डॉ. ऋचा ने 18 हजार फीट ऊंचे युद्ध स्थल सियाचिन ग्लेशियर में पहली महिला अफसर के रूप में ड्यूटी का रिकॉर्ड बनाया

Bilaspur News - “जहां चाह वहां राह” यदि लड़कियां ठान लें कि उन्हें क्या करना है। तो वह हर कठिन-कठिन संघर्ष कर वह सब कुछ कर गुजरती...

Mar 30, 2020, 07:16 AM IST

“जहां चाह वहां राह” यदि लड़कियां ठान लें कि उन्हें क्या करना है। तो वह हर कठिन-कठिन संघर्ष कर वह सब कुछ कर गुजरती हैं। ऐसा ही कर दिखाया है पेण्ड्रा की शिक्षिका की बेटी डॉ. ऋचा चक्रवर्ती ने। उन्होंने भारतीय सेना में पहली रेजिमेंटल मेडिकल ऑफिसर के रूप में कैप्टन रहते दुनिया के सबसे ऊंचे युद्ध स्थल सियाचिन ग्लेशियर जहां माइनस 50 डिग्री सेल्सियस तापमान में पहली महिला अफसर के रूप में ड्यूटी करने का रिकॉर्ड बनाया है। थल सेना की तरफ से डॉ. ऋचा को अब मेजर के पद पर पदोन्नति दी गई है। देशभक्ति का जज्बा लिए सियाचिन ग्लेशियर के कठिन व निर्जन स्थान पर पेण्ड्रा की बेटी ऋचा देश सेवा करने वाली अकेली महिला हैं। कैप्टन ऋचा के रूप में भारतीय सेना ने पहली बार किसी भी महिला की पदस्थापना वर्ष 2017 में की थी। सियाचिन ग्लेशियर में पदस्थ सैनिकों का हौसला अफजाई करने पहुंचीं तत्कालीन रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऋचा की कर्तव्य परायणता के कारण उन्हें प्रशस्ति पत्र दिया था।

भास्कर से साझा किए अनुभव अब बैंगलोर में तैनात हैं रिचा

उन्होंने दैनिक भास्कर से सियाचिन ग्लेशियर में ड्यूटी के अनुभव साझा किए। बताया कि उन्हें गर्व है कि भारतीय सेना ने उन्हें विश्व के सबसे कठिन एवं दुर्गम स्थान पर देश सेवा के योग्य समझकर पदस्थापना की। उन्होंने उस स्थान के संबंध में बताया कि वहां पर अन्य स्थानों की अपेक्षा सिर्फ 30% ऑक्सीजन रहता है। ऋचा वर्तमान में बैंगलोर में पदस्थ हैं।


ऋचा की मां के जज्बे ने बेटी को सेना में भर्ती कराया

सियाचिन ग्लेशियर में देश सेवा कर चुकीं मेजर ऋचा की मां ममता चक्रवर्ती जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान डाइट पेण्ड्रा में पदस्थ हैं। ममता चक्रवर्ती का जज्बा ऐसा है कि उन्होंने न सिर्फ अपनी बेटी को सेना में भर्ती होने के लिए प्रोत्साहित किया बल्कि जब बेटी की पोस्टिंग दुनिया के सबसे ऊंचे एवं दुर्गम स्थल पर ड्यूटी करने के लिए सेना ने किया तो उन्होंने बेटी का वहां जाकर देश सेवा करने के लिये प्रोत्साहित किया।

वहां से नजदीक ही है पाकिस्तान की बटालियन, विश्व का सबसे कठिन स्थल

भारतीय सेना में ऋचा की पदस्थापना रेजिमेंटल मेडिकल ऑफिसर के रूप में कैप्टन के पद पर वर्ष 2016 में मिलिट्री हॉस्पिटल पचमढ़ी में हुई थी। वर्ष 2017 में उनकी पदस्थापना विश्व की सबसे दुर्गम युद्ध स्थल सियाचिन ग्लेशियर में की गई। जिसकी ऊंचाई समुद्र तल से लगभग 18000 फीट (5753 मीटर) है। यहां का तापमान माइनस 40 से 50 डिग्री सेल्सियस रहता है। इसका निकटवर्ती क्षेत्र पाक अधिकृत बटालियन है। दुनिया के सबसे कठिन युद्ध क्षेत्र सियाचिन ग्लेशियर के 303 फील्ड हॉस्पिटल में ऋचा ढाई साल पदस्थ रहीं।

डॉ. ऋचा को सम्मानित करते अफसर।

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{जिले के पेंड्रा शहर की रहने वाली हैं, रक्षामंत्री कर चुकी हैं सम्मानित

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