छत्तीसगढ़  / बच्चों के साथ मुख्यमंत्री ने चलाया लट्‌टू, अटल टिंकरिंग लैब का किया लोकार्पण



कार्यक्रम के दौरान लट्‌टू चलाते मुख्यमंत्री बघेल कार्यक्रम के दौरान लट्‌टू चलाते मुख्यमंत्री बघेल
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कार्यक्रम के दौरान लट्‌टू चलाते मुख्यमंत्री बघेलकार्यक्रम के दौरान लट्‌टू चलाते मुख्यमंत्री बघेल

  • दुर्ग जिले के वैशाली नगर कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पहुंचे मुख्यमंत्री
  • बच्चों को पढ़ाने की नई तकनीक, नींव और भाषा पिटारा प्रोजेक्ट की हुई शुरूआत  

Dainik Bhaskar

Sep 19, 2019, 05:17 PM IST

दुर्ग. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भिलाई में स्कूल शिक्षा विभाग और लैग्वेज लर्निंग फांउडेशन द्वारा आयोजित ‘नींव और भाषा पिटारा’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान वह एक शिक्षक बनकर बच्चों से मिले। उन्होंने बच्चों को पहले लट्‌टू (भौंरा) के बारे में बताया, फिर बच्चों के साथ मिलकर भौरा भी चलाया। दरअसल सरकार क्लास रूम में नई- नई गतिविधियों के जरिए बच्चों को कुछ नया सिखाने की कोशिश पर जोर दे रही है। मुख्यमंत्री ने यहां नींव और भाषा पिटारा कार्यक्रम की शुरूआत की। उन्होंने यहां अटल टिंकरिंग लैब के लोकार्पण के साथ ही सोया मिल्क का वितरण भी किया।

बच्चों के साथ बच्चा बन गए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 

  1. मुख्यमंत्री बघेल ने कार्यक्रम के दौरान प्राथमिक शाला के बच्चों को छत्तीसगढ़ी में भौंरा नामक पाठ पढ़ाया। बच्चों के साथ भौंरा चलाया। किसका भौंरा ज्यादा देर तक टिक पाता है इसका छोटा सा मुकाबला भी हुआ। इस दौरान राज्य स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी में चयनित बच्चों के साथ चर्चा भी की। राज्य में विज्ञान शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कबाड़ से जुगाड़ मॉडल का प्रदर्शन और जिले में गणित लैब के लिए तैयार विभिन्न सामग्री का प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सुरेन्द्र पाण्डेय द्वारा लिखित सचित्र पुस्तक ’चलव भौंरा चलाबो’ का विमोचन भी किया।

  2. गुरूवार को इस कार्यक्रम में शुरू किए गए प्रोग्राम भाषा पिटारा में कुल 10 मुख्य विषयों (मौखिक भाषा विकास, ध्वनि जागरुकता, उभरती साक्षरता, शब्द भंडार, डिकोडिंग, पठन और उसकी रणनीतियाँ, पढ़ कर समझना, लेखन सीखना और अकादमिक सहयोग) पर 48 हैण्ड आउट और 4 गतिविधि संग्रह (मौखिक भाषा विकास की गतिविधियां, ध्वनि जागरुकता की गतिविधियां, शब्द भंडार के विकास की गतिविधियाँ, डिकोडिंग सिखाने की गतिविधियां) को शामिल किया गया है।

  3. नींव कार्यक्रम दुर्ग जिले के दो ब्लॉक (पाटन और दुर्ग) के 200 स्कूलों में शुरू किया है, जिससे इस वर्ष के अंत तक 4 हजार बच्चे लाभान्वित होंगे। इस कार्यक्रम से बच्चों के हिंदी भाषा विकास में सुधार होगा। कक्षा 2 के बच्चों में ऐसी काबलियत तैयार की जाएगी कि वह अपने स्तर के पाठ प्रवाहपूर्वक पढ़ सकेंगे और अपने अनुभव के आधार पर उससे अर्थ निर्माण कर पाएंगे। साथ ही अपने अनुभव, विचार, कल्पना, और भाव को वाक्यों में लिखने में सक्षम होंगे।

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