क्रेडाई की मांग- मंदी का दौर, इसलिए इस साल जमीनों का रजिस्ट्री शुल्क न बढ़ाया जाए
इस साल जमीनों की रजिस्ट्री शुल्क नहीं बढ़ाने की मांग को लेकर क्रेडाई पदाधिकारियों ने कलेक्टर को चिट्ठी लिखी है। उन्होंने बिलासपुर में जमीनों की खरीदी-बिक्री से संबंधित समस्याएं बताई हैं। आग्रह किया है कि अभी मंदी का दौर जारी है। और पहले से ही प्लॉटों की रजिस्ट्री शुल्क अधिक है। इसलिए उन्होंने इस साल उसे यथावत रखने की मांग की है। अभी इस मसले पर अधिकारियों की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। क्रेडाई के पदाधिकारियों का कहना है कि उनकी यह मांग जायज और जनहित में है। इसमें ध्याने देने की जरूरत है। दैनिक भास्कर ने क्रेडाई सचिव अजय श्रीवास्तव से बात की है। उन्होंने बताया कि वैध जमीनों में रजिस्ट्री शुल्क अधिक लगने के कारण लोग सही जमीन नहीं खरीद पा रहे हैं। और इसी का लाभ उन गड़बड़ी करने वाले लोगों को मिल रहा है जो जमीन खरीददारों से अवैध प्लाटिंग के ज्यादा पैसे ले रहे हैं। उन्हें मूलभूत सुविधाएं तक नहीं मिल रही। बाद में वे थाने और कोर्ट का चक्कर लगाने को मजबूर हो रहे। इसके अलावा ऐसे लोग लगातार सरकार को भी कई तरह से नुकसान पहुंचा रहे हैं। एक तरफ लोगों को सड़क, नाली, बिजली की बात कहकर जमीन बेचने के बाद उन्हें यह उपलब्ध नहीं करवाना। तो दूसरी तरफ सरकारी नियमों का पालन नहीं करना। इसकी सबसे ज्यादा परेशानी है। उन्होंने ऐसे लोगों पर नियंत्रण के लिए टाउन एंड कंट्री प्लानिंग, रजिस्ट्री विभाग और नगर निगम को सांमाजस्य बनाकर काम करने की मांग की है। ताकि ऐसे लोग जमीन बेचने से पहले ही पकड़े जाएं। और उनके खिलाफ अधिकारी और प्रशासन कार्रवाई कर सकें। इसके अलावा उन्होंने इन तीनों विभाग को सलाह भी दी है। उनके मुताबिक अधिकारियों को कम विकसित क्षेत्रों की कम रजिस्ट्री शुल्क लेने का प्रावधान बनाना चाहिए। ताकि लोगों को दिक्कत नहीं हों। ज्ञापन देने वालों में अध्यक्ष सहित अन्य शामिल हैं।
टीएंडसी, निगम व रजिस्ट्री विभाग को देना होगा ध्यान
शहर में चारों तरफ अवैध प्लाटिंग का खेल चल रहा है। इनमें कहीं ना कहीं राजस्व विभाग के अधिकारी अप्रत्यक्ष रूप से शामिल हैं। वे सबकुछ जानकार इसे बढ़ावा दे रहे हैं। और इसका खामियाजा लोगों का भुगतना पड़ रहा है। जबकि सरकार ने इसके लिए नियम बनाए हैं। रेरा जैसी संस्थाएं नियुक्त की गई हैं। निगम, टीएनसी जैसे विभाग भी बने हुए हैं। फिर भी जमीनों का यह बिलासपुर में सालों से चल रहा है। जिसकी ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
हमने प्रशासन से पत्राचार किया है
-अजय श्रीवास्तव,
सचिव, क्रेडाई, बिलासपुर
प्रॉपर्टी के प्रकारों में कमर्शियल, औद्योगिक, रेसिडेंसियल सहित अन्य हैं। इनमें उन प्रॉपर्टी पर कम रजिस्ट्री शुल्क का प्रावधान कम बनाने की मांग उठी है, जिनसे जनहित जुड़ा है। इनमें स्कूल, सांस्कृतिक मंच सहित अन्य शामिल हैं।
क्रेडाई के पदाधिकारी। प्रशासन को ज्ञापन सौंप इन्होंने इसओर ध्यानाकर्षण किया है।
अलग- अलग प्रॉपर्टी, प्रावधान बनाना अावश्यक