छत्तीसगढ़  / सरकार को राशन दुकानों के सेल्समेन पर भरोसा नहीं, राशनकार्ड अपडेट करने वाली टीमों में नहीं रखेंगे



bilaspur Congress govt does not trust salesman of ration shops for updating ration cards
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bilaspur Congress govt does not trust salesman of ration shops for updating ration cards

  • कलेक्टरों को पत्र :कार्ड धारकों को आवेदन के साथ देना होगा घोषणा पत्र भी 
  • राज्य में 12 हजार दुकान और विक्रेता, लोकसभा में हार के लिए पार्टी मानती है इन्हें दोषी 

Dainik Bhaskar

Jul 04, 2019, 11:06 AM IST

सुनील शर्मा। बिलासपुर. कांग्रेस सरकार को शासकीय उचित मूल्य दुकानों के सेल्समैनों पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं है। यहीं वजह है कि राशनकार्डों के नवीनीकरण के लिए बनाई जा रही टीमों में इन्हें नहीं रखे जाने निर्देश दिया गया है। दरअसल सरकार लोकसभा चुनाव में मिली हार के लिए सेल्समैनों को दोषी मानती है। राज्य में 12304 उचित मूल्य दुकान और इतने ही सेल्समैन हैं। भाजपा शासनकाल में बनाए गए सभी राशनकार्ड को अपडेट करने की तैयारी कांग्रेस सरकार ने शुरू कर दी गई है। इसके लिए प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टरों को खाद्य विभाग ने पत्र लिखा है। 

30 अगस्त तक नए राशन देंगे, तब तक पुराने से ही मिलेगा खाघान्न

  1. इसमें कहा गया है कि सभी कार्डधारियों से 8 जुलाई से आवेदन लिए जाएंगे। कार्डधारियों को आवेदन के साथ घोषणापत्र भी भरना होगा। 30 अगस्त तक नए राशनकार्ड दिए जाएंगे और तब तक पुराने राशनकार्ड से ही खाद्यान्न मिलता रहेगा। कलेक्टर अपने जिले में ग्राम पंचायत या वार्डों की संख्या व उपलब्ध प्रशासनिक अमले के आधार पर राशनकार्डों के नवीनीकरण के लिए सक्षम अधिकारी की अध्यक्षता में सत्यापन दलों का गठन करेंगे। इस दल में उस क्षेत्र के उचित मूल्य दुकान के सेल्समैन को शामिल नहीं किया जाएगा। 

  2. इस संबंध में कलेक्टरों को खाद्य सचिव डॉ.कमलप्रीत सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिया है। अपात्र राशनकार्ड को सत्यापित किए जाने की स्थिति में उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। 58 लाख 54 हजार 339 राशनकार्ड हैं। इनमें 14 लाख 65 हजार अंत्योदय गुलाबी, 54,242 अंत्योदय एकल, 43 लाख 16 हजार 782 प्राथमिकता नीला तो 11 हजार निशक्त हरा कार्ड हैं। सबसे ज्यादा 4 लाख 90 हजार 873 राशनकार्ड बिलासपुर जिले में हैं। 

  3. दुकानों में नहीं होगा कार्डों का सत्यापन 

    राशनकार्डधारी से आवेदन और निर्धारित दस्तावेज लेना है। इसके लिए सत्यापन केंद्र बनाया जाएगा। पर कलेक्टर किसी राशन दुकान को सत्यापन केंद्र नहीं बना सकेंगे। वे सार्वजनिक भवन जैसे ग्राम पंचायत, स्कूल या सामुदायिक भवन को केंद्र बनाएंंगे। सत्यापन केंद्र राशन दुकान में नहीं बनाए जाना भी यह साबित करता है कि सरकार को सेल्समैन पर भरोसा नहीं है। 

  4. कांग्रेस मानती है चुनाव के दौरान दुकानों से हुआ दुष्प्रचार 

    रायपुर में हार की समीक्षा बैठक के दौरान प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया के सामने यह मुद्दा जोर-शोर से उठा कि उचित मूल्य दुकानों का संचालन लगभग भाजपा समर्थित या भाजपा नेताओं के पास है। उन्होंने लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के खिलाफ और भाजपा के पक्ष में जमकर प्रचार किया। नए सिरे से दुकान आवंटन व संचालक बदलने की मांग पर पुनिया ने कहा था कि दुकानों का आवंटन निरस्त होगा। सत्यापन दलों में सेल्समैनों को बाहर कर व राशन दुकानों में सत्यापन न करने का निर्देश देकर सरकार ने अपनी मंशा जता दी है। 

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