छत्तीसगढ़ / कबाड़ से जुगाड़ कर मैथ्स लैब बनाई, यहां छात्र कठिन सवालों को सरलता से समझ रहे हैं

बघेरा गांव के स्कूल में स्टूडेंट्स टीचिंग मटेरियल से गणित के सवालों को हल करते हैं। बघेरा गांव के स्कूल में स्टूडेंट्स टीचिंग मटेरियल से गणित के सवालों को हल करते हैं।
टीचर प्रीति शर्मा ने यह पहल की है। टीचर प्रीति शर्मा ने यह पहल की है।
X
बघेरा गांव के स्कूल में स्टूडेंट्स टीचिंग मटेरियल से गणित के सवालों को हल करते हैं।बघेरा गांव के स्कूल में स्टूडेंट्स टीचिंग मटेरियल से गणित के सवालों को हल करते हैं।
टीचर प्रीति शर्मा ने यह पहल की है।टीचर प्रीति शर्मा ने यह पहल की है।

  • मैथ्स लैब राजनांदगांव जिला मुख्यालय से करीब 16 किलोमीटर दूर ग्राम बघेरा के सरकारी मिडिल स्कूल में  बनाई गई है
  • शिक्षिका प्रीति शर्मा ने 6 हजार रुपए खर्च कर इसका निर्माण कराया, ताकि बच्चों में गणित के प्रति रुचि जागे

दैनिक भास्कर

Dec 22, 2019, 10:23 AM IST

राजनांदगांव (कर्णकांत श्रीवास्तव). सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता बनाने के लिए शासन कई योजनाएं चला रहा है, लेकिन ऐसा काफी कम देखने को मिलता है, जब कोई शिक्षक अपने स्तर पर ही कोई नया प्रयोग कर बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान करें। राजनांदगांव जिला मुख्यालय से करीब 16 किलोमीटर दूर ग्राम बघेरा में संचालित मिडिल स्कूल में शिक्षिका प्रीति शर्मा ने कबाड़ से जुगाड़ कर मैथ्स लैब का निर्माण कराया। इस पर छह हजार रुपए खर्च आया, जिसे उन्होंने खुद उठाया। अब यहां 80 से अधिक टीचिंग लर्निंग मटेरियल के जरिये स्टूडेंट्स को गणित के कठिन सवालों को आसान तरीके से समझाया जा रहा है। 

इसकी बदौलत छात्रों का परीक्षा परिणाम 95 फीसदी के पार पहुंच चुका है। शिक्षक प्रीति शर्मा ने 5 साल के दौरान स्टूडेंट्स को विभिन्न प्रकार के प्रयोग सिखाए और अन्य गतिविधियों के माध्यम से गणित में रुचि जगाई है। आज मिडिल स्कूल में छात्रों की संख्या 143 है। गणित में नए प्रयोग होते रहें, इसके लिए महिला शिक्षक ने क्लब ग्रुप बनाकर ब्लॉक के गणित शिक्षकों को जोड़ा है। 


गणित सप्ताह का आयोजन कर दे रहे नई जानकारी

समय-समय पर स्कूल में गणित सप्ताह का आयोजन किया जाता है। जिसमें पहाड़ा, गुणा, भाग और वैदिक गणित से संबंधित प्रतियोगिताएं होती हैं। इस बार दिसंबर के तीसरे सप्ताह में गणित सप्ताह का आयोजन किया गया। दूसरे दिन गणितीय रंगोली प्रतियोगिता हुई। फिर गणित मेले और गणितीय नाटक का कार्यक्रम किया गया, जिसमें गणित के महत्व को बताया गया। बच्चों के पालकों और समुदाय के मध्य गांव से संबंधित विभिन्न जानकारियों का ग्राफ प्रदर्शन किया गया। जैसे गांव में पशुओं की जानकारी, दो पहिया चार,पहिया वाहनों की जानकारी को ग्राफ से बताया गया। इसके बाद बालकों के मध्य सामान्य गणित क्विज प्रतियोगिता रखी गई। बच्चों को एक बैंक का भ्रमण कराया गया, जिसमें बच्चों ने बैंकिंग से जुड़ी जानकारियां लीं।

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना