छत्तीसगढ़  / फिर पिटी पुलिस, शराब पी रहे युवकों को टोका तो जवानों की कर दी पिटाई

bilaspur news youth who were drunk beat the policemen deployed in 112
X
bilaspur news youth who were drunk beat the policemen deployed in 112

  • सकरी थाने का कांस्टेबल देर रात उसलापुर ओरवब्रिज पर कर रहा था ड्यूटी
  • रेलवे ट्रैक पर बैठकर शराब पीने से किया मना तो डंडा छीनकर करने लगा पिटाई

Jul 17, 2019, 01:41 PM IST

बिलासपुर. सकरी थाने का कांस्टेबल वीरेंद्र भोई डायल 112 में ड्यूटी करता है। सोमवार रात 11.55 बजे उसलापुर ओवरब्रिज के पास अनिमेश शुक्ला अपने साथियों के साथ रेलवे ट्रैक पर शराब पी रहा था। मना करने पर वह भड़क गया और गालियां देने लगा। वह डंडा लेकर सिपाही की पिटाई शुरू कर दी। मोबाइल भी छीन लिया। ड्राइवर ने बीच बचाव किया। फोन पर सिपाही ने कंट्रोल रूम को जानकारी दी तो सकरी पुलिस पहुंची। सायरन सुनकर अनिमेश शुक्ला व उसके साथी वहां से भाग निकले। सिपाही ने सिविल लाइन थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। 

और पिटाई नहीं हो इसलिए फिर से प्री-पेड बूथ की प्लॉनिंग शुरू 

रेलवे स्टेशन में आए दिन होने वाली मारपीट को देखते हुए यहां पर फिर से प्री-पेड बूथ शुरू करने की योजना है। इसका स्थाई हल भी यही है। एसपी प्रशांत अग्रवाल ने कहा है कि कोशिश रहेगी कि जल्द ही इसे फिर से शुरू किया जाए, जिससे कुछ ऑटो चालकों की मनमानी पर रोक लगाई जा सके। बिलासपुर जोनल रेलवे स्टेशन के सामने ऑटो चालकों और पार्किंग ठेकेदार व उसके कर्मचारियों की गुंडागर्दी बढ़ती ही जा रही है। प्रशासनिक अफसर, पुलिस अफसर और कांग्रेस नेता तक को पीटने से उन्होंने गुरेज नहीं किया। 

इसमें रेलवे के अफसरों की बड़ी भूमिका है जो व्यवस्था बनाने की बजाय सिर्फ अपनी कमाई पर ही ध्यान केंद्रित किए हुए हैं। 19 साल पहले जब रेलवे जोन की स्थापना हुई तो विकास के बड़े-बड़े प्लान बने। कुछ ऑटो चालकों की वजह से रेलवे स्टेशन का माहौल खराब हो रहा है। ज्यादातर ऑटो चालक यातायात विभाग की प्री-पेड बूथ व्यवस्था के समर्थक हैं लेकिन कुछ ऐसे है जिन्हें पुलिस प्रशासन और रेलवे प्रशासन का संरक्षण मिला हुआ है। हर दिन कोई न कोई विवाद करते हैं। प्री-पेड व्यवस्था चार बार शुरू कराई गई लेकिन रेलवे अफसरों और कुछ गुंडे किस्म के ऑटो चालकों की वजह से इसे बंद करना पड़ गया। 

सवाल पुलकित सिंघल, सीनियर डीसीएम बिलासपुर 
ऑटो चालक यात्रियों से दुर्व्यवहार कर मारपीट कर रहे हैं। इसके लिए कौन जिम्मेदार है?  स्टेशन के बाहर यात्री से मारपीट की स्थानीय पुलिस की जिम्मेदारी है। 
रेलवे की कोई जवाबदारी नहीं होती है?  ऑटो पार्किंग बनाई गई है। स्थानीय पुलिस देखें की विवाद कहां हो रहा है। 
प्री-पेड बूथ क्यों बंद किया गया?  काम पुलिस प्रशासन का है। मेरे आने से पहले से ये बंद है। कारण मुझे नहीं पता। 

सवाल ऋषि शुक्ला, सीनियर डीएससी बिलासपुर 
ऑटो चालक यात्रियों से दुर्व्यवहार कर मारपीट कर रहे हैं। इसके लिए कौन जिम्मेदार है?  विवाद जहां हुआ वह लोकल पुलिस के अधिकार क्षेत्र वाला है। इसलिए जिम्मेदारी भी उन्हीं की है। 
क्या ऐसे मामले में रेलवे की कोई जवाबदारी नहीं होती है?  अगर कहीं भी अवैध पार्किंग करता है तो आरपीएफ को कार्रवाई का अधिकार है और लगातार रेलवे अधिनियम के तहत कार्रवाई भी की जा रही है। 


 

सवाल प्रशांत अग्रवाल, एसपी 
 ऑटो चालकों से आखिर कब तक लोग पिटते रहेंगे?  कभी कभार ऐसी घटनाएं हो रही है पर पुलिस जिम्मेदारी से काम कर रही है। इसे बंद करने के लिए प्रीपेड बूथ को फिर से शुरू किया जाएगा।
इससे लोगों में दहशत है, यह कैसे खत्म होगा?  ऐसे ऑटो चालक को लगातार आपराधिक घटनाओं में संलिप्त हैं उनकी पहचान की जा रही है। ऐसे लोगों की परमिट रद्द किया जाएगा। 

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना