सालभर में ठगी के 192 केस, निपटाने एक्सपर्ट अफसरों को दी गई जिम्मेदारी
सालभर में ठगी के 194 केस दर्ज किए गए हैं। इस दौरान 1 करोड़ 25 लाख रुपए धोखाखड़ी करने वालों के पास चले गए। मोबाइल से सबसे अधिक लोगों को झांसा दिया गया। इसके बाद आॅन लाइन, चिटफंड कंपनी बनाकर व नौकरी लगाने के नाम पर ठगी शामिल है। इन्हें हल करने के लिए आईजी ने दोनों एडिशनल एसपी को जिम्मेदारी सौंपी है। इसके लिए दोनों से एक्सपर्ट विवेचकों की मदद लेने के लिए कहा गया है। जुलाई 2019 से दिसंबर 2019 तक हुए अपराधों में 88 केस के अाराेपी नहीं पकड़े गए। जिनमें पकड़े गए उनमें वसूली नहीं हाे पाई। जिले में चिटफंड कपनियों ने अवैध तरीके से कई वर्षों से फर्जीवाड़े का कारोबार कर पैसे दोगुना करने, जमीन और मकान देने समेत अन्य तरीकाें से ठगी की और रकम समेट कर फरार हो गए, लेकिन उन्होंने निवेश के पैसे से अर्जित संपत्ति इतनी कम छोड़ी है कि निवेशकों की रकम वापसी किया जा सके। इसी तरह मोबाइल से अभी भी लोग ठगे जा रहे हैं। आॅन लाइन ठगी के केस जिले में दूसरे नंबर पर है। पुलिस ने इस बीच ठगी के 46 आरोपियों को गिरफ्तार किया पर उनसे केवल 25 लाख रुपए ही वसूल किए जा सके।
पाॅलिसी बंद होने
का झांसा दिया
मंगला शुभम् बिहार निवासी रेखा साहू के मोबाइल पर एक नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले ने महिला के पति की पालिसी बंद होने की खबर दी तो वह घबरा गई। इसका फायदा उठाकर ठग ने पालिसी फिर से चालू कराने की एवज में 40 हजार रुपए जमा करने के लिए कहा तो वह फौरन तैयार हो गई और उसके बताए एकाउंट नंबर में उसने रकम जमा करा दी।
हवाई कंपनी में नौकरी के नाम पर 58 हजार ठगे
सिटी कोतवाली थाने में आकाश हंसपाल ने 58 हजार ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। काल करने वाली युवती थी। उसने खुद को जेट एयरवेज का अधिकारी बताकर उससे कंपनी में केयर टेकर पद पर नियुक्ति का झांसा दिया। इसके बाद ठग ने रकम जमा कराई।
12.50 लाख रुपए इनाम के झांसे में अा गया युवक
अमेरी बस्ती निवासी मिस्त्री शिव कुमार चतुर्वेदी के मोबाइल पर बताया गया कि उसका चयन चेहरा पहचानों इनाम पाओ स्पर्धा में हुआ है और उसे 12 लाख 60 हजार रुपए का पुरस्कार मिला है। मिस्त्री ने झांसे में आकर 26 हजार रुपए जमा करा दिए।
दोनों एडिशनल एसपी को दी गई जिम्मेदार
आईजी दीपांशु काबरा ने कहा कि ठगी के 194 केस को हल करने की जिम्मेदारी एडिशनल एसपी सिटी व एडिशनल एसपी ग्रामीण को दी गई है। इसके लिए एक्सपर्ट विवेचकों को लगाया जा रहा है।
केस-4
केस-2
केस-3
केस-1
एटीएम कार्ड बंद होने
का डर दिखाया
चकरभाठा थाना में ठगी का एक केस आया। इसमें एटीएम वेरीफिकेशन के नाम पर ग्राम डडहा के जेठूराम सतनामी ने ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। किसी ने बैंक अफसर बनकर उसे एटीएम कार्ड बंद होने का डर दिखाया और उससे पिन नंबर ले लिया। जब खाते से 48600 रुपए निकले तो उसे ठगी का पता चला।