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दुर्घटना / दाल मशीन में फंस गया युवक, सबने मिलकर खींचा पर बचा नहीं पाए

Dainik Bhaskar

Jan 12, 2019, 12:05 PM IST


a man died in pulse mill during cleaning, Bilaspur , Chhattisgarh
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a man died in pulse mill during cleaning, Bilaspur , Chhattisgarh

  • 14 दिन पहले ही बड़े भाई ने दिलाई थी नौकरी, सफाई करते समय टंकी में सो गया
  • नींद खुली तो बचाने के लिए आवाज लगाई, कर्मचारियों ने देखा तो सिर्फ हाथ दिख रहे थे 
     

बिलासपुर. दाल मिल में सफाई करते समय एक कर्मचारी की टंकी के अंदर दाल के नीचे दबने से मौत हो गई। साथ में काम रहे कर्मचारियों ने उसे बचाने की कोशिश भी की, लेकिन प्रेशर अधिक होने से वह दाल के नीचे दबे युवक को खींच नहीं सके। युवक दो सप्ताह पहले ही काम पर लगा था। पुलिस ने मामला कायम कर हादसे की जांच शुरू कर दी है। 

भाई ने दो सप्ताह पहले ही गांव से लोकर काम पर लगवाया था

  1. सुरेश पोर्ते 19 वर्ष निवासी कुआं बोदसरा को दो सप्ताह पहले ही उसके भाई सूरज पोर्ते ने सत्यम दाल मिल में काम पर लगवाया था। शुक्रवार की सुबह मिल में दाल की सफाई का काम चल रहा था। पानी से सफाई होने के कारण दाल में गांठ सी पड़ जाती है जिसे तोड़ने के लिए सुरेश दाल की टंकी के अंदर घुस गया था। काम करते समय सुरेश को नींद आ गई और वह टंकी में ही सो गया।

  2. 70 क्विंटल दाल के नीचे दबने के बाद लगाई आवाज

    सुरेश को जब होश आया तो वह लगभग 70 क्विंटल दाल के वजन के नीचे दबा हुआ था। सुरेश ने बचाने के लिए आवाज भी लगाई। बगल की टंकी में काम कर रहे गोलू मानिकपुरी ने झांककर देखा। सुरेश के सिर्फ हाथ ही नजर आ रहे थे। गाेलू समेत अन्य कर्मचारियों ने उसे टंकी से बाहर खींचने की कोशिश भी की। टंकी की सप्लाई बंद की और सुरेश को बाहर निकाल कर तुरंत सिम्स लेकर आए। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

  3. एक बार में 80 से 90 क्विंटल तक दाल भर जाती है टंकी में

    दाल मिल में दाल की सफाई करते वक्त जो टंकी होता है उसमें 80 से 90 क्विंटल तक दाल भी पहुंच जाती है। दाल साफ होकर नीचे आती जाती है और फिर दूसरी बार एलीमेटर के माध्यम से ही नीचे से ऊपर टंकी में पहुंचती है। इसलिए नीचे की तरफ जाने का प्रेशर ज्यादा रहता है। सुरेश को भी दाल के अंदर से बाहर खींचते समय प्रेशर अधिक था इसलिए कर्मचारी उसे बाहर नहीं निकाल सके।

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