सात माह बाद सही जगह पर नहीं पहुंची आयोग की चिट्ठी
सात महीने बाद मानवाधिकार आयोग द्वारा पीड़िता के पक्ष में मांगी गई जानकारी का जवाब अफसर नहीं भेज सके हैं। यह चिट्ठी सही जगह पर पहुंची नहीं है। इसलिए ही पीड़िता की परेशानी बनी हुई है। मानवधिकार आयोग का यह पत्र बिल्हा की जगह बिलासपुर एसडीएम दफ्तर को भेज दिया गया है। जिसके चलते ही जांच रिपोर्ट नहीं बन पाई है।
सिरगिट्टी के नगपुरा में रहने वाले एक परिवार को पिछले एक साल से सामाजिक बहिष्कार का दंश झेलना पड़ रहा है। उनकी गलती सिर्फ इतनी है कि परिवार की एक बेटी ने दूसरी जाति के लड़के से प्रेम विवाह कर लिया। और यह भी दस साल पहले की बात बताई है। फिर भी समाज वालों ने इस परिवार को यह कहकर उन्हें ठुकरा दिया है कि वे उनकी सोसाइटी में रहने योग्य नहीं है। यही वजह है कि पीड़िता की बहन ने अपनी दर्द भरी कहानी बताकर मानवाधिकार आयोग को चिट्ठी लिखी है। मामले में मानवाधिकार आयोग ने अफसरों से जवाब-तलब किया है। अभी आयोग को जवाब नहीं भेजा गया है। इसलिए ही पीड़िता और उसके परिवार को न्याय नहीं मिला है। वे भटक रहे हैं।