बिलासपुर  / सूदखोरों से परेशान शिक्षक ने लगाई फांसी, सुसाइड नोट में लिख गए, शरीर सिम्स को दान कर देना

सिंबोलिक फोटो सिंबोलिक फोटो
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  • सकरी क्षेत्र के उसलापुर की घटना, छत पर फंदे से लटकता मिला शव, शासकीय स्कूल में थे पदस्थ
  • 6 लाख के बदले में 50 लाख दे चुके थे शिक्षक, अब सूदखोर घर अपने नाम करवाने का दबाव बना रहे थे 

Dainik Bhaskar

Jan 17, 2020, 10:33 AM IST

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ में सूदखोरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। एक बार फिर बिलासपुर में सूदखोरों से परेशान होकर गुरुवार सुबह एक शिक्षक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। शिक्षक का शव घर की छत पर लटकता हुआ मिला। जब शिक्षक की पत्नी छत पर गई तो पति को फांसी पर लटकता देख उसने शोर मचाया। इस पर परिजन व पड़ोसी वहां पहुंचे और शिक्षक के शव को फंदे से नीचे उतारा। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। घटना सकरी थाना क्षेत्र के शिक्षक कॉलोनी उसलापुर की है। 

आवाज देने के बाद भी जब जवाब नहीं मिला तो पत्नी छत पर पहुंची, वहां फंदे से लटक रहा था शव

  1. शिक्षक कॉलोनी निवासी मुकद्दर सिंह (38) शासकीय स्कूल सकरी में पदस्थ थे। गुरुवार सुबह करीब 9.30 बजे मुकद्दर सिंह नहाने के बाद स्कूल जाने की तैयारी करने लगे। करीब 11 बजे वे छत पर चले गए। इस दौरान उसकी पत्नी अंजुला सिंह अपने बच्चों के साथ नीचे के कमरे में ही थी। कुछ देर बाद जब अंजुला पति को आवाज देते हुए छत पर गई तो देखा मुकद्दर सिंह फांसी पर लटका हुआ था। पति को फांसी पर लटकते हुए देख अंजुला ने शोर मचाया तो परिजन व कॉलोनी के कुछ लोग वहां पहुंचे और उसे नीचे उतारा। 

  2. मेरी पत्नी को अनुकंपा नियुक्ति दी जाए 

    मुकद्दर सिंह ने आत्महत्या करने से पहले 6 पेज का सुसाइड नोट छोड़ा है। इस सुसाइड नोट में उसने लिखा है कि उसके हिस्से का खेत बेचकर कर्जदारों को पैसा चुका दें। मेरे नाम से बीमा पॉलिसी है उससे भी मदद मिल जाएगी। कर्जदार केवल अपना मूलधन ही लें ब्याज न लें। मेरी जगह पर मेरी पत्नी अंजुला सिंह को अनुकंपा नियुक्ति दी जाए। मरने के बाद मेरा शरीर सिम्स को दान कर दिया जाए। इसके अलावा भी बहुत सी बातें सुसाइड नोट में लिखी हैं। यह भी लिखा है कि जिनकी वजह से मुझे यह करना पड़ रहा है उन्हें पुलिस कड़ी सजा दे। 

  3. पीछे ही पड़ गए थे सुदखोर 

    शिक्षक मुकद्दर सिंह 6 लाख रुपए के बदले करीब 50 लाख रुपए दे चुका था। इसके बाद भी कर्जदार उसका पीछा नहीं छाेड़ रहे थे। यह भी पता चला है कि कर्जदार उससे घर अपने नाम करवाने का दबाव बना रहे थे। इसलिए मुकद्दर सिंह ने आत्महत्या कर ली। पुलिस इस मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। मुकद्दर सिंह ने 11 जनवरी को आधा दिन की छुट्टी ली थी, लेकिन इसके बाद वह स्कूल वापस ही नहीं गया। बताया गया है कि गुरुवार को वह स्कूल जाने के लिए ही तैयार हुआ लेकिन सूदखोरों से परेशान होकर उसने आत्महत्या कर ली। 

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