फर्जीवाड़ा / 24 हजार फर्जी राशनकार्ड से दे रहे थे 6739 क्विंटल चावल, इतने से हर माह 50 हजार लोगों का पेट भरता



bilaspur news 24000 fake ration cards feeding 50000 people
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bilaspur news 24000 fake ration cards feeding 50000 people

  • राज्य सरकार के राशनकार्ड सत्यापन में पकड़े गए मामले, प्रति कार्ड प्रति व्यक्ति दिया जाता है 7 किलो चावल
  • मृतकों और पलायन कर चुके लोगों तक के बनाए गए थे राशन कार्ड, दो करोड़ रुपए से ज्यादा का है घपला 

Dainik Bhaskar

Aug 21, 2019, 11:08 AM IST

सुनील शर्मा। बिलासपुर. प्रदेश में सर्वाधिक राशनकार्ड वाले बिलासपुर जिले में 24 हजार 69 राशनकार्ड फर्जी मिले हैं। इन राशनकार्डों में यदि चार सदस्य भी होना मान लें तो हर कार्ड पर प्रति सदस्य सात किलो के हिसाब से 28 किलो चावल दिया जा रहा है। इन सभी कार्डों पर हर माह 6739.32 क्विंटल चावल दिया जा रहा है। इतने में तो हर माह 48 से 50 हजार लोगों का पेट भरा जा सकता है। इस चावल की बाजार में कीमत 30 रुपए किलो के हिसाब से 2 करोड़ 2 लाख 17 हजार रुपए है। 

सितंबर से इन फर्जी कार्डों पर नहीं मिलेगा राशन

  1. राज्य में सरकार बदलने के बाद राशनकार्डों का सत्यापन करने राज्यभर में शिविर लगाए गए। बिलासपुर जिले के 645 ग्राम पंचायतों के साथ ही सभी 12 नगरीय निकायों में 15 जुलाई से 5 अगस्त तक शिविर लगाकर राशन कार्डधारियों से आधारकार्ड, फोटो, एड्रेस प्रूफ के साथ आवेदन लिए गए। 4 लाख 90 हजार राशनकार्ड में से 24 हजार 69 ने अंत तक फॉर्म जमा नहीं किया। यह मानकर चला जा रहा है कि ये फर्जी कार्ड है। 

  2. यह भी कहा जा रहा है कि उचित मूल्य दुकान संचालकों ने चावल बेचकर मुनाफा कमाने के मकसद से अधिकारियों से मिलीभगत कर ऐसे लोगों के नाम पर कार्ड बनवाए थे, जो या तो मर गए हैं या फिर पलायन की वजह से प्रदेश से हैं। इन कार्डों को ब्लैक लिस्टेड कर सितंबर से राशन नहीं दिया जाएगा। छत्तीसगढ़ में ज्यादातर लोग भात खाते हैं। एक अनुमान के मुताबिक एक व्यक्ति एक दिन में आधा किलो चावल खाता है। 

  3. इसमें थोड़ा कम-ज्यादा हो सकता है पर इतना मान लेने पर उसे हर माह 14 किलो चावल की जरूरत पड़ेगी। अभी तो 24 हजार 69 फर्जी राशनकार्डों में हर माह 6739.32 क्विंटल चावल दे रहे हैं। इतने से 48 से 50 हजार लोगों का पेट भरा जा सकता है। 48 हजार से 14 किलो का गुणा करने में लगभग इतना क्विंटल चावल होता है। 

  4. दुकान संचालकों पर संदेह: चूंकि राशन दुकान संचालक प्रत्येक कार्डधारी को नाम व चेहरे से जानते हैं इसलिए बगैर उनकी मिलीभगत के न तो अपात्र राशनकार्ड बनवा सकते न फर्जी कार्ड संभव है। लोकसभा चुनाव में कथित तौर पर भाजपा के लिए काम करने के लिए वे सरकार के निशाने पर हैं। अब फर्जी कार्ड के मामले में सरकार उन्हें नहीं छोड़ेगी। वैसे भी सरकार दुकानदारों को बदलने का मन बना चुकी है। 

  5. 35 किलो चावल की घोषणा: दो माह में बन गए 4271 कार्ड 
    कांग्रेस ने सरकार में आने के बाद प्रति कार्ड 35 किलो चावल देने की घोषणा क्या की, लोगों ने धड़ल्ले से कार्ड बनवा लिए। जिले में दिसंबर-जनवरी में 4271 नए राशनकार्ड बन गए। 

  6. सवाल दिनेश्वर प्रसाद, खाद्य नियंत्रक बिलासपुर 
    24069 राशनकार्ड फर्जी मिले, ये कैसे बन गए?  फर्जी नहीं कह सकते पर अपात्र मिले हैं, पहले से बने हैं। 
    जब फर्जी नहीं तो फॉर्म कैसे जमा नहीं हुए?  हो सकता है कुछ मर गए हो या फिर पलायन में गए हो। 
    पर ऐसा संभव नहीं लगता,अब क्या करेंगे?  अपात्र मिले सभी कार्ड निरस्त कर राशन देना बंद करेंगे। 

     

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