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13 पायदान की छलांग के साथ बिलासपुर को अब 66वां स्थान

एक वर्ष पहले
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पिछले साल की तुलना में बिलासपुर स्मार्ट सिटी की रैंक ऊपर 66वीं पायदान पर आ गई है। जून 2019 में की रैंक 79 वीं पर थी। जून से यह 13 पायदान ऊपर आ गई है। शहरी विकास मंत्रालय की ताजा रैंकिंग में प्रदेश के दो अन्य स्मार्ट शहर बिलासपुर व नया रायपुर की पोजिशन ऊपर आ गई है। बिलासपुर 66वें नंबर पर है और रायपुर 57 वीं नंबर पर है। केंद्रीय शहरी एवं आवासन मंत्रालय द्वारा किए गए सर्वे में बिलासपुर को कामकाज के आधार पर 25.21अंक हासिल हुए हैं। जबकि रायपुर को 29.51 और रायपुर काे 30.15 अंक मिले हैं। जून में रायपुर 79 पोजिशन पर था। हर महीने स्मार्ट सिटी की कामकाज के आधार पर रैंकिंग जारी होती है। जून के महीने की रैंकिंग को अहम माना जाता है। यह आधे साल के कामकाज की स्थिति को बताता है। रैंकिंग से काम की प्रगति पता चलती है। कितने प्रोजेक्ट चल रहे हैं। कितना काम अधूरा है। कितने पूरे हो चुके हैं तमाम तथ्य इससे पता चलते हैं। देश के 100 स्मार्ट शहरों में आगरा टॉप पोजिशन पर है। इसके बाद कानपुर नंबर 2 और इंदाैर तीसरे पोजिशन पर है। पिछले साल जून में जारी रैंकिंग में अहमदाबाद पहले नंबर पर था। जबकि दूसरे नंबर पर नागपुर का था।

4000 करोड़ के प्रोजेक्ट में 40 करोड़ खर्च, केवल एक फीसदी ही काम

स्मार्ट सिटी के रूप में बिलासपुर का चयन हुए ढाई साल हो चुके हैं। 29 सितंबर 2017 को बिलासपुर स्मार्ट सिटी योजना के अनुदान के लिए चयनित हुआ। इसके बाद बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड को केंद्र और राज्य सरकार से 50-50 फीसदी की भागीदारी में 114 करोड़ रुपए मिले। इसमें से 3 योजनाओं पर करीब 40 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। योजना का काम अधूरा है, इसलिए इसका लाभ लोगों को अभी नहीं मिल पा रहा है

स्मार्ट सिटी की योजना जिसे अभी पूरा करना है

स्मार्ट कंट्रोल सेंटर- ट्रैफिक सिस्टम को व्यवस्थित करने स्मार्ट सर्विसेस एंड इंटेलिजेंस कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनाने की योजना पर दो सौ करोड़ खर्च होंगे।

कनाट प्लेस बनाने की योजना- शहर के बृहस्पति बाजार, पुराना बस स्टैंड को दिल्ली के कनाट प्लेस की तरह विकसित करना है। इसमें आधुनिक पार्किंग से लेकर सभी तरह के सामानों के लिए विशेष दुकान बनाई जानी है। पीपीपी मॉडल पर तैयार होने वाले इस प्रोजेक्ट पर 400 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

प्रोजेक्ट का काम होते ही सालभर के भीतर रैंकिंग 40 तक पहुंच जाएगा-निगम कमिश्नर : नगर निगम कमिश्नर का कहना है कि रैंकिंग में ऊपर आने के पीछे हमारा काम है। नगर निगम ने इस बीच टेंडर करने की, वर्क आर्डर जारी किया और कई काम किया। जो अधूरे हैं वह जल्दी कंप्लीट होने वाला है। आइटीएमएस, पुराना बस स्टैंड, बृहस्पति बाजार का प्रोजेक्ट जल्दी शुरू होने वाला है। एक साल के भीतर बहुत सारे काम पूरा हो जाएंगे और इस बीच हमारा रैंकिंग 40 तक पहुंच जाएगा।

हमारा शहर अागरा से 47.96 अंक पीछे

टॉप पर रहने वाले स्मार्ट शहर अागरा को 73.17 अंक हासिल हुए हैं। बिलासपुर स्मार्ट सिटी इससे 47.96अंक पीछे है। अागरा और अहमदाबाद स्मार्ट सिटी के बीच केवल 5.55 अंक का फासला है। बिलासपुर में स्मार्ट सिटी का प्रोजेक्ट शुरू हुआ है।
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