सत्यापन के बाद 1341 बीपीएल तो 69745 एपीएल राशनकार्ड बने
6 माह में अब तक 1341 बीपीएल तो 69745 एपीएल राशनकार्ड बनाए गए हैं इसके बावजूद अभी भी राशनकार्ड की कमी बरकरार है। यही वजह है कि आए दिन लोग राशनकार्ड बनवाने के लिए खाद्य विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। खाद्य विभाग के अधिकारी नियमानुसार राशनकार्ड बनाने का दावा कर रहे हैं। राशनकार्ड में फर्जीवाड़े की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कांग्रेस सरकार ने पूरे प्रदेश में राशनकार्डों के सत्यापन का निर्णय लिया। व्यापक स्तर पर अभियान चलाया गया। इसमें जिले में 24 हजार 69 राशनकार्ड फर्जी मिले। इन राशनकार्डों में यदि चार सदस्य भी होना मान लें तो हर कार्ड पर प्रति सदस्य सात किलो के हिसाब से 28 किलो चावल दिया गया। इन सभी कार्डों पर हर माह 6739.32 क्विंटल चावल दिया जा रहा था। इतने में तो हर माह 48 से 50 हजार लोगों का पेट भरा जा सकता था। सत्यापन के बाद 4 लाख 66 हजार 875 राशनकार्ड थे और अब इनकी संख्या 4 लाख 68 हजार 218 हो गई है। यानी 1341 राशनकार्ड बने। वहीं 6 माह में 69745 एपीएल राशनकार्ड बने। इतने प्रदेश में कहीं नहीं बनाए गए। इसके बाद भी शायद ही ऐसा कार्यालयीन दिवस हो जब लोग राशनकार्ड बनवाने के लिए नहीं आते। प्रभारी खाद्य नियंत्रक हिजकिएल मसीह के मुताबिक प्रदेश में सर्वाधिक राशनकार्ड बिलासपुर जिले में है।