छत्तीसगढ़  / सड़क चलते झोलाछाप से ली दवाई, चार महीने के बच्चे की मौत



bilaspur news Fake doctor gives medicine to four-month-old child, death
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bilaspur news Fake doctor gives medicine to four-month-old child, death

  • दवाई देने के बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ने पर जिला अस्तपाल पहुंचे, डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
  • सूचना मिलने पर बहतराई क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मारा छापा, लेकिन उससे पहले ही फरार
  • 13 दिन पहले मस्तूरी में हुई थी किशोरी की मौत, सभी झोलाछाप के क्लीनिक बंद कराने दिए थे निर्देश 

Dainik Bhaskar

May 17, 2019, 10:21 AM IST

बिलासपुर. झोलाछाप के इलाज से गुरुवार को 4 माह के बच्चे की मौत हो गई। बच्चे को परिजन रिश्तेदार के कहने पर उसे बहतराई क्षेत्र में किसी देवांगन क्लीनिक पर ले गए थे। वहां से जब जिला अस्पताल पहुंचे तो जांच के बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया गया। बच्चा कौन था और कहां का था इसका पता स्वास्थ्य विभाग को नहीं लग सका। नर्सिंग होम एक्ट के नोडल ऑफिसर की टीम ने बहतराई क्षेत्र में छापा भी मारा, लेकिन  इस नाम से चलती हुई कोई क्लीनिक नहीं मिली। 

रिश्तेदार के कहने पर ले गए थे बच्चे का इलाज कराने

  1. तालापारा में रहने वाले मन्नू मेश्राम किसी रिश्तेदार के कहने पर बहतराई में अपने बच्चे का इलाज कराने गए थे। वहां से दवाई लेने के बाद जब वह जिला अस्पताल पहुंचे तो जांच करने के बाद डॉक्टर ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। इस पर परिजन बच्चे के शव को लेकर चले गए। बच्चे की मौत होने की जानकारी शाम को जब स्वास्थ्य विभाग को लगी तो बहतराई में टीम ने छापा मारा लेकिन देवांगन या उसके नाम से चलती हुई कोई क्लीनिक नहीं मिली। 

  2. दूसरी तरफ जिला अस्पताल में तैनात स्टाफ ने बताया कि बच्चा बीमार रहता था और उसका इलाज चल रहा था। बीमारी के कारण उसकी मौत हुई है। हालांकि बच्चे के भर्ती और उपचार से संबंधित पर्चे यहां का स्टाफ भी नहीं दिखा सका। इससे पहले भी 3 मई को मस्तूरी में एक झोलाछाप के इंजेक्शन लगाने से 14 वर्षीय रागनी टंडन की मौत हो गई थी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से ऐसे कथित फर्जी डाक्टरों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। 

  3. तीन क्लीनिक सील, कई भाग गए 

    बहतराई में जब कोई झोलाछाप नहीं मिला तो स्वास्थ्य विभाग की टीम ने चिंगराजपारा में चल रहे अवैध क्लीनिक पर छापा मारा। इनमें झोलाछाप नरेंद्र कुमार शर्मा, एसआर साहू तथा बिजेंद्र देवांगन की क्लीनिक सील की गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम कार्यवाही कर रही है इस बात का पता चलते ही आस-पास के झोलाछाप अपनी क्लीनिक बंद करके भाग गए। 

  4. परिजन नहीं आए, जानकारी मिली थी 

    जिस बच्चे की मौत हुई उसके परिजन कोई शिकायत लेकर मेरे पास नहीं आए। मुझे तो आप लोगों के माध्यम से जानकारी मिली थी इसलिए बहतराई में कार्यवाही करने के लिए टीम गई थी, लेकिन वहां कोई चिंगराजपारा में है तो वहां जाकर तीन क्लीनिक सील कर दी। मृतक तथा उसके परिजनों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। 

    डॉ. बीके वैष्णव, नोडल ऑफिसर, नर्सिंग होम एक्ट 

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