जनता जागी तब मिला हाईकोर्ट और जोन: हवाई सेवा के लिए कारवां बढ़ने लगा

Bilaspur News - सूर्यकान्त चतुर्वेदी | बिलासपुर शहर में जन संघर्ष का इतिहास 100 साल पुराना है। जब जब नेतृत्व कमजोर पड़ा, जनता ने हक...

Nov 26, 2019, 06:26 AM IST
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सूर्यकान्त चतुर्वेदी | बिलासपुर

शहर में जन संघर्ष का इतिहास 100 साल पुराना है। जब जब नेतृत्व कमजोर पड़ा, जनता ने हक की लड़ाई का झंडा अपने हाथों में थाम लिया। 1930 में पहली बार टाउनहाल में तिरंगा फहराने के लिए क्रांतिकुमार भारतीय सफल हुए तो वहां जनता की भीड़ पुलिस की लाठियां झेल रही थी। मेडिकल कालेज के लिए 1970 के दशक में राघवेंद्र राव सभा भवन में पांच पांच मंत्री जनता की भीड़ से घिर गए थे। पुलिस को उन्हें बचाने पिछले दरवाजे से ले जाना पड़ा। आज हमारे पास मेडिकल कालेज है। 1980 में जिला अधिवक्ता संघ ने हाईकोर्ट की खंडपीठ की मांग के लिए आंदोलन शुुरू किया। अधिवक्ता दयाराम शर्मा के नेतृत्व में 89 दिन तक जिला कोर्ट को बंद कर दिया गया। साल 2000 में प्रतिनिधिमंडल ने तत्कालीन प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी से भेंट की। उन्होंने पृथक छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण और उसके अलग हाईकोर्ट की स्थापना की जानकारी देकर खुश कर दिया। रायपुर ने अपने -अपने रसूख से राजधानी हासिल कर ली तो बिलासपुर को हाईकोर्ट से संतोष करना पड़ा। रेलवे जोन के हक की लड़ाई 1981 में बसंत मुलकुलवार और कामरेड मुश्ताक की नुमाइंदगी में शुरू हुई। 1988 आते तक इसमें राजनीतिक दखल समाप्त करते प्रेस क्लब ने राघवेंद्र राव सभा भवन में सर्वदलीय आंदोलन की पृष्टभूमि तैयार की। 1996 में रेलवे इंजिन में आग लगाने और भयंकर तोड़फोड़ की घटना के बाद आंदोलन की चिंगारी भड़क उठी। नेताओं को आपराधिक मामले मुकदमों में फंसा दिया गया। तब छात्र युुवा जोन संघर्ष समिति ने आंदोलन का झंडा उठाया। 2003 में बिलासपुर को रेलवे जोन मिला। इसी राघवेंद्र राव हाल परिसर में अब 31 दिनों से हवाई सुविधा जनसंघर्ष समिति बेमुद्दत आंदोलन कर रही है, तो उसमें धीरे धीरे सभी दल,संस्था, संगठनों के साथ आम जनता का जुड़ाव होता जा रहा है। कारवां बढ़ने लगा है तो कामयाबी की गुंजाइश भी बढ़ने लगी है।

राघवेंद्र राव सभा भवन में हवाई सेवा के लिए 31वें दिन भी आंदोलन जारी रहा।

आज 32 वां दिन: गांधी चौक से मौन रैली : हवाई सुविधा जन आंदोलन अखंड धरना के 31 वें दिन चंद्रपुरिया कसौंधन समाज ने अपना समर्थन दिया। मंगलवार को शाम 5 बजे गांधी चौक से नेहरू चौक तक मौन रैली निकालने का आह्वान सुदीप श्रीवास्तव, अशोक भंडारी, देवेंद्र सिंह, बद्री यादव, समीर अहमद, धर्मेश शर्मा, रामशरण यादव, महेश दुबे, राकेश शर्मा, सुशांत शुक्ला, पंकज सिंह, कमल सिंह ठाकुर आदि ने किया है।

कभी भी मिल सकते हैं 5 करोड़...

बिलासपुर को चाहिए 3 सी केटेगरी का लाइसेंस। इसके अंतर्गत 72-78 यात्रियों की क्षमता वाला हवाई जहाज यहां उतर सकेगा। इस क्षमता के हवाई जहाज एयर इंडिया, स्पाइसजेट और इंडिगो के पास हैं। जनसंघर्ष समिति ने चीफ सेक्रेटरी आरपी मंडल तक अपनी बात पहुंचा दी है। चकरभाठा चुनावी आचार संहिता के दायरे से बाहर है। दूसरी मांग 4 सी केटेगरी के लाइसेंस के लिए है। हाल ही में केंद्रीय उड्‌डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी को राज्य सरकार ने जो प्रस्ताव दिया गया है, उसमें चकरभाठा शामिल नहीं है। साफ है कि आंदोलन का विस्तार हुआ तो जनबल के सामने सरकार को सहमत होना ही पड़ेगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की प्राथमिकता में बिलासपुर है, तो 5 करोड़ कोई बड़ी बात नहीं है। इसकी घोषणा कभी भी हो सकती है।

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