अटल बिहारी वाजपेयी यूनिवर्सिटी / छह साल में 18 शिक्षकों की भर्ती नहीं, एयू को नहीं मिल रही रिसर्च ग्रांट



atal bihari vajpayee university even 18 teachers not placed in six years
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atal bihari vajpayee university even 18 teachers not placed in six years

  • पहले राज्य शासन ने पदों के लिए नहीं दिया अप्रूवल, अब यूजीसी से लगी रोक
  • यूजीसी से शुरू नहीं हो सका है अनुदान, रिसर्च गतिविधियों को नहीं मिली गति 

Dainik Bhaskar

Feb 14, 2019, 10:36 AM IST

बिलासपुर. अटल बिहारी यूनिवर्सिटी की स्थापना के 10 साल बाद भी टीचिंग के 18 पदों पर भर्ती नहीं हो पाई है। पहले राज्य शासन से पदों के लिए अप्रूवल नहीं मिलना इसकी वजह बनी और अब यूजीसी से लगी रोक की वजह से यह पद खाली हैं। जिसके चलते शैक्षणिक गुणवत्ता पर असर के साथ ही रिसर्च गतिविधियों के लिए अनुदान भी नहीं मिल पा रहा है।

प्रोफेसर के 5, एसोसिएट के 8 और असिस्टेंट के 5 पद खाली 

  1. अटल बिहारी वाजपेयी यूनिवर्सिटी की स्थापना 25 जून 2012 को हुई थी। तब यूनिवर्सिटी में शैक्षणिक के 35 पदों के लिए 18 पदों पर भर्ती हो पाई थी जबकि बचे 18 खाली पदों पर भर्ती के लिए यूनिवर्सिटी ने राज्य शासन से मंजूरी का प्रस्ताव भेजा था।

  2. राज्य शासन ने यूनिवर्सिटी को मंजूरी तो दे दी थी लेकिन शासन के वित्त विभाग से खाली पदों पर भर्ती के लिए अप्रूवल नहीं मिला था। यूनिवर्सिटी ने वित्त विभाग से अप्रूवल के लिए पत्र लिखा। वित्त विभाग के पास लंबे समय से मामला अटका रहा।

  3. इधर धीरे-धीरे समय बीतता रहा लेकिन भर्ती फिर भी नहीं हो पाई। यूनिवर्सिटी द्वारा राज्य शासन और वित्त विभाग को लगातार पत्र लिखने के बाद भी भर्ती के लिए अप्र्रूवल नहीं मिल सका। इधर, बाद में यूजीसी ने भी अन्य कारणों से शैक्षणिक पदों पर भर्ती पर रोक लगा दी।

  4. यूनिवर्सिटी को यूजीसी 12बी की मान्यता नहीं मिली है। इसकी वजह से यूनिवर्सिटी को काफी नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। 12बी से यूनिवर्सिटी को रिसर्च प्रोजेक्ट के लिए अनुदान भी नहीं मिल पा रहे हैं। शैक्षणिक पदों में प्रोफेसर के पांच पद, एसोसिएट प्रोफेसर के 8 पद, असिस्टेंट प्रोफेसर के पांच पद शामिल हैं। 

  5. जानिए क्या है 12बी 

    विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के तय मापदंडों के अनुसार संबद्ध विश्वविद्यालय को शैक्षणिक पदों पर भर्ती करना होता है तभी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से 12 बी की मान्यता मिलती है। यह मान्यता मिलने के बाद संबद्ध विश्वविद्यालय को यूजीसी से रिसर्च प्रोजेक्ट आदि के लिए वित्तीय सहायता मिलने का रास्ता साफ हो जाता है। 

  6. यूजीसी के पास भेजा है प्रस्ताव 

    यूजीसी की रोक की वजह से खाली पदों को भरे नहीं जा सके हैं। हमने यूजीसी को प्रस्ताव भेजा है । मंजूरी मिलने के बाद खाली पदों को भरने की कार्यवाही की जाएगी।

    प्रो. गौरीदत्त शर्मा, कुलपति, अटल बिहारी वाजपयी यूनिवर्सिटी, बिलासपुर 

     

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