सीबीएसई  / केंद्रीय बोर्ड के स्कूलों में अब छात्र और शिक्षक महीने में एक बार पहनेंगे खादी ड्रेस

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  • गांधी जी की 150वीं जयंती पर पहल : प्रिंसिपल चाहें तो स्टूडेंट्स यूनिफॉर्म के साथ खादी एसेसरीज का भी कर सकते हैं प्रयोग
  • सीबीएसई ने खादी को सेहत के लिए बताया बेहतर, कहा- इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी लाखों लोगों को मिलेंगे 

दैनिक भास्कर

Oct 09, 2019, 10:03 AM IST

बिलासपुर. नेताओं के बाद अब फैशन सिंबल बनती जा रही खादी को अब स्कूली स्टूडेंट्स भी पहनेंगे। महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) ने सभी स्कूलों के शिक्षकों-विद्यार्थियों से सप्ताह, पखवाड़े या माह में कम से कम एक दिन खादी वस्त्र पहनने की अपील की है। इस संबंध में सीबीएसई की ओर से सभी स्कूलों को पत्र भेजा गया है। बोर्ड की ओर से खादी को सेहत के लिए बेहतर बताने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने वाला भी बताया है। 

खादी भारत का हेरिटेज फैब्रिक, स्किन फ्रेंडली भी

सीबीएसई के सचिव की ओर से जारी पत्र में खादी की यूनिफॉर्म को सेहत के लिए बेहतर बताते हुए कहा गया है कि खादी के इस्तेमाल से ग्रामीण क्षेत्रों के लाखों लोगों को रोजगार भी मिलेगा। पत्र में यह भी कहा गया है कि अगर स्कूल प्रिंसिपल चाहें तो स्टूडेंट्स यूनिफॉर्म के साथ ही खादी की ही बनी एसेसरीज भी प्रयोग कर सकते हैं। सीबीएसई की इस पहल का उद्देश्य राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की 150वीं जयंती पर खादी को प्रमोट करना है। 

सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन की और से जारी किए गए सर्कुलर में कहा गया कि खादी भारत का हेरिटेज फैब्रिक है। यह न केवल लाखों लोगों को रोजगार उपलब्ध करवाता है, बल्कि देश की एकता और समानता को भी प्रमोट करता है। इसके अलावा खादी हाथ से बुना हुआ होता है, इसलिए यह स्किन फ्रेंडली भी हाेता है। ग्रामीण जनजीवन से जुड़ा होने के कारण कई लोगों का व्यवसाय भी इससे जुड़ा हुआ है।  

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