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रानीगांव में मरीजों की संख्या 300 के पार

एक वर्ष पहले
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सामुदायिक केंद्र के प्रभारी डॉक्टर बिना बताए छुट्‌टी पर गए

रतनपुर स्थित रानीगांव में सर्दी, खांसी, बुखार तथा अन्य बीमारियों से पीड़ितों की संख्या 300 के पार पहुंच गई है। यह सभी पिछले एक सप्ताह से बीमार हैं लेकिन स्वास्थ्य महकमे का ध्यान इनकी तरफ नहीं गया। लापरवाही की हद तो तब हो गई जब रतनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉक्टर बिना बताए ही अवकाश पर चले गए। बड़ी संख्या में लोगों के बीमार होने की खबर मुख्यालय पहुंची तब शनिवार को महकमे ने पंचायत भवन के एक कमरे में कैम्प लगवा दिया। जांच में सर्दी, खांसी, बुखार, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, पेट दर्द सहित अन्य बीमारियों से पीड़ित मरीज मिले हैं, जिनका इलाज पैरा मेडिकल स्टाफ कर रहा है। रानीगांव में कुछ ग्रामीणों की हालत नाजुक दिखी तो उन्हें इलाज के लिए रतनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए रेफर कर दिया गया।

झोलाछाप कर रहे इलाज

रानीगांव में एक तरफ जहां स्वास्थ्य विभाग द्वारा जांच व इलाज के लिए कैम्प लगाया गया था तो दूसरी तरफ झोलाछाप डॉक्टरों के यहां मरीजों की लंबी लाइन लगी हुई थी। जानकारी लेने पर पता चला कि झोलाछापों की रानीगांव में 5 क्लीनिक हैं। जहां लोग इलाज कराने जाते हैं। जिम्मेदार डॉक्टर व अधिकारी मौके पर ही थे लेकिन झोलाछापों की तरफ किसी ने ध्यान ही नहीं दिया।

जिन डॉक्टरों के नाम वह मौके पर मिले ही नहीं

रानीगांव के पीड़ितों के इलाज के लिए जिन डॉक्टरों के नाम रोस्टर में दर्ज थे वह मौके पर पहुंचे ही नहीं। जब इनके बारे में जानकारी ली गई तो बीएमओ कोई जबाव नहीं दे सके। रतनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डाॅ. अनिल श्रीवास्तव बिना बताए ही अवकाश पर चले गए हैं। इनके बारे में कहा गया कि जब वह आएंगे तब नोटिस जारी कर उनसे पूछा जाएगा।

झोलाछाप डॉक्टर की क्लीनिक में उपचार कराते मरीज।
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