8 साल बाद भी चार लॉ कॉलेजों को बीसीआई से नहीं मिली मान्यता

Bilaspur News - एजुकेशन रिपोर्टर | बिलासपुर अटल बिहारी वाजपेयी यूनिवर्सिटी से संबद्ध 4 लॉ कॉलेजों को 8 साल में भी बार काउंसिल ऑफ...

Jan 16, 2020, 06:50 AM IST
एजुकेशन रिपोर्टर | बिलासपुर

अटल बिहारी वाजपेयी यूनिवर्सिटी से संबद्ध 4 लॉ कॉलेजों को 8 साल में भी बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) से मान्यता नहीं मिली है। बीसीआई ने इन कॉलेजों का निरीक्षण करके मान्यता रिनुअल नहीं की है। वहीं 2 लॉ कॉलेजों की ताे दो साल पहले ही मान्यता खत्म हो गई है। फिर भी लॉ कॉलेज बीसीआई से मान्यता रिनुअल होने की प्रत्याशा में हर साल प्रवेश दे रहे हैं और यूनिवर्सिटी संबद्धता जारी कर देती है। इस साल भी शर्तों के साथ एयू ने डीपी विप्र लॉ, टीसीएल जांजगीर, ज्योति भूषण प्रताप सिंह लॉ कॉलेज कोरबा, स्वामी बालकृष्ण पूरी लॉ कॉलेज रायगढ़, कौशलेंद्र राव लॉ कॉलेज, शासकीय पालु राम धनिया कॉलेज रायगढ़ में संचालित लॉ कोर्स को संबद्धता जारी की है। परीक्षा भी ले रही है। इन कॉलेजों के प्राचार्यों का कहना है कि नियमानुसार बीसीआई की फीस जमा करने की प्रक्रिया कर रहे हैंै, लेकिन निरीक्षण के लिए टीम नहीं आ रही। इसके लिए वे लगातार संपर्क कर रहे हैं, लेकिन हर बार यही जवाब मिलता है टीम को निरीक्षण के लिए जल्द भेजा जाएगा। लॉ कॉलेजों की मान्यता नहीं होने से छात्रों को दूसरे राज्यों में बार काउंसिल ऑफ इंडिया रजिस्ट्रेशन नहीं कर रही। इससे एक सत्र में पास आउट 1600 से अधिक छात्रों का करियर दांव पर है। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि यदि निरीक्षण के बाद कॉलेजों में कमियां मिलीं और मान्यता रोक दी ताे ऐसे कॉलेज से लॉ करने वाले छात्रों की डिग्री रद्दी हो सकती है। 8 साल के दौरान ऐसे कॉलेज से तीन बैच पास होकर निकल चुके हैं।

इन कॉलेजों को इस सत्र के लिए ही मिली थी मान्यता

कॉलेज सीट मान्यता सत्र

डीपी विप्र 440 2013-14

केआर लाॅ 380 2017-18

टीसीएल 320 2012-13

स्वामी बालकृष्ण 320 2012-13

पालुराम धनिया 60 2017-18

ज्योति भूषण 80 2011-12

कॉलेजों को रिनुअल की प्रक्रिया पूरी करनी होगी

राज्य बार काउंसिल के अध्यक्ष प्रभाकर चंदेल ने कहा कि कॉलेजों की मान्यता अगर तीन साल के लिए मिली थी तो उसे खत्म होने के पहले ही निरीक्षण के लिए कॉलेजों को फीस पटाकर प्रक्रिया शुरू कर देनी थी। कॉलेजों के मान्यता की लिस्ट देखकर बार काउंसिल ऑफ इंडिया को जानकारी दी जाएगी। साथ ही कॉलेजों से भी जानकारी ली जाएगी।

2012 के बाद केआर लॉ कॉलेज की मान्यता रिनुअल नहीं हुई थी

केआर लॉ कॉलेज की भी सत्र 2012 के बाद बीसीआई से मान्यता रिनुअल नहीं हुई थी। जब बीसीआई की टीम ने निरीक्षण किया तो इस तरह की लापरवाही के लिए केआर लॉ कॉलेज को 14 लाख रुपए जुर्माना भरना पड़ा था। इसके बाद मान्यता रिनुअल हुई और पास आउट छात्रों की डिग्री मान्य हुई।

निरीक्षण के लिए प्रक्रिया चल रही है

लॉ कॉलेज के डीन डॉ. अन्नू भाई सोनी ने कहा कि बीसीआई को मान्यता खत्म होने की जानकारी दी गई है। निरीक्षण के लिए भी प्रक्रिया चल रही है। पिछले सत्रों से मान्यता रिनुअल हो जाती है। छात्रों को परेशानी नहीं होगी। केआर लॉ कॉलेज के प्राचार्य सतीश तिवारी ने कहा कि पिछली गलती में 14 लाख जुर्माना पटाना पड़ा था। अब फिर टीम को निरीक्षण के लिए पत्र लिखा हूं।

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