फैसला / बच्ची के बलात्कारी को मरते दम तक जेल में रहने की सजा, कोर्ट ने 6 माह में सुनाया फैसला

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  • खुर्सीपार थाना क्षेत्र में 15 मई को हुई थी वारदात, टीवी देखने के लिए अपने पड़ोस में गई थी चार साल की बच्ची
  • 10 दिन में ऐसे मामलों में तीसरा फैसला, जज ने कहा : बच्चियों के साथ लगातार दुष्कर्म, उदारता बरतना ठीक नहीं

दैनिक भास्कर

Nov 27, 2019, 10:33 AM IST

दुर्ग. चार साल की बच्ची के बलात्कारी जयराम कश्यप को अदालत ने मरते दम जेल में रहने की सजा सुनाई है। कोर्ट का यह फैसला छह माह में आया है।  मासूम अपने पड़ोसी के घर टीवी देखने गई थी। तभी आरोपी ने वारदात को अंजाम दिया। प्रकरण में पुलिस ने मात्र 15 दिनों में चालान पॉक्सो एक्ट की विशेष कोर्ट में पेश किया। ट्रायल में दोष सिद्ध होने पर पंचम सत्र अपर सत्र न्यायाधीश शुभ्रा पचौरी की अदालत ने आरोपी को धारा 376 क, ख के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई। 

कोर्ट ने 10 हजार रुपए का आर्थिक दंड भी लगाया 

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आजीवन कारावास का मतलब जीवन शेष रहने तक जेल में सजा काटने से है। इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि बच्चियों के साथ लगातार दुष्कर्म हो रहे हैं। ऐसे में उदारता बरतना ठीक नहीं है। इसके अलावा न्यायालय ने 10 हजार रुपए आर्थिक दंड भी लगाया है। अतिरिक्त लोक अभियोजक कमल किशोर वर्मा ने बताया कि खुर्सीपार थाना क्षेत्र में निवासी पीड़िता के साथ 15 मई की शाम करीब 5.30 बजे घटना हुई। आरोपी के चंगुल से छूटने के बाद पीड़िता सीधे अपनी मां के पास पहुंची।

जयराम कश्यप और पीडिता बच्ची का घर आसपास होने की वजह से दोनों परिवारों में काफी प्रेमभाव था। इसी वजह से मासूम की मां अक्सर बेटी को लेकर उसके घर टीवी देखने जाती रहती थी। 15 मई की शाम करीब 5.30 बजे बच्ची टीवी देखने जाने की जिद करने लगी। मां के काम में व्यस्त होने की वजह से उसने अकेले ही बच्ची को भेज दिया। इस दौरान जयराम घर में अकेला था। बच्ची के कहने पर उसने टीवी चला दी। इसके बाद बच्ची से दुष्कर्म किया। करीब आधे घंटे बाद बच्ची रोते हुए अपने घर पहुंची। 

मासूम के लिए गवाही देने पड़ोस में रहने वाले लोग भी आए आगे : कोर्ट में ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 11 गवाह पेश किए। इसमें पुलिस और डॉक्टरों की गवाही के अलावा पीड़िता के मोहल्ले में रहने वाले पड़ोसी भी शामिल रहे। सभी अदालत में सुनवाई के दौरान अपने बयान पर अडिग रहे। इसमें भी विशेष तौर पर उसके पड़ोसी के कथनों में भी प्रतिपरीक्षण में भी कोई विरोधाभाषी नहीं रहा। इसके चलते अभियोजन पक्ष इस मामले में आरोपी पर दोष सिद्ध करने में कामयाब रहा। 

घटना के अगले ही दिन आरोपी गिरफ्तार, 15 दिन में चालान पेश : खुर्सीपार थाना क्षेत्र में 16 मई को पीड़िता के मां के थाना पहुंचकर शिकायत करने पर प्रकरण उजागर हुआ। उस दौरान तत्कालीन टीआई भूषण एक्का ने प्रकरण में संजीदगी दिखाते हुए। अगले ही दिन आरोपी को गिरफ्तार किया। पीड़िता की मेडिकल जांच से लेकर घटना स्थल के आसपास रहने वाले लोगों के कथन तैयार का काम मात्र 15 दिनों पूरा कर लिया। इसके चलते मामला का ट्रायल उसी महीने 24 मई से शुरू हो गया। 

पाक्सो एक्ट की विशेष न्यायालय में ट्रायल के दौरान बचाव पक्ष लगातार अभियोजन के पेश गवाहों को झुठलाता रहा। लेकिन अंत में अभियोजन की ओर पेश गवाही के आधार पर आरोपी जयराम कश्यप पर दोष सिद्ध हो गया। इस पर बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने अदालत से आरोपी की उम्र का हवाला देकर सजा में नरमी बरतने की अपील की। लेकिन न्यायाधीश शुभ्र पचौरी ने नाबालिगों के साथ बढ़ते अपराध का हवाला देकर आरोपी पर उदारता बरतने से इंकार कर दिया। 

जिले में 3 साल में 336 दुष्कर्म के प्रकरण सामने आए। 2018 में ज्यादा। 

अपराध (धारा) 2017 2018 2019
दुष्कर्म (376) 112 123 101
शीलभंग (354) 190 175 148
यौन उत्पीड़न (509) 8 4 8

सुपेला अस्पताल गैंगरेप: 21 नवंबर को पंचम अपर सत्र न्यायाधीश शुभ्रा पचौरी की ही अदालत ने शासकीय अस्पताल में इलाज कराने आई युवती के साथ अनाचार करने वाले डाक्टर और दो पुलिसकर्मियों को अंतिम सांस तक जेल में रहने की सजा दी। 
एचएम ने किया था दुष्कर्म: केंद्रीय विद्यालय में पढ़ने वाली आठ वर्षीय मासूम के साथ दुष्कर्म करने वाले हैडमास्टर को न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। आरोपी फूलचंद धोबी करीब सालभर तक स्कूल में ही बच्ची के साथ दुष्कर्म करता रहा। 

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