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भिलाई. कर्मचारी राज्य बीमा निगम के कार्ड होल्डरों को नए वित्त वर्ष से इलाज की पहले से बेहतर सुविधा मिलेगी। बीमा कर्मचारियों को इमरजेंसी में कैशलेस ट्रीटमेंट की सुविधा देने के लिए रामनगर के स्पर्श मल्टी स्पेशीलिटी हॉस्पिटल और हाल ही जुनवानी में संचालित हाईटेक सुपर स्पेशीलिटी हॉस्पिटल ने आवेदन कर दिया है। अब इन नए अस्पतालों में भी इलाज हो सकेगा।
जिले में सबसे ज्यादा कार्ड होल्डर
भिलाई में 50 हजार से ज्यादा कार्ड होल्डरों को अब तक बीएम शाह, सन साइन और शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज में ही ऐसी सुविधा मिल रही थी। सनसाइन और शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज मुख्यत: टर्चरी (अति गंभीर) केस के लिए इंपैनल होने के नाते बीएम शाह हॉस्पिटल पर ही काफी दबाव था। इसे देखते हुए कर्मचारी राज्य बीमा निगम की स्टेट इकाई ने दुर्ग-भिलाई के निजी अस्पतालों से आवेदन मांगा। जिले में सबसे ज्यादा ईएसआईसी कार्ड होल्डर है।
छोटे इलाज के डिस्पेंसरी
भिलाई में हितग्राहियों के प्राथमिक उपचार के लिए 6 डिस्पेंसरी है। इनमें नंदिनी रोड, हथखोज, जामुल, सुपेला, रिसाली और दुर्ग में संचालित है। इन जगहों पर जाकर सर्दी-खांसी, बुखार समेत प्राथमिक उपचार कराया जा सकता है। नियमावली के तहत हर कंपनी के मालिक, ठेकेदार को ईएसआईसी के दायरे में आने वाले अपने हर कर्मचारी को उसका ईएसआईसी कार्ड देने की जिम्मेदारी है। कर्मचारियों को भी अपनी कंपनी से अपना ईएसआईसी कार्ड मांगना चाहिए। अगर इंकार किया जाए तो विभाग कार्रवाई भी कर सकता है।
ऐसे मिलेगी सुविधा
इलाज के लिए दिखाना होगा ईएसआईसी कार्ड। इसे दिखाने पर इलाज के साथ ही कैसलेश ट्रीटमेंट की प्रक्रिया शुरू कर देगा। 21 हजार मासिक से कम वेतन पाने वाले हर कर्मचारी को 2 नए अस्पताल इंपैनल होने पर इमरजेंसी में केशलैस इलाज मिलेगा। बशर्ते कर्मचारी का मालिक उसके वेतन से ईएसआईसी अंशदान काटने के बाद अपना अंशदान मिलाकर एकाउंट में जमा करता हो।
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