आत्महत्या / बीमारी से परेशान व्यवसायी ने दयालबंद पुल से नदी में लगाई छलांग, बचाने कूदा युवक भी डूबा



जहां पर संजय डूबा, वहां पानी में बुलबुले उठ रहे थे। गोताखोर नहीं पहुंचे थे। पुल पर खड़े परिजन नदी को देखकर बार-बार आंखों के आंसू पोछ रहे थे। जहां पर संजय डूबा, वहां पानी में बुलबुले उठ रहे थे। गोताखोर नहीं पहुंचे थे। पुल पर खड़े परिजन नदी को देखकर बार-बार आंखों के आंसू पोछ रहे थे।
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जहां पर संजय डूबा, वहां पानी में बुलबुले उठ रहे थे। गोताखोर नहीं पहुंचे थे। पुल पर खड़े परिजन नदी को देखकर बार-बार आंखों के आंसू पोछ रहे थे।जहां पर संजय डूबा, वहां पानी में बुलबुले उठ रहे थे। गोताखोर नहीं पहुंचे थे। पुल पर खड़े परिजन नदी को देखकर बार-बार आंखों के आंसू पोछ रहे थे।

  • विजय को तैरना भी नहीं आता था पर व्यवसायी संजय को डूबते देखा तो खुद को नहीं रोक पाया 
  • 12 फीट गहरे पानी में मिला व्यवसायी का शव, देर रात तक होती रही युवक संजय की तलाश

Dainik Bhaskar

Oct 12, 2019, 10:31 AM IST

बिलासपुर. बीमारी से परेशान एक व्यवसायी ने शुक्रवार शाम दयालबंद पुल से नीचे नदी में कूद गया। डूबने से उसकी मौत हो गई। इस दौरान व्यवसायी काे कूदा देख, एक युवक ने भी उसे बचाने के लिए नदी में छलांग लगा दी। हालांकि वह भी डूब गया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस और गोताखोरों की टीम ने 12 फीट गहरे पानी से व्यवसायी का शव बरामद कर लिया, लेेकिन युवक का अभी तक कुछ पता नहीं चल सका है। बताया जा रहा है कि युवक को तैरना नहीं आता था, फिर भी बचाने के लिए वह नदी में कूद पड़ा।  

रिक्शा चालक ने व्यवसायी को नदी में कूदते देखा तो दी सूचना

  1. मंगला चाैक 36 माॅल के पीछे रहने वाले संजय आडवानी (43) पिता माधवदास आडवानी शादीशुदा थे। उनकी तेलीपारा में शीला सुहाग भंडार के नाम से दुकान है। परिजनों के अनुसार शुक्रवार दोपहर संजय घर से दुकान के लिए निकले। दुकान में कुछ देर ठहरे फिर स्कूटी लेकर अचानक निकल गए और सीधे दयालबंद पुल आ गए। यहां गाड़ी खड़ी करने के बाद नदी में छलांग लगा दी। मार्ग से गुजरने वाले एक रिक्शाचालक ने देखा तो परिवार वालों को सूचना दी। इस पर परिजनों ने पुलिस को खबर दी। 

  2. घटना के 10 मिनट बाद ही दयालबंद निवासी विजय मेश्राम (28) पिता स्व अशोक मेश्राम पहुंच गया। उसने संजय को डूबते देखा तो खुद भी नदी में बचाने के लिए छलांग लगा दी। विजय दयालबंद के एक इडली दोसा के ठेले में काम करता था। सूचना मिलने के करीब एक घंटे बाद पुलिस पहुंची। कुछ देर बार दोनों के परिजन भी मौके आ गए। गोताखोर दोनाें को बाहर निकालने नदी में उतरे। खोजबीन के बाद व्यवसायी का शव पहले निकाला गया। विजय की तलाश शनिवार सुबह से फिर शुरू की गई है। 

  3. बोला- मैं कूदकर ले आऊं?...लगा दी छलांग, फिर डूबने लगा 

    विजय वहां पहुंचा। इस दौरान लोगों की काफी भीड़ जमा हो गई थी। वह आते ही लोगों से कहा-मैं कूदकर ले आउं और इसके बाद वह भी नदी में कूद गया। जब हाथ पैर मारने लगा तब पता चला उसे तैरना नहीं आता। विजय की मकान मालकिन पिंकी ने बताया कि दोपहर को वह बहुत खुश था। पिंकी के अनुसार वह लोगों से कह रहा था कि उसे किसी बात की चिंता नहीं है। चिंता वह करे जिनकी शादी हो गई है और बाल बच्चे वाले हैं। वह तो अभी कुंवारा है इसलिए उसे चिंता नहीं है। 

  4. स्कूटी की चाबी में फंसा था सुसाइड नोट लिखा था घर वालों का कसूर नहीं 

    सुसाइड नोट लेकर व्यवासयी खुदकुशी करने आया था। वह दो लाइन की नोट को शायद दुकान में ही लिखा था। इसमें बीमारी को आत्महत्या का कारण बताया है। लिखा है- तबीयत खराब होने के कारण मर रहा हूं और घरवालों का कसूर नहीं है। लोगों को जानकारी देने के लिए अपने रिश्तेदार का नाम प्रकाश आडवानी व उनका मोबाइल नंबर लिखा है। पुलिस ने उसे जब्त कर लिया है। 

  5. एक पैर में चप्पल, भागते आई मां पहुंचते ही बेहोश 

    विजय का घर पुल के करीब ही है। जैसे ही उसकी मां रूपकला को अपने बेटे के नदी में कूदने की जानकारी मिली वह पड़ोसियों के साथ भागते वहां पहुंची। यहां आने के बाद विजय के डूबने का पता चला और वह छाती पीट-पीट कर रोने लगी। इस बीच वह कई बार बेहोश भी हुई। लोगों ने पानी की छींटे मारकर उसे हाेश में लाया। रूपकला के पति की पहले ही मौत हो चुकी है। उसके तीन बेटे व एक बेटी में विजय तीसरे नंबर का था। बेटी की शादी हो चुकी है और बाकी दो बेटों में एक बाहर रहता है। 

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