेश देते हुए आकृतियां उकेरी गई हैं। थनौद के मूर्तिकारों ने इस तैयार किया है। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी निगम ने इसे बनाया है।
सार्थक होली के कुछ रंग ऐसे भी
इसी मॉडल को शहर के बाकी हिस्सों में करेंगे लांच
10 लाख रुपए खर्च किए इसे तैयार करने में नगर निगम दुर्ग ने।
15 से ज्यादा ठेले-खोमचे लगते थे इस स्पॉट पर।
45 कलरफुल मखौटे बनाए गए हैं, जिस पर पौधे लगाए गए हैं।
भिलाई में बना रहे गॉर्डन
दुर्ग की तरह भिलाई निगम ऐसे स्पॉट्स को गॉर्डन में तब्दील कर रहा है। जहां लोग कचरा फेंकते थे। जहां अवैध कब्जा है। ऐसी जमीनों का सर्वे कर लिया गया है।
थनौदा के मूर्तिकारों को रोजगार
इसके जरिए निगम ने उन कुम्हारों को जोड़ा है, जिनके सामने हमेशा से रोजगार एक बड़ा संकट रहा है। विशेष रूप से थनौद के मूर्तिकारों को समूह बनाकर कार्य दिए जाने की तैयारी है। पूरी कलाकृतियां मिट्टी व फाइबर से तैयार की जा रही। ताकि नियमित रूप से इसे साफ रखा जा सके।
10 लाख रुपए खर्च कर बनाया गया है
6 महीने पहले तक यह स्थल अतिक्रमण की चपेट में था। जहां ठेले-खोमचे के बीच प्लास्टिक व अन्य प्रकार के कचरे डंप हाे रहे थे। इसे सहेजने की दिशा में निगम ने कार्य शुरू किया। करीब 10 लाख रुपए की लागत से राधे आर्ट गैलेरी की मदद से इस पूरे हिस्से के तैयार किया गया।