छत्तीसगढ़  / रेत माफिया के अरपा में खोदे गए गड्‌ढे में डूबने से 10 साल के बच्चे की मौत

जिस जगह बच्चा डूबा वहां से रोज स्कूली बच्चे गुजरते हैं। जिस जगह बच्चा डूबा वहां से रोज स्कूली बच्चे गुजरते हैं।
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जिस जगह बच्चा डूबा वहां से रोज स्कूली बच्चे गुजरते हैं।जिस जगह बच्चा डूबा वहां से रोज स्कूली बच्चे गुजरते हैं।

  • सिम्स के पीछे नदी में अवैध उत्खनन के चलते हुआ हादसा, नहाते हुए गड्ढे में फंसा
  • स्कूल से आया तो जुड़वा भाई के साथ नहाने चला गया, एक बच्चे की बच गई जान

दैनिक भास्कर

Jul 26, 2019, 10:52 AM IST

बिलासपुर. अरपा नदी में अवैध रेत उत्खनन ने गुरुवार दोपहर को स्कूल से लौट रहे एक बच्चे की जान ले ली। स्कूल से लौटते समय बच्चा अपने जुड़वा भाई के साथ नहाने के लिए चला गया था। सिम्स के पीछे अरपा में पानी कम था, लेकिन इस दौरान बच्चा उत्खनन के लिए खोदे गए गड्‌ढे में फंस गया। उसे डूबता देख दूसरे भाई ने शोर भी मचाया, लेकिन आसपास बचाने वाला कोई नहीं था। जब तक घर से परिजन और अन्य लोग पहुंचे बच्चे की मौत हो चुकी थी। 

कक्षा चौथी में पढ़ता था कुश, घर पर कोई नहीं मिला तो बैग रखकर चले गए नदी 

गोड़पारा दयानंद स्कूल, चंदनबाड़ा निवासी रमेश श्रीवास्तव व उनकी पत्नी शारदा रोजी मजदूरी करते हैं। गुरुवार को दोनों काम पर गए हुए थे। उनके बच्चे कोमल (15) और 10 साल के जुड़वा बच्चे लव व कुश तीनों सुबह 7 बजे घर से स्कूल जाने के लिए निकल गए थे। तीनों में कुश सबसे छोटा था। दोपहर को 12 बजे लव व कुश स्कूल से घर आए तब कोई नहीं था। दोनों बैग रखकर बाहर खेलने निकल गए। खेलते खेलते सड़क पार कर दूसरी ओर नदी में चले गए। इसमें पानी काफी कम है पर एक जगह जहां पर रेत निकालने के लिए खोदा गया है वहां पानी भरा हुआ है।

बच्चों को इसकी गहराई का पता नहीं चला। कुश इसमें नहाने उतर गया। उसे तैरना नहीं आता था। वह डूबने लगा। बाहर खड़े लव ने देखा तो शोर मचाना शुरू किया पर आसपास कोई नहीं था। वह भागते घर की ओर आया। मोहल्ले के लोगों को बताया। कुछ लोग कुश को बचाने नदी की ओर भागे पर तब तक वह डूब चुका था। गड्ढे में उतरकर लोगों ने उसकी खोजबीन की। करीब 10 मिनट बाद नीचे मिल गया फिर बाहर निकालकर सिम्स लाया गया। यहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। 

मैं नहाने के लिए मना किया पर वह माना नहीं। मुझे भूख लगी थी। कहा घर चलकर खाना खाते हैं। दीदी स्कूल से आ गई होगी। मैं एक बार उसका हाथ भी पकड़कर राेका पर नहीं माना। कहा पानी कम है कुछ भी नहीं हाेगा। मुझे कहा-तू भी अा जा। मैं नहीं गया। मुझे पानी से डर लगता है। भैया नदी में नहाने गया मै बाहर खड़ा था। डूबने लगा ताे मैं डर गया। वहां कोई नहीं था। मैं भागते घर की ओर आया और भईया लोगों को बताया तो वे मेरे साथ गए। 
जैसा प्रत्यक्षदर्शी कुश के भाई लव ने बताया। 

अरपा में इतने गड्‌ढे खोद दिए कि लगातार जानें जा रहीं 

  • जुलाई 2012 में तीन वर्षीय सनी साहू अपने पिता भुरू साहू के साथ खमतराई से बहतराई जाते हुए मुरुम खदान में गिर गया। उसकी मौत हो गई। 
  • 2016 में शनिचरी रपटा के पास अरपा नदी में किए गए गड्ढे में डूबने से मानसिक रोगी युवती की मौत हो गई थी। वह अपने भाई के साथ नदी में नहाने गई थी। 
  • अप्रैल 2016 में अशोक नगर के पास रहने वाले मनीराम सूर्यवंशी का बेटा आदित्य (5वर्ष) बच्चों के साथ मुरुम खदान में सुबह नौ बजे नहाने गया। वह डूबकर मर गया। 
  • 2017 में अशोक नगर मुरुम खदान में विशाल नामक बच्चे की मौत हुई थी। 

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