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शेफर्ड स्कूल में नहीं बनी नाली, निगम ने ध्यान दिया नहीं, मैदान में जम रहा कीचड़

एक वर्ष पहले
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शहर का सबसे पुराना शेफर्ड स्कूल। यूं कहें तो विरासत। पर सहेजने को कोई भी तैयार नहीं। नतीजा स्कूल उजाड़ और बच्चे समेत पूरा प्रबंधन परेशान। चार साल पहले नाली के लिए टेंडर भी हुआ था। जो आज तक नहीं बना है। इसके कारण ही बारिश का पानी परिसर में जमा हो चुका है। इसके अलावा स्कूल परिसर में मिट्‌टी डंप की जा रही है। इसके कारण भी पूरा प्रबंधन महीनों से परेशान है।

इसी का नतीजा है कि आस-पास के मोहल्ले का गंदा पानी स्कूल परिसर में जमा हो रहा है। गंदगी के कारण छात्रों और स्टाफ का आना-जाना और दुर्गंध के कारण क्लासारूम में बैठना दूभर है। यहां पिछले छह साल से खेल गतिविधियां बंद हैं। इसका असर छात्रों के शारीरिक विकास पर पड़ रहा है। स्कूल प्रबंधन का आरोप है कि इन समस्याओं की जड़ में नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारियों का लापरवाह रवैया है। वे कई सालों से नाली निर्माण करवाने की मांग करते आ रहे हैं, जिस पर वर्ष 2012 के नगर सुराज अभियान में सुनवाई हुई। इसमें धरम प्रकाश की चाल से राजस्व मंडल तक नाली निर्माण काम तय हुआ। इसमें ही आज तक काम नहीं हुआ। और यही स्कूल प्रबंधन की सबसे बड़ी वजह है। प्रबंधन इसकी शिकायतें करते आ रहे हैं।

दिनभर नजर रखनी पड़ती
है बच्चों की, दिक्कत बनी


गंदे पानी के कारण स्कूल परिसर में दल-दल जमा हो गया है। टीचर्स को डर सताता है कि कहीं कोई छात्र खेलते-खेलते कीचड़ में फंस न जाए। इसको देखते हुए वे निगम कमिश्नर समेत अन्य अधिकारियों को नाली निर्माण करवाने का कहकर थक चुके हैं। पर अभी तक राहत दूर है। दिनभर यहां स्कूल प्रबंधन को बच्चों पर नजर रखनी पड़ती है। कुछ दिन पहले यहां मिट्‌टी डंप की जा रही है। इसके अलावा स्कूल आने-जाने वाली सड़क में ओवरलोड ट्रकें गुजर रहीं। इससे ही पूरा स्कूल प्रबंधन परेशान हो चुका है। सड़कें भी उखड़ चुकी है और बदहाली का आलम यह है कि हर दिन स्कूल प्रबंधन तकलीफ उठाने को लाचार है।
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