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बढ़ी रेत की कीमत... मकान बनाना महंगा

एक वर्ष पहले
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रेत की कीमत बढ़ने की वजह से अब मकान निर्माण की लागत अचानक बढ़ गई है। एक हजार स्क्वेयर फीट का मकान बनाने में 25 से 30 हजार रुपए ज्यादा लग रहे हैं। महीने भर पहले तक रेत प्रति ट्रैक्टर 900-1000 रुपए में मिलती थी। अब उसके 1400-1500 रुपए वसूले जा रहे हैं। इतना ही नहीं सीमेंट और छड़ की कीमत भी बढ़ गई है जिसकी वजह से मकान की लागत में दस फीसदी की बढ़ोतरी हो गई है।

रेत की कीमत को नियंत्रित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा घाटों को निजी हाथों में सौंपना लोगों को पर भारी पड़ गया है। नीलाम हो चुके सरकंडा, मंगला, घुटकू और लच्छनपुर के साथ ही अन्य रेत घाटों में भी सिंडीकेट काम कर रहा है। इसमें नेताओं के साथ ही शराब के पुराने कारोबारी और भूमाफिया जुड़े हैं। रोज सैकड़ों गाड़ियों में बगैर रायल्टी लिए रेत लोड की जा रही है। माइनिंग अफसरों की मिलीभगत से रेत उत्खनन के नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। शाम को उत्खनन में पाबंदी के बावजूद रेत तक रेत खुदाई की जा रही है। बगैर रायल्टी रेत उत्खनन की आड़ में माइनिंग विभाग के अफसर ट्रैक्टर वालों से 300 से 600 रुपए तक वसूल रहे हैं, जबकि हाइवा वालों से 1530 रुपए की जगह 1800 रुपए लिए जा रहे हैं। नतीजतन मकान बनाने वालों से रेत की कीमत बढ़ाकर ली जा रही है। इसका सीधा असर मकान निर्माण करने वाले और खासतौर पर मध्यम व निम्न मध्यवर्गीय परिवारों पर पड़ रहा है। मकान निर्माण करने वालों के मुताबिक एक हजार स्क्वेयर फीट मकान बनाने के लिए पाइलिंग से लेकर टाइल्स लगाने तक 50 ट्रैक्टर रेत की जरूरत पड़ती है। पहले रेत 1000 रुपए ट्रैक्टर में मिल जाती है यानी 50 हजार रुपए लगते थे लेकिन अब रेत 1500 रुपए में मिल रही है यानी उतनी ही रेत 75 हजार रुपए में मिल रही है। हालांकि रेत की कीमत शहर के इलाकों पर भी निर्भर है। उसलापुर इलाके में रेत की कीमत 100-200 रुपए कम में मिल जा रही है। पर इससे लागत में बहुत राहत नहीं मिल रही है।

जानिए एक माह में कितनी बढ़ गई मटेरियल की कीमतें

बिल्डिंग मटेरियल की कीमत

सामग्री जनवरी मार्च

{रेत 1400-1500 1400-1500 रुपए प्रति ट्रैक्टर

{छड़ 3800-3900 4200-4300 रुपए प्रति क्विंटल

{सीमेंट 255-265 260-279 रुपए प्रति 50 किलो

{लाल ईंट 3900-4000 4600-4700 रुपए प्रति हजार

(कीमतें, ट्रेडर्स से मिली जानकारी के मुताबिक)

छड़-सीमेंट ने भी उड़ाए होश


मकान निर्माण करने वालों को जहां रेत की बढ़ी हुई कीमत ने परेशान कर रखा है वहीं छड़ यानी सरिया और सीमेंट भी बढ़ी हुई कीमत पर खरीदना पड़ रहा है। सीमेंट इस बार गर्मी के पहले ही 260-270 रुपए बैग हो तो छड़ एक माह में प्रति किलो चार रुपए बढ़ गया है 3800 रुपए क्विंटल का छड़ 4200 रुपए हो गया है।


सीएम बोले- घटेगी रेत की कीमत

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार में उनके चहेते रेत खदान चला रहे थे। अभी हमने नियमानुसार रेत ठेका दिया है। प्रदेश में 200 खदान स्वीकृत किए गए हैं। जैसे-जैसे और खदानें स्वीकृत होंगी, रेत की कीमत कम होगी। पर वह नहीं समझते कि रेत की कीमत 5 हजार हाइवा से अधिक हो गई होगी।

ईंट की कीमत 5 फीसदी बढ़ गई


4000 रुपए प्रति हजार में मिलने वाली ईंट 4600-4700 रुपए में मिल रही है। यानी प्रति हजार 600 से 700 रुपए अतिरिक्त लग रहे हैं। एक हजार स्क्वेयर फीट के मकान में 25 हजार ईंट लग जाता है। इससे 17 हजार 500 रुपए तक ज्यादा खर्च हो रहे हैं।


घाटों पर सिंडीकेट राज : 900 रुपए ट्रैक्टर की रेत के अब 1500 रुपए वसूले जा रहे

हम लगातार कार्रवाई कर रहे हैं


{ रायल्टी चोरी हो रही है इसलिए रेत की कीमत बढ़ रही है, आप जिम्मेदार हैं?

0 रायल्टी चोरी की शिकायत पर खदान संचालकों को नोटिस दिया गया है। उनके जवाब का इंतजार है। इतना कहूंगा कि मैं अपना काम
कर रहा हूं।

{ रेत की कीमत नियंत्रित करने में आप और आपका विभाग नाकाम है, आपका क्या
कहना है?

ऐसा नहीं है। हम अवैध परिवहन करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। विभाग जनता के हित के लिए ही काम करता है।

मंगला इलाके में निर्माणाधीन मकान।


डॉ. दिनेश मिश्रा, उप संचालक खनिज विभाग**

लोगों के सपने पर लालच भारी : किराए के मकान में रहते हुए हर कोई भले ही छोटा ही सही, मकान बनवाकर उसमें रहना चाहता है। पर सिंडीकेट का लालच उनके सपने पर पूरी तरह भारी पड़ रहा है। अपने सपने को पूरा करने लोगों को ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है।


क्या कहते हैं विशेषज्ञ : मकान निर्माण के जानकार इरशाद के मुताबिक प्रति एक हजार स्क्वेयर फीट मकान बनाने में 12 लाख रुपए लागत आती है। रेत की कीमत बढ़ने से लागत बढ़ गई है। विशेषज्ञ अनिरुद्ध पाठक कहते हैं कि बार-बार बिकने की वजह से रेत कीमत और बढ़ रही है। शासन इस पर अंकुश लगाए।
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नॉलेज...**

शिवरीनारायण की रेत भी महंगी : पहले की तुलना में शिवरीनारायण से आने वाली बारीक रेत भी महंगी हो गई है। पहले यह 6500 रुपए में हाइवा में आता था लेकिन अब 7 हजार रुपए तक चुकाने पड़ रहे हैं। यह रेत प्लास्टर के काम आता है। हालांकि मस्तूरी और मल्हार से भी रेत आ रही है।**

मकान बनाने की अवधि बढ़ गई

रेत, छड़, सीमेंट और ईंट की कीमत बढ़ने की वजह से मकान बनाने की अवधि बढ़ गई है। यानी चार माह की बजाय यह आठ माह में पूरा हो रहा है। क्योंकि सामान्य परिवारों के लिए मकान बनवाना आसान नहीं रहा। बिल्डिंग मटेरियल खरीदने के बाद वे ठेकेदारों को पेमेंट नहीं कर पा रहे हैं।

कीमत बढ़ने से आम लोगों की मुश्किलें बढ़ी
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