दो करोड़ के घपले के लिए बना लिया फर्जी फर्म रोकड़ पंजी में इन्हीं को एडवांस देना बता दिया

Bilaspur News - सहकारी कर्मचारी गृह निर्माण समिति मोपका में हर कदम पर फर्जीवाड़ा किया गया है। प्लॉट हो पैसे। किसी चीज का हिसाब नहीं...

Nov 11, 2019, 06:45 AM IST
सहकारी कर्मचारी गृह निर्माण समिति मोपका में हर कदम पर फर्जीवाड़ा किया गया है। प्लॉट हो पैसे। किसी चीज का हिसाब नहीं है। कुछ साल पहले समिति के भंग हो जाने के बाद सहकारी संस्था के अफसरों ने जब इनकी बैलेंससीट मांगी तो वे हैरान रह गए। इनकी रोकड़ पंजी में पैसों के जाने का जिक्र तो है। पर आने या दूसरी बातों का हिसाब गायब है। पंजी में जिन फर्मों के नाम पर एडवांस के तौर पर पैसे देनेे की बात अंकित है। सहकारी संस्था के अफसरों को ढूंढ़ने पर वे फर्म नहीं मिल रहे। जाहिर तौर पर गड़बड़ी हुई है। परिसमापक रवींद्र तिवारी का कहना है कि इसलिए ही समिति पदाधिकारियों से वसूली के लिए चिट्‌ठी चलाई गई है। अभी उन्होंने पैसे जमा नहीं किए हैं।

दैनिक भास्कर ने पड़ताल शुरू की तो पाया कि ये वे पैसे हैं जो लोगों से समिति के पदाधिकारियों को प्लॉट के लिए अग्रिम राशि के तौर पर दी हुई है। इनमें 200 लोगों को यह अभी तक उपलब्ध नहीं करवाया गया है। वे पदाधिकारियों का चक्कर लगाकर थक चुके हैं। इसके बाद ही इन्होंने अपनी पीड़ा बताते हुए सरकारी अफसरांे तक शिकायत की है।

जिन्हें एडवांस देने की बात लिखी, उनका पता ढूंढते थक चुके हैं अफसर

पैसे देने में इन नाम और फर्म का किया गया जिक्र

समिति के पैसों को एडवांस देने के लिए उषा अग्रवाल, फिलिफ कारलेस, रितु लोधी, अनिल शर्मा, शरद पटेल, ऋषि कुमार मिश्रा, बृजमोहन कुमार अग्रवाल के नाम दर्ज किए गए हैं। इन्हें पैसा किसलिए बांटा गया है कोई जानकारी नहीं है। सहकारी संस्था के अफसरों की मानें तो रोकड़ पंजी बनाने के लिए और यह बताने के लिए पैसे खर्च हुए हैं, इसलिए ही इनके नाम दर्ज किए गए हैं। समिति द्वारा कई वर्षाें में प्लॉट के नाम पर लिए पैसों का हिसाब नहीं है। इसके कारण ही पैसों की हेराफेरी होने का शक बढ़ गया है। सहकारी संस्था के अफसरों का कहना है कि जल्द ही वसूली की चिटि्ठयां चलेंगी।

रिकॉर्ड मांगे गए हैं, अार्थिक गड़बड़ी हुई है

मोपका में सहकारी गृह निर्माण समिति ने दो करोड़ रुपए से ज्यादा की गड़बड़ी की है। रिकार्ड और हिसाब नहीं मिल रहा है। आगे वसूली के लिए चिट्‌ठी चलेगी। इन्हांेने रोकड़ पंजी में किसी फर्म को एडवांस देना लिखा है। ढूंढ़ने पर वह फर्म नहीं मिल रहा है। इसलिस आगे इसमें कार्रवाई निश्चित है। -रवींद्र तिवारी, परिसमापक, सहकारी संस्था, बिलासपुर

प्लॉट के एवज में इनसे वसूली अग्रिम राशि, भूखंड नहीं दिया

प्लॉट के लिए पैसे जमा करने वालों में नित्यानंद देवांगन, सुशीलकुमार आासरानी, विरेंद्र कुमार मंडापे, राजेश विश्वकर्मा, अल्पना अवस्थी, एस गुरुमूर्ति, वी वेंकटलक्ष्मी, भावना डोडवानी, शोभादेवी भागवानी, सुमन दरियानी, अमित कुमार पाटिल, मीनाक्षी केसरवानी, संतोषी केडिया, गीता विश्वकर्मा,आशीष चौधरी, रवि श्रीवास्तव, मानिक बुधेश्वर बंजारे, संघमित्र साहू, अर्चना राऊत, राजेश कुमार, रामकुमार यादव, शशि यादव, रामेश्वरी गिरी, राजू अप्पल स्वामी, डी भट्‌टाचार्य, प्रवीण शर्मा, सरस्वती दुबे, रितेश रॉय, आनंद अग्रवाल, रंजीता चावला, निशा झा, सुजीत घोष, मंद्रीत कौर, भारत भूषण, केपी लता, चंद्रकांत जोशी रुना गुहा, के नाम शामिल हैं। इन्हें ही रामकृष्ण नगर और राजकिशोर नगर क्षेत्र में प्लॉट उपलब्ध कराने के लिए सूची बनी है।

भास्कर में प्रकाशित खबरें।

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