मंजू दीदी ने कहा- गीता केवल पढ़ने का नहीं अपितु समझकर जीवन में अपनाने का शास्त्र

Bilaspur News - श्रीमद् भगवत गीता सर्व शास्त्रमयी शिरोमणि है, स्वयं भगवान के द्वारा गाया गया गीत है। केवल यही शास्त्र है इसमें...

Oct 22, 2019, 06:45 AM IST
श्रीमद् भगवत गीता सर्व शास्त्रमयी शिरोमणि है, स्वयं भगवान के द्वारा गाया गया गीत है। केवल यही शास्त्र है इसमें भगवानुवाच लिखा हुआ है। स्वामी विवेकानंद ने अमेरिका में आयोजित धर्मसभा में गीता का मान बढ़ाते हुए गीता को सर्व शास्त्रों का आधार बताया। यह बातें ब्रह्मकुमारीज टिकरापारा में आयोजित राजयोग मेडिटेशन के एडवांस कोर्स में सेवाकेंद्र प्रभारी ब्रकु मंजू दीदी ने कही।

उन्होंने आगे कहा कि गीता एक तरह का मनोवैज्ञानिक शास्त्र है जो केवल पढ़ने के लिए नहीं अपितु गहराई से समझकर जीवन में धारण करने योग्य शास्त्र है। आज से पांच हजार वर्ष पहले गीता का ज्ञान दिया गया था और ज्योतिष शास्त्रियों के अनुसार आज भी वही गीता ज्ञान के समय के ग्रह, नक्षत्र दिखाई देते हैं। दुर्योधन अर्थात धन का दुरुपयोग करने वाला, दुस्साषन- दुस्साहस के साथ शासन करने वाला, शकुनी हर घर में लड़ाई-झगड़े की जड़। आज से सौ वर्ष पहले देखें तो उस समय इतने गलत कर्म, दुष्कर्म नहीं होते थे। लेकिन आज विकारों की अति हो गई है। इन्हीं विकारों की अति का अंत करके स्वर्ग की स्थापना के लिए स्वयं भगवान इस धरा पर अवतरित होकर गीता का ज्ञान दे रहे हैं। परिस्थिति व समस्याओं जैसे युद्ध की स्थिति में भी स्थिर रहने वाले युधिष्ठिर, ज्ञान का सदा अर्जन करने वाले अर्जुन, गुणों को अपनाने में देवताओं की नकल करने वाले नकुल व सदा सबको सहयोग देने की भावना रखने वाले सहदेव की तरह हैं।

टिकरापारा में राजयोग मेडिटेशन के एडवांस कोर्स में उपस्थित लोग।

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