लालबहादुर शास्त्री स्कूल के छत से युवक कूदा, एक दिन बाद मौत

Bilaspur News - लालबहादुर शास्त्री स्कूल की छत से युवक कूद गया। उसे गंभीर हालत में सिम्स में भर्ती कराया गया था। जहां उसकी मौत हो...

Bhaskar News Network

Jul 14, 2019, 06:25 AM IST
Bilaspur News - chhattisgarh news lalbahadur shastri school youth kills from the roof one day after death
लालबहादुर शास्त्री स्कूल की छत से युवक कूद गया। उसे गंभीर हालत में सिम्स में भर्ती कराया गया था। जहां उसकी मौत हो गई। युवक के छलांग लगाने के कारणों का पता नहीं चला है। पुलिस जांच में जुटी है। घटना सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र की है। बाल्मीकी चौक निवासी पवन महतो पिता दुर्जन महतो 35 वर्ष स्वीपर था। वह नशे का भी आदी थी। मां-बाप की मौत के बाद वह घर पर अकेले ही रहता था। शुक्रवार की सुबह 6.30 से लोगों ने उसे लालबहादुर शास्त्री स्कूल परिसर के आसपास घूमते देखा था। वह नशे में धुत था। स्कूल भवन के बाहर छत पर चढ़ने की सीढ़ी है। वह इसके सहारे छत पर चढ़ गया। नीचे कूदा तो आवाज आई। आसपास मौजूद रिक्शा वालों की उस पर नजर पड़ी। पड़ोसी रिक्शा चालक सहदेव गोड़ ने उसे ले जाकर सिम्स में भर्ती कराया। पवन का हाथ, पैर टूट गया था। सिर से काफी खून बह रहा था। सिम्स में डॉक्टरों ने भर्ती किया। आईसीयू में उसका इलाज चल रहा था। शनिवार की सुबह 7 बजे उसकी मौत हो गई। परिजनों को सूचना मिली तो वे सिम्स पहुंचे। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। युवक के खुदकुशी करने के कारणों का पता नहीं चला है। पवन के जीजा राजेंद्र असरेठ को पुलिस ने शव को सुपुर्द किया।

शहर का गौरव रहे स्कूल में पढ़ाई से ज्यादा अन्य काम

शहर का लालबहादुर शास्त्री स्कूल 1862 से संचालित हो रहा है। तब यहां 4000 हजार से अधिक स्टूडेंट पढ़ते थे। यह शहर का गौरव रहा है। निगम के इस स्कूल में कई बड़ी हस्तियां पढ़कर निकली। तब यहां एडमिशन मतलब बड़ी बात होती थी लेकिन अब यहां असामाजिक तत्वों का डेरा रहता है। शनिचरी बाजार से सटे स्कूल को तो एक नशे के आदी व्यक्ति ने अपनी आत्महत्या के लिए चुन लिया। गेट पर न ताला नहीं लगता क्योंकि मैदान को वाहन पार्किंग बना लिया गया है। यहां नशे के आदी लोग आते-जाते हैं। बता दें कि समय के साथ स्कूल में बच्चों की संख्या घटती चली गई। अभी सिर्फ 273 बच्चे व 19 शिक्षक हैं। सुबह 6 से 11 बजे तक छठवीं से आठवीं तक 60 बच्चों की तो दोपहर 12 बजे से शाम पांच बजे तक नवमी से बारहवीं तक के 213 बच्चों की क्लास चलती है। बच्चों की संख्या घटी तो कुछ कमरों में दूसरे दफ्तर खोल दिए गए। दो एकड़ का खेल मैदान है। यहां सरकारी व निजी कार्यक्रम होते हैं। लोकसभा चुनाव में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सभा हो या फिर 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली, यहीं हुई थी। रावत नाच महोत्सव, बिलासा कला सम्मान, बैल दौड़, कथा-भागवत सहित कई कार्यक्रम यहां होते हैं। 5 कमरे जो अब बीटीआई यानी बुनियादी प्रशिक्षण संस्था को दे दिए गए हैं। नीचे तीन लैब हैं। मिडिल स्कूल के हेड मास्टर विनोद तिवारी ने बताया कि जहां मिडिल के बच्चों की क्लास लगती थी वहां अब बीटीआई का कब्जा है। बच्चों का खेल मैदान वाहन पार्क करने के काम आ रहा है। सरकारी कार्यक्रम इसी मैदान में होते हैं।

X
Bilaspur News - chhattisgarh news lalbahadur shastri school youth kills from the roof one day after death
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना