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अव्यवस्था / मवेशी के झुंड से टकराने पर 10 दिन में 15 हादसे, 1 की मौत, नहीं सुधर रहे हालात



बालोद. शहर के सदर बाजार में शाम 7 बजे के बाद इस तरह सड़क पर टहलते हैं मवेशी बालोद. शहर के सदर बाजार में शाम 7 बजे के बाद इस तरह सड़क पर टहलते हैं मवेशी
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बालोद. शहर के सदर बाजार में शाम 7 बजे के बाद इस तरह सड़क पर टहलते हैं मवेशीबालोद. शहर के सदर बाजार में शाम 7 बजे के बाद इस तरह सड़क पर टहलते हैं मवेशी

  • सड़क पर मवेशी राज : रात में भी सड़कों पर बेखौफ आमद, हादसे का है सबब 
  • 25 से ज्यादा लोग इन हादसों में अब तक घायल हो चुके हैं

Dainik Bhaskar

Sep 12, 2018, 03:44 PM IST

बालोद. सड़कों पर मवेशियों के जमावड़े से सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो पता चलता है कि 10 दिनों में 15 हादसे हुए हैं। इसमें 1 व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि 25 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। बीती मंगलवार रात भी करीब 9 बजे जिला अस्पताल के सामने एक बाइक में सवार चार युवक अचानक सड़क पर बैठे एक मवेशी से टकरा गए। जिसमें 2 युवक घायल हुए। दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है। इसके 2 दिन पहले भी बालोद-धमतरी मार्ग में बाइक सवार हथौद निवासी एनुराम  कुंजाम की मौत गई थी। 

2 दिन में प्रमुख मार्गों पर मिले 370 आवारा मवेशी

  1. रात में कोई देखने वाला नहीं 

    नपा प्रशासन की ओर से मवेशियों को खदेड़ने के लिए कभी-कभार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाती है। इनका काम सिर्फ दिन तक ही रहता है। शाम ढलते फिर से उन चौराहों पर मवेशी आकर बैठ जाते हैं। शाम 7 बजे के बाद शीतला मंदिर मार्ग, चौपाटी के सामने, सदर बाजार में योगी चौक के पास, जय स्तंभ चौक, गंजपारा में मंडी के सामने, काॅलेज रोड में खरखरा नहर के पास, राजनांदगांव रोड में रेलवे क्रॉसिंग के पहले मवेशी बैठे रहते हैं। 

  2. 20 % आवारा व 80% पालतू मवेशी 

    गोशाला चलाने वाले मुकेश जैन का कहना है कि हमारे पास अधिकतर गो तस्करी से छुड़ाए मवेशी हैं। कई लोग जो गोदान करते हैं उन्हें भी यहां रखते हैं। अगर शहर में बैठे होने वाले मवेशियों को भी रखना शुरू करें तो जगह कम पड़ जाएगी। भास्कर के सर्वे में भी मिला कि सड़क पर बैठे मवेशियों में 20 % आवारा व 80% पालतू हैं। 

  3. कांजीहाउस बनने का इंतजार 

    नगर पालिका प्रशासन 2 महीने से कह रही कि हमें कांजी हाउस का इंतजार है। जिसका काम अभी 90% पूर्ण हो चुका है। एक महीना और समय लगेगा। नगर पालिका सीएमओ रोहित साहू, अध्यक्ष विकास चोपड़ा ने कहा कांजीहाउस बनने के बाद ही मवेशियों की धरपकड़ कर सकेंगे। तब जाकर यह व्यवस्था स्थाई रूप से सुधर सकती है। 

  4. सड़क पर मवेशियों के लिए पशुपालक जिम्मेदार 

    सड़कों पर इस तरह मवेशियों का झुंड नजर आने के पीछे स्वयं पशुपालक पहले जिम्मेदार हैं। जो जब तक गाय भैंस दूध देती है उन्हें घर पर पाला जाता है। जैसे ही वह कमजोर होने लगते हैं दूध मिलना बंद हो जाता है तो पशुपालकों का भी गोमाता से प्रेम बंद हो जाता है और उन्हें घर में रखने के बजाय बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है।

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