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मार्च के 12 दिन में 53.8 मिमी हुई बारिश

एक वर्ष पहले
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मार्च माह में बारिश का रिकॉर्ड टूट चुका है। शहर में मार्च के 12 दिनों में 53.8 मिमी बारिश हो चुकी है जबकि इससे पहले 2014 में 51.7 मिमी वर्षा हुई थी। गुरुवार की सुबह 25 मिमी वर्षा होने के साथ ही यह रिकॉर्ड टूट गया।

उत्तरी पाकिस्तान और इससे लगे जम्मू कश्मीर पर एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। इसके प्रभाव से मध्य पाकिस्तान पर निम्न दबाव का क्षेत्र बना है। निम्न दबाव के क्षेत्र से पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश होते हुए बिहार तक एक टर्फ बना हुआ है वहीं मराठवाड़ा से कर्नाटक होते दक्षिणी तमिलनाडु तक भी एक टर्फ सक्रिय है। मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी भागों पर एक विपरीत चक्रवाती क्षेत्र बना है। इसके असर से पूर्वी मध्य प्रदेश, उत्तरी छत्तीसगढ़ और झारखंड के साथ बिहार के कुछ इलाकों में बादलों की गर्जना और बिजली चमकने के साथ वर्षा हो सकती है। प्रति चक्रवात के असर से शहर में अलसुबह बारिश शुरू हुई जो रुक-रुककर सात बजे तक होती रही। मौसम विभाग के मुताबिक 25 मिमी वर्षा हुई। इससे पहले 1 मार्च से लेकर सात मार्च तक 28.8 मिमी वर्षा हुई थी। यानी कुल बारिश 53.8 मिमी हुई। इतनी वर्षा मार्च में पिछले दस वर्षों में कभी नहीं हुई। इधर बारिश होने के बाद धूप निकल आई और दोपहर में तेज धूप की वजह से थोड़ी परेशानी भी हुई। अधिकतम तापमान 30.4 डिग्री तो न्यूनतम तापमान 19.6 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। सुबह 89 फीसदी तो शाम को 68 फीसदी आर्द्रता दर्ज की गई।

गुरुवार की सुबह हुई बारिश के दौरान अंधेरा छा गया।

जानिए मार्च में कब कितनी वर्षा


ओले गिरने की संभावना

मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ के असर से अगले 24 घंटे में एक-दो स्थानों पर गरज चमक के
साथ ही हल्की वर्षा और ओले गिरने का भी अनुमान है। आसमान पर बादल छाए रहेंगे। बारिश होने से कुछ फसलों के नुकसान होने की संभावना है।

2019-21.4 मिमी

2018-1.2 मिमी

2017-1.9 मिमी

2016-10.1 मिमी

2015-27.5 मिमी

2014-51.7 मिमी

2013-7.1 मिमी

2012-0 मिमी

2011-21.2 मिमी

2010-0.3 मिमी
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